Dhanbad Blast : धनबाद में जोरदार विस्फोट से कई घर जमींदोज, मलबे में दबा पूरा परिवार, ग्रामीणों ने घेरा थाना, NH-32 पर भारी बवाल
धनबाद के सोनारडीह में मंगलवार शाम हुए भयानक धमाके में कई घर तबाह हो गए हैं। सरिता देवी, मनोहर उरांव और गीता कुमारी के मलबे में दबे होने और प्रशासन के खिलाफ फूटे ग्रामीणों के गुस्से की पूरी ग्राउंड रिपोर्ट यहाँ देखें।
धनबाद/बाघमारा, 31 मार्च 2026 – कोयलांचल धनबाद का सोनारडीह इलाका मंगलवार की शाम एक जोरदार धमाके से दहल उठा। सोनारडीह ओपी क्षेत्र के टांडाबाड़ी बस्ती में शाम करीब साढ़े पांच बजे हुए इस भयावह विस्फोट ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाका इतना शक्तिशाली था कि पलक झपकते ही कई मकान ताश के पत्तों की तरह जमींदोज हो गए। इस हृदयविदारक हादसे में एक ही परिवार के तीन सदस्यों के मलबे में दबे होने की खबर है। घटना के बाद राहत कार्य में देरी को लेकर स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है, जिसके बाद राजगंज-बोकारो मुख्य मार्ग (NH-32) को पूरी तरह जाम कर दिया गया है।
शाम का सन्नाटा और खौफनाक धमाका: मलबे में दबी तीन जिंदगी
मंगलवार की शाम जब लोग अपने दैनिक कार्यों में व्यस्त थे, तभी टांडाबाड़ी बस्ती में मौत का तांडव शुरू हुआ।
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जमींदोज हुए घर: जोरदार धमाके के साथ ही बस्ती के कई घरों की दीवारें ढह गईं और छतें नीचे आ गिरीं। अचानक हुए इस हादसे से किसी को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
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लापता परिवार: मलबे के नीचे सरिता देवी, मनोहर उरांव और गीता कुमारी के दबे होने की प्रबल आशंका जताई जा रही है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे अपने हाथों से मलबा हटाने की कोशिश कर रहे हैं।
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अफरा-तफरी का माहौल: धमाके की गूँज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई, जिससे आसपास के गांवों में भी दहशत फैल गई। लोग अपने घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे।
प्रशासन की 'सुस्ती' पर फूटा गुस्सा: NH-32 जाम, ओपी का घेराव
हादसे के दो घंटे बीत जाने के बाद भी जब जिला प्रशासन या बीसीसीएल (BCCL) की ओर से कोई रेस्क्यू टीम मौके पर नहीं पहुँची, तो ग्रामीणों का सब्र जवाब दे गया।
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सड़क पर उतरे ग्रामीण: आक्रोशित लोगों ने राजगंज-बोकारो मुख्य मार्ग (NH-32) को जाम कर दिया, जिससे गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं।
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थाने का घेराव: सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने सोनारडीह ओपी का घेराव किया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों का कहना है कि देरी के कारण मलबे में दबे लोगों के बचने की उम्मीद कम होती जा रही है।
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सुरक्षा पर सवाल: स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि यह धमाका अवैध उत्खनन या बीसीसीएल की लापरवाही का नतीजा हो सकता है, जिसकी जांच होनी चाहिए।
धनबाद का 'धंसान' इतिहास और बीसीसीएल (BCCL) का इलाका
धनबाद के बाघमारा और सोनारडीह क्षेत्र का इतिहास जमीन धंसने और विस्फोटों की घटनाओं से भरा रहा है।
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खतरनाक क्षेत्र: झरिया और बाघमारा के कई इलाके 'अग्नि प्रभावित' और 'धंसान क्षेत्र' घोषित हैं। कोयला खदानों के ऊपर बसी बस्तियों में अक्सर ऐसी आपदाएं आती रहती हैं।
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विस्थापन की समस्या: प्रशासन द्वारा कई बार बस्तियों को खाली करने का नोटिस दिया जाता है, लेकिन उचित पुनर्वास न होने के कारण लोग अपनी जान जोखिम में डालकर इन्हीं कच्ची बस्तियों में रहने को मजबूर हैं।
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अवैध माइनिंग का साया: सूत्रों की मानें तो कोयलांचल के इन क्षेत्रों में अक्सर रात के अंधेरे में होने वाली अवैध ब्लास्टिंग भी ऐसे हादसों की मुख्य वजह बनती है।
विधायक शत्रुघ्न महतो का एक्शन: 'रेस्क्यू में देरी बर्दाश्त नहीं'
घटना की सूचना मिलते ही बाघमारा विधायक शत्रुघ्न महतो तुरंत टांडाबाड़ी बस्ती पहुँचे और पीड़ितों का ढांढस बंधाया।
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अधिकारियों को फटकार: विधायक ने मौके से ही बीसीसीएल के सीएमडी और धनबाद उपायुक्त (DC) से फोन पर बात की। उन्होंने सख्त लहजे में निर्देश दिया कि बिना किसी देरी के भारी मशीनरी और रेस्क्यू टीम को मौके पर भेजा जाए।
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मदद का भरोसा: शत्रुघ्न महतो ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि वे तब तक यहाँ से नहीं हटेंगे जब तक कि मलबे में दबे लोगों को बाहर नहीं निकाल लिया जाता। उन्होंने पीड़ित परिवार को हर संभव आर्थिक सहायता दिलाने का भी वादा किया।
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पुलिस की तैनाती: स्थिति तनावपूर्ण देखते हुए जिले के अन्य थानों से भी अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर बुलाया गया है।
धनबाद की टांडाबाड़ी बस्ती में हुई यह घटना एक बार फिर कोयलांचल की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान लगाती है। क्या यह महज एक हादसा है या किसी बड़ी लापरवाही का नतीजा? तीन जिंदगियां मलबे के नीचे सांसे गिन रही हैं और प्रशासन की कागजी कार्रवाई घंटों तक चलती रही। ग्रामीणों का आक्रोश जायज है क्योंकि कोयलांचल में अक्सर मासूमों को अपनी जान की कीमत चुकानी पड़ती है। फिलहाल, मौके पर तनाव बरकरार है और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू करने की जद्दोजहद जारी है। क्या सरिता, मनोहर और गीता को सुरक्षित निकाला जा सकेगा? पूरा जिला इसी दुआ में लगा है।
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