Delhi Award Ceremony : बिहार की बेटी काजल को मिला राष्ट्रीय सम्मान, 20 साल की उम्र में रचा इतिहास
दिल्ली में आयोजित कमला ट्रस्ट अवॉर्ड सेरेमनी में बिहार की काजल कुमारी को कैबिनेट मंत्रियों ने सम्मानित किया। 20 साल की उम्र में कबड्डी, साहित्य, शिक्षा और ज्योतिष में रच डाला नया इतिहास।
क्या आपने कभी सोचा है कि महज़ 20 साल की उम्र में कोई लड़की कबड्डी, साहित्य, शिक्षा, ज्योतिष और समाज सेवा जैसे पांच बड़े क्षेत्रों में एक साथ इतिहास रच सकती है? सुनकर हैरानी होगी, लेकिन यह सच है। यह कमाल किया है बिहार की बेटी काजल कुमारी ने, जिन्हें हाल ही में दिल्ली में आयोजित कमला ट्रस्ट अवॉर्ड सेरेमनी 2025 में कैबिनेट मंत्रियों और कई बड़े गणमान्य लोगों के हाथों सम्मानित किया गया।
सम्मान का बड़ा मंच
19 सितंबर 2025 को नई दिल्ली में आयोजित इस समारोह में पूरे भारत से 32 प्रतिभाशाली लोगों का चयन हुआ। लेकिन खास बात यह रही कि बिहार से केवल काजल कुमारी ही चुनी गईं। इस सम्मान को पाकर उन्होंने न सिर्फ अपने परिवार का, बल्कि पूरे बिहार का मान बढ़ाया।
कमला ट्रस्ट, जिसकी स्थापना घमंडी राम गोंडवानी और उनकी पत्नी आंकिबाई ने की थी, हर साल उन विभूतियों को सम्मानित करता है, जिन्होंने कम उम्र में ही समाज और राष्ट्र के लिए विशेष योगदान दिया हो। इस बार काजल कुमारी का नाम सबसे चमकदार सितारे की तरह सामने आया।
कबड्डी से शुरुआत
काजल की कहानी प्रेरणा का स्रोत है। साल 2020 में उन्होंने कबड्डी में जिला स्तर पर टॉप किया और बिहार की शान बनीं। उस समय शायद ही किसी ने सोचा होगा कि यह लड़की आने वाले सालों में कई क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाएगी।
ब्यूटी कॉन्टेस्ट की स्टार
खेल के बाद काजल ने अपनी खूबसूरती और आत्मविश्वास से लोगों को चौंकाया। 2022 में पटना के कृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित ब्यूटी कॉन्टेस्ट में उन्होंने मिस पटना का ताज अपने नाम किया।
साहित्य का उज्ज्वल योगदान
आज की युवा पीढ़ी सोशल मीडिया में खोई रहती है, लेकिन काजल ने कलम को अपना हथियार बनाया। 20 साल की उम्र तक उन्होंने 9 किताबें और 3 उपन्यास लिख डाले। उनकी रचनाएँ सिर्फ बिहार ही नहीं बल्कि देश-विदेश की पत्र-पत्रिकाओं में भी छपती रहती हैं।
शिक्षा और समाज सेवा में उदाहरण
काजल ने पटना की स्लम बस्तियों में रहने वाले गरीब बच्चों को मुफ्त में शिक्षा देकर उनका भविष्य बदला। जिन हाथों में कूड़ा उठाने की मजबूरी थी, उन्हीं हाथों में काजल ने कलम थमाई। यह कदम उनके सामाजिक सरोकार और बड़े दिल को दर्शाता है।
ज्योतिष की अलौकिक यात्रा
इतनी कम उम्र में काजल ने ज्योतिष शास्त्र में भी अद्भुत उपलब्धियाँ हासिल की हैं। वे आज पटना की टॉप 10 ज्योतिषियों में गिनी जाती हैं। उनका कहना है कि ज्योतिष सिर्फ भविष्य बताने का साधन नहीं बल्कि एक दिव्य ज्ञान है, जिसे सही ढंग से समझने की जरूरत है।
महिला सशक्तिकरण की आवाज
काजल ने सिर्फ शिक्षा ही नहीं बल्कि बाल विवाह, दहेज प्रथा और महिला उत्पीड़न जैसी कुरीतियों के खिलाफ भी आवाज उठाई। उन्होंने नाबालिग लड़कियों को देह व्यापार जैसी खतरनाक परिस्थितियों से बचाकर उनका जीवन संवारा।
मंच से मिला सम्मान
समारोह में मौजूद कैबिनेट मंत्री और खेल मंत्री ने काजल को सम्मानित करते हुए कहा –
“इतनी कम उम्र में इतनी बड़ी उपलब्धियाँ हासिल करने वाली लड़की आज के युवाओं के लिए मिसाल है। हमें पूरा विश्वास है कि बिहार एक दिन इनके नाम से रोशन होगा।”
वहीं अवॉर्ड लेते समय काजल ने भावुक होते हुए कहा –
“मैं आज जो कुछ भी हूँ, अपने माता-पिता के आशीर्वाद और मां सरस्वती की कृपा से हूँ। यह सम्मान मुझे और मेहनत करने के लिए प्रेरित करेगा।”
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