Jamshedpur Cyber Fraud: पुलिस ने पकड़ा बड़ा ठगी गिरोह, कई राज्य थे निशाने पर

जमशेदपुर साइबर थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर साइबर ठगी गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया। यह गिरोह बैंक खाते खुलवाकर और सोशल मीडिया पर लालच देकर लाखों की ठगी करता था। पुलिस ने 13 मामलों में दर्ज आरोपियों पर बड़ी कार्रवाई शुरू की है।

Aug 20, 2025 - 18:05
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Jamshedpur Cyber Fraud: पुलिस ने पकड़ा बड़ा ठगी गिरोह, कई राज्य थे निशाने पर
Jamshedpur Cyber Fraud: पुलिस ने पकड़ा बड़ा ठगी गिरोह, कई राज्य थे निशाने पर

जमशेदपुर के साइबर अपराध थाना पुलिस ने मंगलवार देर रात गुप्त सूचना के आधार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में गिरोह के दो सक्रिय सदस्य गिरफ्तार किए गए हैं। पकड़े गए आरोपियों के नाम राहुल भक्त (निवासी छोटा गोविंदपुर, परसुडीह थाना क्षेत्र) और उतम भक्त (निवासी कालापाथर, जादूगोड़ा) बताए गए हैं।

पुलिस ने इनके पास से दो मोबाइल फोन और तीन सिम कार्ड बरामद किए हैं, जिनका इस्तेमाल ठगी की वारदातों में किया जाता था।

 गिरोह का खुलासा – कैसे चलती थी ठगी की फैक्ट्री?

पकड़े गए आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि वे अकेले नहीं बल्कि एक पूरे संगठित साइबर ठगी गिरोह का हिस्सा हैं। इस गिरोह में महावीर भक्त, मलय भक्त, प्रीतिश राज, मानतोष भक्त, उज्जवल प्रमाणिक और अमित भक्त शामिल हैं।

गिरोह का मॉडस ऑपरेंडी बेहद चालाकी से तैयार किया गया था –

  • गांव-गांव जाकर भोले-भाले लोगों से बैंक खाते खुलवाना

  • फिर उन खातों को गिरोह के अन्य सदस्यों को बेचना

  • बाद में उन्हीं खातों का इस्तेमाल करके ऑनलाइन ठगी करना।

इस प्रक्रिया में ठगी की कमाई का 10% हिस्सा इन बिचौलियों को मिलता था, जिसमें से 5% खाता खुलवाने वाले व्यक्ति को दे दिया जाता था।

टेलीग्राम और व्हाट्सएप से जाल बिछाया जाता था

पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य टेलीग्राम ऐप और व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते थे। ये आरोपी लोगों को आकर्षक ऑफर, इनाम और लालच देकर जाल में फंसाते और फिर उनसे लाखों रुपये ठग लेते थे।

कई राज्यों में दर्ज हैं मामले

गिरफ्तार दोनों युवकों के खिलाफ विभिन्न राज्यों में एनसीसीआरपी के तहत 13 मामले दर्ज हैं। इसका मतलब साफ है कि यह गिरोह सिर्फ झारखंड ही नहीं बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय था।

 पुलिस की अगली कार्रवाई

फिलहाल पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, लेकिन बाकी फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे गिरोह को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

छापामारी दल में कौन-कौन थे?

इस सफल छापेमारी में थाना प्रभारी श्रीनिवास कुमार (पुनि), अंजनी कुमार (पुनि), अनुज कुमार (पुअनि) और सशस्त्र बल की टीम शामिल थी।

साइबर अपराध से सबक

जमशेदपुर का यह मामला फिर से याद दिलाता है कि साइबर अपराधी कितनी संगठित तरीके से ठगी का जाल बुनते हैं। वे सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भरोसा करने वाले लोगों को निशाना बनाते हैं।

 अगर कोई आपको अनजान लिंक, निवेश का ऑफर या इनाम का संदेश भेजे, तो सावधान रहें।
 किसी भी हालत में अपने बैंक खाते, ओटीपी या व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें।
 संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन को सूचना दें।

 यह गिरफ्तारी दिखाती है कि झारखंड पुलिस साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। आने वाले दिनों में इस पूरे नेटवर्क के ध्वस्त होने की उम्मीद है।

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Team India मैंने कई कविताएँ और लघु कथाएँ लिखी हैं। मैं पेशे से कंप्यूटर साइंस इंजीनियर हूं और अब संपादक की भूमिका सफलतापूर्वक निभा रहा हूं।