Giridih Mystery: बरगंडा पुराने पुल के पास उसरी नदी में मिला छात्रा पायल का शव, ब्लॉक से निकलने की आखिरी कॉल और बंद मोबाइल का खूनी सस्पेंस

गिरिडीह के सिरसिया से दो दिनों से लापता 11वीं की छात्रा पायल कुमारी का शव बरगंडा पुराने पुल के पास उसरी नदी से बरामद हुआ है। ब्लॉक से घर लौटने की आखिरी कॉल के बाद मोबाइल बंद होने और मर्डर की गहरी आशंका की पूरी लाइव अपडेट यहाँ देखें।

May 20, 2026 - 14:03
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Giridih Mystery: बरगंडा पुराने पुल के पास उसरी नदी में मिला छात्रा पायल का शव, ब्लॉक से निकलने की आखिरी कॉल और बंद मोबाइल का खूनी सस्पेंस
Giridih Mystery: बरगंडा पुराने पुल के पास उसरी नदी में मिला छात्रा पायल का शव, ब्लॉक से निकलने की आखिरी कॉल और बंद मोबाइल का खूनी सस्पेंस

गिरिडीह, 20 मई 2026 – झारखंड के गिरिडीह जिले से एक बेहद दिल दहला देने वाली और खौफनाक खबर सामने आई है, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सिरसिया वार्ड नंबर 12 की रहने वाली और 11वीं की होनहार छात्रा पायल कुमारी का शव रहस्यमय परिस्थितियों में बरगंडा पुराने पुल के पास उसरी नदी से बरामद किया गया है। पिछले दो दिनों से लापता पायल सोमवार की सुबह ट्यूशन और सिलाई प्रशिक्षण के लिए घर से निकली थी, जिसके बाद वह अचानक गायब हो गई। बुधवार की सुबह जब नदी के पानी में तैरता हुआ उसका शव मिला, तो पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और देखते ही देखते नदी के घाट पर हजारों स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए सदर एसडीपीओ जीतबाहन उरांव भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। परिजनों ने सीधे तौर पर अपहरण के बाद हत्या (मर्डर) की आशंका जताई है, जिसके बाद पुलिस ने इस पूरे ब्लाइंड केस की फॉरेंसिक और वैज्ञानिक जांच तेज कर दी है।

वारदात की दास्तां: 'मैं ब्लॉक से निकल रही हूं' और बंद हो गया मोबाइल, दो दिनों बाद उसरी नदी ने उगला राज

मुफ्फसिल थाना पुलिस और पीड़ित परिवार से मिली एक्सक्लूसिव इनपुट के अनुसार, पायल कुमारी की मौत के पीछे किसी बेहद करीबी या सुनियोजित साजिश का हाथ होने का अंदेशा जताया जा रहा है।

  • सोमवार की वो आखिरी सुबह: 11वीं की छात्रा पायल कुमारी सोमवार सुबह अपनी रोज की दिनचर्या के तहत ट्यूशन पढ़ने और उसके बाद सिलाई प्रशिक्षण केंद्र के लिए घर से निकली थी। वह बच्चों को खुद भी ट्यूशन पढ़ाती थी और पढ़ाई को लेकर बेहद गंभीर थी।

  • आखिरी फोन कॉल का सस्पेंस: जब पायल दोपहर तक घर नहीं लौटी, तो चिंतित परिजनों ने उसके मोबाइल पर कॉल किया। पायल ने फोन उठाया और कहा कि वह 'ब्लॉक परिसर' के पास है और वहां से निकल रही है, बहुत जल्द घर पहुंच जाएगी। लेकिन यह उसकी आखिरी आवाज साबित हुई।

  • रहस्यमय तरीके से स्विच ऑफ हुआ फोन: इस कॉल के महज 15-20 मिनट बाद जब दोबारा परिवार ने संपर्क करने की कोशिश की, तो उसका मोबाइल फोन बंद (स्विच ऑफ) हो गया। इसके बाद रिश्तेदारों और सहेलियों के घर ढूंढने पर भी उसका कोई पता नहीं चला, जिसके बाद मुफ्फसिल थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।

  • बुधवार सुबह लाश मिलने से कोहराम: बुधवार की सुबह जब कुछ स्थानीय ग्रामीण बरगंडा पुराने पुल की तरफ गए, तो उन्होंने उसरी नदी के नीचे पत्थरों के बीच एक शव फंसा हुआ देखा। शिनाख्त होने पर जैसे ही पता चला कि यह पायल का शव है, मां-बाप और परिजनों की चीख-पुकार से पूरा घाट गूंज उठा।

प्रशासनिक रुख: एसडीपीओ जीतबाहन उरांव खुद संभाल रहे कमान, सीडीआर और परिचितों पर नजर

गिरिडीह पुलिस इस संवेदनशील मामले को लेकर पूरी तरह अलर्ट मोड पर है ताकि शहर का माहौल न बिगड़े।

  1. एसडीपीओ का ऑन-स्पॉट निरीक्षण: सदर एसडीपीओ जीतबाहन उरांव ने घटनास्थल और नदी के आसपास के रास्तों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि पुलिस हत्या (Murder) के एंगल को मानकर ही जांच को आगे बढ़ा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है।

  2. लास्ट लोकेशन और कॉल डंप की जांच: पुलिस की तकनीकी सेल (Technical Cell) पायल के मोबाइल नंबर का कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाल रही है। सोमवार को ब्लॉक परिसर के पास उसकी लोकेशन के वक्त वहां कौन-कौन से संदिग्ध मोबाइल नंबर एक्टिव थे, उनका डेटा निकाला जा रहा है। उसके सिलाई केंद्र और ट्यूशन के परिचितों से भी गुप्त पूछताछ की जा रही है।

केवल पोस्टमार्टम नहीं, ब्लॉक और बरगंडा रोड के सीसीटीवी कैमरों का सघन ऑडिट जरूरी

गिरिडीह के सदर एसडीपीओ जीतबाहन उरांव और मुफ्फसिल थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच तो शुरू कर दी है, लेकिन पायल कुमारी की यह रहस्यमय मौत स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था पर एक बहुत बड़ा सवालिया निशान है। एक छात्रा दिन-दहाड़े ब्लॉक जैसे वीआईपी और प्रशासनिक सुरक्षित क्षेत्र से गायब हो जाती है और दो दिन बाद उसकी लाश नदी में मिलती है, यह कानून व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है। जब तक ब्लॉक परिसर से लेकर बरगंडा पुराने पुल तक के पूरे रूट पर हाई-डेफिनिशन नाइट विजन सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए जाएंगे और मनचलों के खिलाफ एंटी-रोमियो स्क्वायड को दोबारा एक्टिव नहीं किया जाएगा, तब तक गिरिडीह की बेटियों की सुरक्षा हमेशा खतरे में रहेगी।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।