CID Arrests Bokaro ASI: मुख्य आरोपी लेखापाल के खाते से ASI के पास आए 50 लाख, अब रिमांड पर होगी पूछताछ
बोकारो एसपी कार्यालय के ASI अशोक भंडारी को 50 लाख रुपये के अवैध लेनदेन में गिरफ्तार किया गया, होटवार जेल भेजा गया, मुख्य आरोपी कौशल पांडेय का करीबी था।
Ranchi Big Action: झारखंड में पुलिसकर्मियों के अवैध वेतन निकासी घोटाले की जांच कर रही सीआईडी की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में संलिप्तता पाए जाने के बाद बोकारो एसपी कार्यालय के अकाउंट सेक्शन में तैनात सहायक अवर निरीक्षक (ASI) अशोक कुमार भंडारी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
गिरफ्तारी के बाद ASI को रांची जेल भेजा गया
बुधवार को गिरफ्तार एएसआई अशोक कुमार भंडारी को रांची स्थित सीआईडी की विशेष अदालत में पेश किया गया। अदालत की कार्यवाही के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में लेते हुए रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार भेज दिया गया है।
पांडेय के खाते से 50 लाख रुपये ASI के खाते में ट्रांसफर
सीआईडी की जांच में यह बात सामने आई है कि अशोक कुमार भंडारी इस घोटाले के मुख्य आरोपी और पूर्व में गिरफ्तार हो चुके मुख्य लेखापाल कौशल कुमार पांडेय के साथ मिलकर काम कर रहा था। भंडारी को पांडेय का करीबी सहयोगी माना जा रहा है।
जांच टीम को वित्तीय लेनदेन की पड़ताल के दौरान महत्वपूर्ण सबूत मिले हैं। खुलासे के अनुसार, मुख्य लेखापाल कौशल कुमार पांडेय के बैंक खाते से लगभग 50 लाख रुपये एएसआई अशोक कुमार भंडारी के खाते में स्थानांतरित किए गए थे।
इस घोटाले का सबसे चौंकाने वाला पहलू
यह कोई आम घोटाला नहीं है। अवैध वेतन निकासी के इस खेल में सीधे तौर पर एक ही विभाग के दो सरकारी कर्मचारी शामिल थे। एक तरफ था अकाउंट सेक्शन में बैठा ASI, तो दूसरी तरफ ट्रेजरी से निकासी करने वाला लेखापाल। ये दोनों टीए बिल, फर्जी कार्य निर्गत और अन्य तरीकों से पैसे निकाल कर बटोर रहे थे। अशोक भंडारी का 1.11 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध लेनदेन का मामला पहले ही सामने आ चुका था।
अब तक कितनी गिरफ्तारियां हो चुकी हैं?
-
27 अप्रैल: सतीश कुमार (गृहरक्षक वाहिनी, बोकारो एसपी कार्यालय में पदस्थ) गिरफ्तार – उसके खाते में 1.06 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन।
-
30 अप्रैल: कौशल कुमार पांडेय (मुख्य लेखापाल) गिरफ्तार – जिसके खाते से 50 लाख रुपये ASI के खाते में ट्रांसफर हुए।
-
30 अप्रैल (देर शाम): अशोक कुमार भंडारी (ASI, बोकारो एसपी कार्यालय) गिरफ्तार।
विपक्ष ने सरकार को घेरा
इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने सरकार पर बड़े अधिकारियों को बचाने और सिर्फ छोटे कर्मचारियों को बलि का बकरा बनाने का आरोप लगाया है। सरकार और CID की चुप्पी इन आरोपों को और भी मजबूत कर रही है।
आपकी राय क्या है – क्या सीआईडी की एसआईटी बोकारो एसपी कार्यालय में बैठे वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच पाएगी, या मामला यहीं तक सीमित रह जाएगा? कमेंट में बताएं।
यदि आपके पास किसी सरकारी घोटाले की जानकारी है तो बेझिझक ED को सूचित करें।
इस खबर को शेयर करें, ताकि करदाताओं के पैसे की लूट पर लगाम लग सके।
What's Your Reaction?


