Gumla Murder: गमी कार्यक्रम में खूनी खेल, हाथ-पैर बांधकर बुजुर्ग को डंडों से पीटा, गुमला में 'भगत बड़ा' होने के विवाद में ले ली जान
गुमला के कामडरा में एक बुजुर्ग की बेरहमी से हत्या कर दी गई है। हाथ-पैर बांधकर डंडों से पीटने और 'भगत' विवाद की यह खौफनाक इनसाइड स्टोरी यहाँ मौजूद है वरना आप झारखंड के इस सनसनीखेज क्राइम की पूरी सच्चाई मिस कर देंगे।
गुमला/कामडरा, 24 फरवरी 2026 – झारखंड के गुमला जिले से एक ऐसी खबर आई है जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। कामडरा थाना क्षेत्र के रेडवा चुमाटोली गांव में एक बुजुर्ग की डंडे से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। यह वारदात तब हुई जब पूरा गांव एक गमी (शोक) कार्यक्रम में जुटा था। किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि शांतिपूर्ण चल रहा यह कार्यक्रम अचानक श्मशान की शांति में बदल जाएगा। अंधविश्वास और आपसी रंजिश के इस घातक मेल ने एक हंसते-खेलते मेहनतकश परिवार को उम्र भर का गम दे दिया है।
विवाद की जड़: 'कौन बड़ा भगत?'
प्रत्यक्षदर्शियों और ग्राम प्रधान टेटे केरकेटा के अनुसार, घटना की शुरुआत शराब के नशे और एक बेतुके विवाद से हुई:
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शराब का दौर: 60 वर्षीय बैला बुधवा केरकेटा और गांव का ही हास्या उर्फ शनिचरवा केरकेटा साथ बैठकर शराब पी रहे थे।
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अहंकार की जंग: बातों-बातों में विवाद इस बात पर छिड़ गया कि दोनों में से 'बड़ा भगत' कौन है। तांत्रिक शक्तियों और धार्मिक वर्चस्व को लेकर शुरू हुई यह बहस गाली-गलौज तक पहुँच गई।
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खौफनाक अंत: आरोपी शनिचरवा ने आपा खो दिया और बुजुर्ग बैला बुधवा पर हमला बोल दिया।
क्रूरता की हदें पार: हाथ-पैर बांधकर दी मौत
परिजनों ने जो आपबीती सुनाई, वह किसी हॉरर फिल्म से कम नहीं थी।
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डेथ ट्रैप: विवाद बढ़ने पर आरोपी ने बुजुर्ग के हाथ और पैर रस्सी से बांध दिए ताकि वे विरोध न कर सकें।
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बेरहम पिटाई: उन्हें घसीटकर घर के पास ले जाया गया और वहां भारी लकड़ी के डंडे से तब तक पीटा गया जब तक उनके प्राण नहीं पखेरू उड़ गए।
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बच्चे भी डरे: घर के छोटे बच्चों ने जब यह मंजर देखा, तो वे अपनी जान बचाकर वहां से भाग निकले। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।
गुमला हत्याकांड: मुख्य विवरण (Crime Snapshot)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Facts) |
| मृतक का नाम | बैला बुधवा केरकेटा (60 वर्ष) |
| आरोपी का नाम | हास्या उर्फ शनिचरवा केरकेटा |
| स्थान | रेडवा चुमाटोली, कामडरा (गुमला) |
| वजह | 'बड़ा भगत' होने का विवाद (अंधविश्वास) |
| पुलिस कार्रवाई | शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा, छापेमारी जारी |
पुलिस की छापेमारी: आरोपी की तलाश तेज
सूचना मिलते ही कामडरा थाना के एसआई मुनेश तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे।
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पोस्टमॉर्टम: पुलिस ने मंगलवार को शव को कब्जे में लेकर गुमला सदर अस्पताल भेज दिया है।
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फरार कातिल: पुलिस की टीमें आरोपी शनिचरवा के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी को बहुत जल्द सलाखों के पीछे पहुँचाया जाएगा।
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गांव में सन्नाटा: घटना के बाद से ही गांव में दहशत का माहौल है और ग्रामीण कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं।
बुझ गया एक घर का चिराग
बैला बुधवा अपने परिवार के मुख्य स्तंभ थे। उनके पीछे तीन बेटे और दो बेटियां हैं, जिनका भविष्य अब अनिश्चितता के भंवर में है। एक मामूली बहस और नशे की लत ने एक मासूम परिवार को उजाड़ दिया है।
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