Dhanbad Raid: गेस्ट हाउस में हल्ला बोल, खालसा होटल के पास पकड़ाया साइबर सिंडिकेट, कार से मिले सीक्रेट मोबाइल, यूपी-बिहार तक जुड़े हैं तार
धनबाद के मां शांति गेस्ट हाउस में पुलिस ने गुप्त छापेमारी कर अंतरराज्यीय साइबर गिरोह के 4 गुर्गों को दबोच लिया है। कार के गुप्त खानों से बरामद मोबाइल और व्हाट्सएप चैट में मिले करोड़ों के लेनदेन सहित खतरनाक एपीके फाइलों की पूरी सनसनीखेज हकीकत यहाँ दी गई है वरना आप भी अनजाने में अपना बैंक खाता खाली करवा सकते हैं।
धनबाद, 24 दिसंबर 2025 – कोयलांचल की राजधानी धनबाद में अपराधियों ने अब 'कोयले' की जगह 'डेटा' की चोरी शुरू कर दी है। धनबाद पुलिस ने बुधवार को एक बड़े ऑपरेशन के तहत खालसा होटल के समीप स्थित मां शांति गेस्ट हाउस में चल रहे एक हाई-टेक साइबर सेंटर का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से चार शातिर साइबर अपराधियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है, जो होटल के कमरों को ही अपना कंट्रोल रूम बनाकर देश भर के लोगों को चूना लगा रहे थे। इस रेड ने यह साबित कर दिया है कि साइबर ठग अब गाँवों से निकलकर शहरों के गेस्ट हाउसों में अपना ठिकाना बना रहे हैं।
धनबाद का 'डिजिटल' परिवर्तन और बढ़ता अपराध
ऐतिहासिक रूप से धनबाद अपनी खदानों और औद्योगिक गतिविधियों के लिए जाना जाता रहा है। 20वीं सदी में यहाँ केवल जमीन और कोयले के लिए गैंगवार होते थे, लेकिन 2020 के बाद डिजिटल क्रांति ने अपराध का स्वरूप बदल दिया। गिरिडीह और जामताड़ा से सटे होने के कारण धनबाद अब साइबर ठगों के लिए एक नया 'हब' बनकर उभरा है। अपराधियों ने अब जंगल छोड़कर सुरक्षित गेस्ट हाउस और होटलों को अपनी प्रयोगशाला बना लिया है। आज की छापेमारी इसी ऐतिहासिक बदलाव का परिणाम है, जहाँ पुलिस को अब लाठी से ज्यादा 'लॉजिक' और तकनीक का इस्तेमाल करना पड़ रहा है।
मां शांति गेस्ट हाउस में 'मिडनाइट' ऑपरेशन
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि गेस्ट हाउस के कुछ कमरों में बाहरी युवक ठहरे हुए हैं, जिनकी गतिविधियाँ काफी संदिग्ध हैं।
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छापेमारी की रणनीति: पुलिस की टीम ने गेस्ट हाउस को चारों तरफ से घेरा और कमरों की तलाशी ली।
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व्हाट्सएप का काला सच: रेड के दौरान 8 मोबाइल फोन बरामद हुए। जब पुलिस ने चैट्स खंगाले, तो उसमें बैंक खातों के नंबर, संदिग्ध लिंक, और खतरनाक एपीके (APK) फाइलें मिलीं। ये फाइलें लोगों के मोबाइल को हैक करने के लिए इस्तेमाल की जाती थीं।
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कार का सीक्रेट चैंबर: गेस्ट हाउस के बाहर खड़ी एक संदिग्ध कार की जब बारीकी से तलाशी ली गई, तो उसके अंदर से 5 और एंड्रॉयड मोबाइल फोन मिले।
अंतरराज्यीय कनेक्शन: यूपी, बिहार और महाराष्ट्र में हड़कंप
धनबाद पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि यह गिरोह केवल स्थानीय स्तर पर सक्रिय नहीं था।
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NCRP पोर्टल का खुलासा: पकड़े गए मोबाइल नंबरों की जांच जब एनसीआरपी/जेएमआइएस (NCRP/JMIS) पोर्टल पर की गई, तो चौंकाने वाला सच सामने आया।
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तीन राज्यों में केस: इस गिरोह के खिलाफ उत्तर प्रदेश, बिहार और महाराष्ट्र में पहले से ही 4 गंभीर शिकायतें दर्ज हैं।
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मोडस ऑपेरंडी: ये ठग लोगों को फर्जी लिंक भेजकर उनके फोन का एक्सेस लेते थे और फिर व्हाट्सएप के जरिए करोड़ों के लेनदेन को अंजाम देते थे।
साइबर स्ट्राइक का संक्षिप्त विवरण (Operation Snapshot)
| विवरण | जानकारी |
| मुख्य स्थल | मां शांति गेस्ट हाउस (खालसा होटल के पास), धनबाद |
| कुल गिरफ्तार | 04 शातिर साइबर अपराधी |
| बरामदगी | 13 मोबाइल फोन (8 कमरे से, 5 कार से) |
| डिजिटल एविडेंस | एपीके फाइलें, संदिग्ध लिंक, व्हाट्सएप चैट्स |
| प्रभावित राज्य | यूपी, बिहार, महाराष्ट्र और झारखंड |
पुलिस की चेतावनी: 'अनजान लिंक' से रहें दूर
धनबाद पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ये अपराधी तकनीक के जरिए लोगों के इमोशंस से खेलते हैं। गेस्ट हाउस से मिली एपीके फाइलें इतनी खतरनाक हैं कि एक बार इंस्टॉल होने पर वे आपके फोन का पूरा कंट्रोल ठगों को दे देती हैं। पुलिस अब उन खातों की तलाश कर रही है जहाँ ठगी का पैसा ट्रांसफर किया गया था। इस नेटवर्क में शामिल अन्य फरार साथियों की गिरफ्तारी के लिए भी छापेमारी तेज कर दी गई है।
धनबाद पुलिस की बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक
गेस्ट हाउस के बंद कमरों में रचा जा रहा यह डिजिटल जाल अब पुलिस की गिरफ्त में है। 4 अपराधियों की गिरफ्तारी से कई बड़े राज खुलने की उम्मीद है। धनबाद की जनता के लिए यह खबर एक सबक है कि तकनीक जितनी सुविधाजनक है, सावधानी न बरतने पर उतनी ही खतरनाक भी। फिलहाल पुलिस पकड़े गए युवकों से रिमांड पर पूछताछ की तैयारी कर रही है।
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