Hatia Rescue: ट्रेन में अकेला मिला 10 साल का मोहम्मद अलीशान! RPF ने हटिया स्टेशन पर चलाया 'ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते', परिवार की तलाश शुरू

हटिया रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने 'ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते' के तहत ट्रेन संख्या 02832 के सामान्य कोच में अकेले यात्रा कर रहे 10 वर्षीय मोहम्मद अलीशान को सुरक्षित बचाया। बच्चा अपने परिवार का कोई संपर्क नंबर नहीं बता सका। उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए चाइल्ड लाइन हटिया को सौंप दिया गया है।

Oct 7, 2025 - 14:22
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Hatia Rescue: ट्रेन में अकेला मिला 10 साल का मोहम्मद अलीशान! RPF ने हटिया स्टेशन पर चलाया 'ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते', परिवार की तलाश शुरू
Hatia Rescue: ट्रेन में अकेला मिला 10 साल का मोहम्मद अलीशान! RPF ने हटिया स्टेशन पर चलाया 'ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते', परिवार की तलाश शुरू

रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की हटिया टीम ने एक बार फिर मानवीय संवेदना और तत्परता का परिचय देते हुए 'ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते' के तहत एक मासूम नाबालिग बच्चे को सुरक्षित बचा लिया है। ट्रेन के सामान्य कोच में अकेले मिला 10 वर्षीय बालक, जिसका नाम मोहम्मद अलीशान है, इस बात की गवाही देता है कि रेलवे के चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल कितनी सतर्कता से अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

यह बचाव कार्य तब शुरू हुआ जब सोमवार को सिक्योरिटी कंट्रोल रांची को 'रेल मदद' के माध्यम से एक महत्वपूर्ण शिकायत मिली। शिकायत में बताया गया था कि ट्रेन संख्या 02832 के सामान्य कोच में एक 10 वर्षीय बालक अकेला यात्रा करता हुआ पाया गया है।

हटिया स्टेशन पर त्वरित कार्रवाई

कमांडेंट पवन कुमार के निर्देश पर RPF टीम ने सूचना को गंभीरता से लिया और हटिया स्टेशन पर ट्रेन के आगमन से पहले ही पूरा जाल बिछा दिया।

  • टीम का गठन: उपनिरीक्षक रीता कुमारी, महिला आरक्षक एस.पी. खल्को और कांस्टेबल संजीत कुमार की टीम ने तत्परता दिखाते हुए ट्रेन के हटिया स्टेशन पर पहुंचते ही संबंधित कोच की जांच शुरू की।

  • पहचान: शिकायतकर्ता द्वारा बताए गए विवरण के अनुसार, एक नाबालिग बालक अकेला बैठा मिला।

  • बालक की पहचान: पूछताछ में उसने अपना नाम मोहम्मद अलीशान और उम्र 10 वर्ष बताई। पिता का नाम मोहम्मद अरशद और माता का नाम जूली परवीन, तथा निवास स्थान बरहीबिघा, चतरा बताया।

रहस्यमयी गुमशुदगी: कोई संपर्क सूत्र नहीं

मोहम्मद अलीशान की सुरक्षा को लेकर सबसे बड़ी चिंता तब सामने आई जब वह अपने परिवार का कोई संपर्क नंबर नहीं बता सका। एक 10 साल के बच्चे का अकेले इतनी लंबी यात्रा करना और घर का नंबर न बता पाना कई सवाल खड़े करता है:

  • घर से भागा: क्या अलीशान किसी पारिवारिक परेशानी के चलते घर से भाग आया था?

  • अपहरण की कोशिश: क्या वह किसी मानव तस्कर के झांसे में आकर ट्रेन में बैठा था, जो पुलिस को देख भाग गया?

RPF ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और बालक को सुरक्षित रूप से चाइल्ड लाइन हटिया के सुपरवाइजर खुदीराम महतो को आगे की विधिक कार्यवाही के सुपुर्द कर दिया। अब चाइल्ड लाइन मोहम्मद अलीशान के परिवार का पता लगाकर उसे सुरक्षित उनके हवाले करने का प्रयास करेगी।

यह 'ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते' भारतीय रेलवे की मानवता और बच्चों की सुरक्षा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

आपकी राय में, रेलवे स्टेशनों पर अकेले मिले बच्चों के परिवार का पता लगाने के लिए RPF और चाइल्ड लाइन को किस सबसे प्रभावी डिजिटल प्लेटफॉर्म (जैसे सोशल मीडिया या जियो-टैगिंग) का उपयोग करना चाहिए?

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।