Jamshedpur Politics: भुइयांडीह मामले पर झामुमो और विपक्ष में महाभारत, पुतला फूंका

जमशेदपुर में अतिक्रमण हटाओ अभियान ने बढ़ाया सियासी पारा। विधायक पूर्णिमा साहू, दुलाल भुइयां और सामाजिक संगठनों का खुला विरोध। सत्ताधारी झामुमो ने क्यों साधा विपक्ष पर निशाना। कड़ाके की ठंड में बेघर हुए परिवारों को कौन देगा न्याय। जानें, यह मामला केवल अतिक्रमण नहीं, बल्कि राजनीतिक खींचतान का मुद्दा कैसे बना।

Dec 8, 2025 - 19:39
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Jamshedpur Politics: भुइयांडीह मामले पर झामुमो और विपक्ष में महाभारत, पुतला फूंका
Jamshedpur Politics: भुइयांडीह मामले पर झामुमो और विपक्ष में महाभारत, पुतला फूंका

जमशेदपुर, 8 दिसंबर 2025 – शहर के भुइयांडीह क्षेत्र में हुई अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है। इस मामले पर विपक्ष के नेताओं ने एकजुट होकर सत्तारूढ़ दल पर हमला बोल दिया है, जिसके जवाब में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने इसे गरीबों के नाम पर की जा रही राजनीति बताया है। यह मुद्दा अब केवल विस्थापन का नहीं, बल्कि सत्ता और विपक्ष की जबरदस्त खींचतान का केंद्र बन गया है।

कड़ाके की ठंड में बेघर, विपक्ष सड़क पर

जमशेदपुर पूर्व की विधायक पूर्णिमा साहू, पूर्व मंत्री दुलाल भुइयां, जनता दल यूनाइटेड (जदयू) और कई सामाजिक संगठन बेदखल किए गए परिवारों के समर्थन में आगे आए हैं। इन नेताओं का खुला विरोध है कि प्रशासन ने मानवीय आधार को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया।

  • मानवीय सवाल: नेताओं का कहना है कि कड़ाके की ठंड में प्रशासन ने बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था किए गरीब परिवारों को बेघर कर दिया। वे मांग कर रहे हैं कि सरकार जल्द ही इन विस्थापितों के पुनर्वास का प्रबंध करे।

सत्ताधारी दल का पलटवार, विरोधियों पर साधा निशाना

विपक्ष के तेवर के जवाब में सत्ताधारी झारखंड मुक्ति मोर्चा ने पूर्व मंत्री दुलाल भुइयां पर कड़ा पलटवार किया। सत्ताधारी दल के नेताओं ने आरोप लगाया है कि दुलाल भुइयां इस संवेदनशील मुद्दे को जानबूझकर राजनीतिक रंग दे रहे हैं।

  • राजनीति का आरोप: झामुमो का कहना है कि अतिक्रमण हटाना प्रशासनिक मामला था, लेकिन विपक्ष केवल अपनी राजनीतिक जमीन बचाने के लिए गरीबों की आड़ ले रहा है। यह स्थिति आगामी चुनावों से पहले जमशेदपुर की राजनीति में एक बड़ा विभाजन पैदा कर रही है।

मुख्यमंत्री का पुतला फूंका, जारी रहेगा आंदोलन

इस राजनीतिक खींचतान के बीच, भुइयांडीह के स्थानीय लोग और केंद्रीय बस्ती विकास समिति ने सोमवार को इस कार्रवाई के खिलाफ जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला फूंका।

  • चेतावनी और मांग: प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे बलदेव ने कहा कि कई दिन बीत जाने के बावजूद प्रभावित परिवारों को प्रशासन या सरकार की ओर से कोई राहत नहीं मिली है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि जब तक विस्थापितों को न्याय नहीं मिलता, आंदोलन जारी रहेगा। यह मुद्दा अब स्थानीय स्तर से ऊपर उठकर राज्य की राजनीति को प्रभावित कर रहा है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।