Jamshedpur Crime Alert: करीबियों ने घर में डाला डाका, गांजा तस्कर दबोचा गया और दहेज लोभियों पर कसी नकेल
जमशेदपुर के बर्मामाइंस में घर आने-जाने वाले करीबियों ने ही चोरी की वारदात को अंजाम देकर भरोसे का कत्ल कर दिया है। इधर बागबेड़ा में नशे के सौदागर की गिरफ्तारी और मानगो में दहेज उत्पीड़न के बड़े मामले ने शहर में हड़कंप मचा दिया है। इन सभी अपराधों के पीछे छिपी कड़वी सच्चाई हर नागरिक को सतर्क करने वाली है।
जमशेदपुर, 18 दिसंबर 2025 – लौहनगरी जमशेदपुर में अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ता जा रहा है। पिछले चौबीस घंटों के भीतर बर्मामाइंस, बागबेड़ा और मानगो क्षेत्र से ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जिन्होंने सामाजिक सुरक्षा और पारिवारिक रिश्तों पर गंभीर प्रश्न चिह्न खड़ा कर दिया है। कहीं भरोसेमंद दोस्त ही चोर निकले, तो कहीं नशे का कारोबार युवा पीढ़ी को दीमक की तरह चाट रहा है।
बर्मामाइंस: भरोसे का खून और शातिर चोरी
बर्मामाइंस थाना क्षेत्र के दीपू बस्ती में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ की निवासी राखी पात्रो के घर को किसी बाहरी ने नहीं, बल्कि उनके अपने ही परिचितों ने निशाना बनाया। चोरों ने घर से नकद बारह हजार रुपये और कीमती मोबाइल पर हाथ साफ कर दिया।
ऐतिहासिक दृष्टि से देखा जाए तो बर्मामाइंस का इतिहास मजदूर बस्तियों और औद्योगिक संघर्षों से जुड़ा रहा है। यह इलाका सदा से अपनी एकजुटता के लिए जाना जाता था, किन्तु अब यहाँ भी अपराध ने पैर पसार लिए हैं। राखी पात्रो की शिकायत पर पुलिस ने टेल्को के अभिषेक कुमार और गांधी बस्ती के राहुल दास के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की है। यह दोनों अक्सर राखी के घर आते-जाते थे, जिसका फायदा उठाकर उन्होंने 13 से 17 दिसंबर के बीच इस घटना को अंजाम दिया।
बागबेड़ा: नशे के खिलाफ पुलिस का प्रहार
नशे के खिलाफ जारी अभियान में बागबेड़ा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लाल बिल्डिंग पानी टंकी के पास से सुनील पात्रो उर्फ टकाल को भारी मात्रा में गांजा के साथ गिरफ्तार किया गया है। सुनील रामनगर का रहने वाला है और लंबे समय से पुलिस की राडार पर था।
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जांच का दायरा: गिरफ्तार अभियुक्त ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। अब पुलिस उन सफेदपोश आकाओं की तलाश कर रही है, जहाँ से यह नशीला पदार्थ शहर में सप्लाई किया जाता था। बागबेड़ा जैसे इलाकों में नशे का बढ़ता प्रचलन स्थानीय अभिभावकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
मानगो: दहेज की वेदी पर एक और बेटी
मानगो थाना क्षेत्र के शंकोसाई की रहने वाली शिल्पी चौधरी की कहानी समाज के घिनौने चेहरे को उजागर करती है। ओडिशा के बालेश्वर में ब्याही गई शिल्पी को दहेज के लिए इस कदर प्रताड़ित किया गया कि उसे कानून की शरण लेनी पड़ी। दहेज प्रथा का इतिहास भारत में सदियों पुराना है, जिसे समाप्त करने के लिए कड़े कानून बनाए गए, किन्तु मानसिकता आज भी वहीं खड़ी है।
| अभियुक्त का नाम | रिश्ता | निवासी |
| मनीष मसंता | पति | बालेश्वर, ओडिशा |
| हेमंत मसंता | ससुर | बालेश्वर, ओडिशा |
| सुनीता कर | सास | बालेश्वर, ओडिशा |
| मनीषा प्रियदर्शनी | ननद | बालेश्वर, ओडिशा |
मानगो पुलिस ने इन चारों के विरुद्ध दहेज उत्पीड़न की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। शिल्पी ने आरोप लगाया है कि ससुराल वालों ने न केवल मानसिक बल्कि शारीरिक रूप से भी उसे प्रताड़ित किया है।
निष्कर्ष: जागरूकता ही एकमात्र ढाल
जमशेदपुर में घटी ये तीन अलग-अलग घटनाएं एक ही इशारा करती हैं – सतर्कता। बर्मामाइंस की घटना सिखाती है कि घर में किसी को भी प्रवेश देने से पहले सोचें, बागबेड़ा की घटना नशे के खिलाफ खड़े होने की प्रेरणा देती है, और मानगो का मामला महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए लड़ने का साहस देता है।
आरक्षी प्रशासन इन तीनों मामलों में गहनता से कार्यवाही कर रहा है और जल्द ही दोषियों को कठोर सजा दिलाने का दावा किया गया है।
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