Jamshedpur Jail Healthcare: कैदियों को समय पर इलाज की गारंटी, यूसीआईएल ने सीएसआर से 3 जेलों को उपलब्ध कराई एंबुलेंस, जाने कैसे रोकी जाएगी अस्पताल पहुँचने में होने वाली देरी?
जमशेदपुर की जेलों में कैदियों की स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर बड़ी पहल! जिला प्रशासन की अपील पर UCIL ने CSR मद से घाघीडीह, साकची और घाटशिला जेल को 3 नई एंबुलेंस सौंपी। उपायुक्त ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना।
जमशेदपुर, 29 नवंबर 2025 – पूर्वी सिंहभूम (East Singhbhum) जिले की जेलों (Jails) में बंद कैदियों (Inmates) को स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थितियों (Health Emergencies) के दौरान अस्पताल (Hospital) पहुँचने में होने वाली अनावश्यक देरी (Unnecessary Delay) अब बीते दिनों की बात हो सकती है। जिला प्रशासन (District Administration) की एक महत्वपूर्ण मानवीय (Humanitarian) पहल (Initiative) पर यूरनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (UCIL) ने अपने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) मद से तीन जेलों को तीन नई एंबुलेंस (Ambulances) उपलब्ध कराई हैं।
आज (Today) समाहरणालय (Collectorate) परिसर में उपायुक्त (Deputy Commissioner) श्री कर्ण सत्यार्थी (Karn Sathyarthi) ने स्वयं तीनों एंबुलेंसों को हरी झंडी (Green Flag) दिखाकर रवाना (Sent Off) किया और संबंधित जेल अधीक्षकों (Superintendents) को उनकी चाबियां (Keys) सौंपी। यह कदम जेल प्रबंधन (Jail Management) की स्वास्थ्य सेवाओं (Health Services) को निश्चित रूप से एक नई दिशा (New Direction) देगा।
इन तीन जेलों को मिली तत्काल राहत
UCIL के इस CSR सहयोग (Cooperation) से जिले की तीन प्रमुख जेलों की स्वास्थ्य प्रतिक्रिया क्षमता (Health Response Capacity) में महत्वपूर्ण वृद्धि (Significant Increase) होगी:
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घाघीडीह मंडल कारा (Ghaghidih Central Jail)
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साकची जेल (Sakchi Jail)
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घाटशिला जेल (Ghatshila Jail)
उपायुक्त श्री सत्यार्थी ने इस अवसर (Occasion) पर जेल प्रबंधन को निर्देशित (Instructed) किया कि इन वाहनों (Vehicles) का संचालन (Operation) पूरी जिम्मेदारी, संवेदनशीलता (Sensitivity) और तत्परता (Promptness) के साथ होना चाहिए। उन्होंने कहा, "किसी भी बीमार कैदी को समय पर उपचार (Treatment) प्रदान करना हमारी प्राथमिकता (Priority) है। कई बार गंभीर (Serious) हालत में कैदियों को MGM अस्पताल (MGM Hospital) या रांची (Ranchi) रेफर (Refer) करना पड़ता है, ऐसे में एंबुलेंस की उपलब्धता (Availability) बहुत बड़ी सहूलियत (Convenience) होगी।"
क्यों जरूरी थी यह पहल?
जेलों में कैदियों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं (Health Services) एक मानवाधिकार (Human Right) का मुद्दा (Issue) रहा है। अक्सर यह देखा जाता था कि आपातकाल (Emergency) के दौरान समय पर सरकारी एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने के कारण कैदियों को अस्पताल पहुंचाने में देरी होती थी, जिसका सीधा असर उनके इलाज और जान पर पड़ता था।
UCIL द्वारा मिलकर की गई इस पहल के कारण अब इलाज में होने वाली अनावश्यक देरी को रोकना संभव (Possible) हो पाएगा, जो कैदियों के लिए 'समय पर उपचार' की गारंटी (Guarantee) देता है।
उपायुक्त ने UCIL प्रबंधन (Management) का आभार (Thanks) व्यक्त करते हुए कहा कि यह मानवीय संवेदनशीलता (Human Sensitivity) से जुड़ा एक अत्यंत उपयोगी (Extremely Useful) कदम है। इस सहयोग से जिले की जेल प्रणाली (Jail System) में एक बड़ा सुधार (Major Improvement) आएगा। टीम पीआरडी (Team PRD) पूर्वी सिंहभूम ने भी इस सफल पहल को एक सकारात्मक (Positive) विकास बताया है।
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