Chaibasa Horror : कुजू मोड़ पर मां पार्वती बस ने बाइक सवार को सामने से रौंदा, उड़ गए परखच्चे, तड़पता छोड़ भागा ड्राइवर
टाटा से चाईबासा आ रही मां पार्वती बस ने चलियामा के कुजू मोड़ के पास विपरीत दिशा से आ रहे बाइक सवार को सीधी टक्कर मार दी। मुफस्सिल थाना पुलिस ने घायल को सदर अस्पताल भेजा है जहां उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। पूरी ग्राउंड रिपोर्ट यहाँ देखें।
चाईबासा, 20 मई 2026 – झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिला अंतर्गत टाटा-चाईबासा मुख्य मार्ग पर रफ्तार के कहर ने एक बार फिर एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियों को दांव पर लगा दिया है। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के चलियामा अंतर्गत कुजू मोड़ के पास मंगलवार की दोपहर एक बेहद भीषण और रोंगटे खड़े कर देने वाली सड़क दुर्घटना हुई। यहाँ टाटा से चाईबासा की ओर आ रही 'मां पार्वती' नामक तेज रफ्तार बस ने विपरीत दिशा से आ रहे एक अज्ञात बाइक सवार को सामने से इतनी जोरदार टक्कर मारी कि बाइक के साथ-साथ बस के अगले हिस्से के भी परखच्चे उड़ गए। टक्कर के बाद बाइक चालक हवा में कई फीट उछलकर कंक्रीट की सड़क पर दूर जा गिरा, जिससे उसके सिर और छाती में घातक चोटें आई हैं। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई और स्थानीय ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई। सूचना मिलते ही मुफस्सिल थाना पुलिस फौरन मौके पर सक्रिय हुई और लहूलुहान युवक को चाईबासा सदर अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ वह जिंदगी और मौत के बीच आखिरी सांसें गिन रहा है।
वारदात की दास्तां: कुजू मोड़ पर आमने-सामने की वो खूनी भिड़ंत, जेब में नहीं मिला कोई पहचान पत्र
ग्राउंड जीरो और मुफस्सिल थाना पुलिस से मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक, यह दुर्घटना पूरी तरह से बस चालक की लापरवाही और तीखे मोड़ पर तेज गति का नतीजा है।
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विपरीत दिशाओं से आ रहे थे दोनों वाहन: प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मां पार्वती बस टाटा की तरफ से आ रही थी और उसकी रफ्तार तय सीमा से कहीं अधिक थी। वहीं दूसरी ओर से बाइक सवार युवक चलियामा की तरफ जा रहा था।
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ब्लाइंड टर्न पर सीधी टक्कर: जैसे ही दोनों वाहन कुजू के पास स्थित खतरनाक तीखे मोड़ पर पहुंचे, अनियंत्रित बस ने अपनी साइड छोड़कर बाइक को सामने से सीधे तौर पर उड़ा दिया। टक्कर की आवाज इतनी भयावह थी कि आसपास के खेतों में काम कर रहे लोग कांप उठे।
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ड्राइवर हुआ फरार, बस जब्त: हादसे के बाद स्थानीय लोगों को अपनी तरफ आता देख मां पार्वती बस का चालक पैसेंजर्स से भरी गाड़ी को वहीं बीच सड़क पर तड़पते घायल के पास छोड़कर मौके से फरार हो गया। मुफस्सिल थाना की पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बस को अपने कब्जे में लेकर ज़ब्त कर लिया है।
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सस्पेंस में घायल की पहचान: पुलिस के लिए इस समय सबसे बड़ी चुनौती घायल युवक की शिनाख्त करना है। तलाशी के दौरान उसकी जेब या बाइक से कोई भी पहचान पत्र (ID Card) बरामद नहीं हो सका है। पुलिस ने उसकी मोटरसाइकिल के नंबर के आधार पर और आसपास के सभी थानों को हुलिया भेजकर उसकी पहचान सुनिश्चित करने का प्रयास तेज कर दिया है।
प्रशासनिक रुख: सदर अस्पताल में डॉक्टरों की स्पेशल टीम तैनात, कुजू मोड़ को ब्लैक स्पॉट घोषित करने की मांग
पश्चिमी सिंहभूम जिला पुलिस और स्वास्थ्य विभाग इस समय युवक की जान बचाने को पहली प्राथमिकता दे रहा है।
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आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट: चाईबासा सदर अस्पताल के सर्जिकल वार्ड के डॉक्टरों ने बताया कि युवक के सिर में इंटरनल ब्लीडिंग (आंतरिक रक्तस्राव) हुई है। उसकी स्थिति अत्यंत चिंताजनक और नाजुक बनी हुई है। अगले 24 घंटे उसके लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।
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स्पीड ब्रेकर की उठी परमानेंट मांग: इस हादसे से आक्रोशित चलियामा और कुजू के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि कुजू का यह तीखा मोड़ तकनीकी रूप से एक 'डेथ ट्रैप' बन चुका है, जहां पहले भी कई बाइक सवार अपनी जान गंवा चुके हैं। लोगों ने यहाँ तुरंत स्पीड ब्रेकर और रिफ्लेक्टिव चेतावनी बोर्ड लगाने की सख्त मांग की है।
केवल बस ज़ब्त करना काफी नहीं, परमानेंट स्पीड लेजर गन और चालान एक्शन जरूरी
मुफस्सिल थाना पुलिस ने बस को ज़ब्त कर फरार चालक के खिलाफ प्राथमिकी तो दर्ज कर ली है, लेकिन चाईबासा का यह हादसा परिवहन विभाग और नेशनल हाईवे अथॉरिटी की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जब तक मां पार्वती जैसी निजी बसों की समय-सारणी (टाइमिंग) और उनकी अधिकतम गति सीमा (60 किमी/घंटा) को डिजिटल रूप से नियंत्रित नहीं किया जाएगा, तब तक कुजू मोड़ जैसे ब्लैक स्पॉट्स पर मासूमों का खून बहता रहेगा। पुलिस को तुरंत फरार चालक को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा चलाना चाहिए और चलियामा मोड़ पर तत्काल रंबल स्ट्रिप्स (आधुनिक स्पीड ब्रेकर) का निर्माण कराना चाहिए।
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