Chaibasa Witchcraft: 70 साल की वृद्धा को पत्थर से कुचला! डायन बिसाही के आरोप में बर्बर हत्या, मगर बेटी शाम 5 बजे से लापता!
पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) के गुदड़ी प्रखंड में डायन बिसाही के आरोप में 70 वर्षीय टुकनी लोंमगा की पत्थर से कुचलकर हत्या। हत्यारे गोमिया होरो ने थाने में किया आत्मसमर्पण। सबसे बड़ा सवाल: वारदात के बाद से मृतक की 35 वर्षीय बेटी पुतली लोंमगा शाम 5 बजे से लापता है।
Chaibasa Witchcraft: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (Chaibasa) जिले के गुदड़ी प्रखंड से एक ऐसी अमानवीय और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने राज्य में 'डायन बिसाही' (Witchcraft) जैसी कुप्रथा के खत्म न होने की कड़वी सच्चाई को फिर उजागर कर दिया है। गुलिकेरा गांव के रैइदा टोला में एक 70 वर्षीय वृद्ध महिला की बर्बरता से पत्थर से कुचलकर हत्या कर दी गई।
यह घटना दिखाती है कि 21वीं सदी में भी अंधविश्वास के नाम पर लोग किस हद तक क्रूर हो सकते हैं।
खेत से लौटते समय 'पत्थर' से कुचला
मृतक महिला की पहचान टुकनी लोंमगा (उम्र 70 वर्ष) के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि टुकनी लोंमगा रोजाना की तरह शुक्रवार शाम को भी खेतों में काम करके वापस लौट रही थीं। दर्दनाक बात यह है कि रास्ते में ही गांव के एक व्यक्ति गोमिया होरो ने उन्हें रोका और डायन बिसाही का आरोप लगाते हुए पत्थर से कुचलकर उनकी हत्या कर दी।
मृतक महिला के सिर, हाथ-पैर पर गहरे चोट के निशान पाए गए हैं, जो हत्या की बर्बरता को दर्शाते हैं। महिला के देवर नवीन लोंमगा ने बताया कि टुकनी लोंमगा के पति का निधन हो चुका है और 5 साल पहले उनके बेटे का भी निधन हो गया था। यह महिला गरीबी और अकेलेपन के बीच जीवन गुजार रही थीं।
हत्यारे ने थाना में किया 'आत्मसमर्पण'
इस घटना का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि घटना को अंजाम देने के बाद, हत्यारा गोमिया होरो सीधे थाने पहुंचा। उसने हत्या का आरोप स्वीकार करते हुए आत्मसमर्पण (Surrender) कर दिया। हालांकि हत्यारे ने आत्मसमर्पण कर दिया है, पर डायन बिसाही के नाम पर की गई इस बर्बर हत्या ने कई गंभीर सामाजिक सवाल खड़े कर दिए हैं।
माँ के साथ थी बेटी, पर शाम 5 बजे से लापता!
Chaibasa Witchcraft मामले में एक और बड़ा रहस्य जुड़ गया है, जिसने परिजनों की चिंता और पुलिस की जांच को और बढ़ा दिया है। परिजनों ने बताया कि जब हत्या की जा रही थी, तब टुकनी लोंमगा के साथ उनकी बेटी पुतली लोंमगा (उम्र 35 वर्ष) भी थीं।
पुतली लोंमगा ने भागकर अपनी जान बचाई थी, लेकिन पोता बेंजामिन मुंडरी ने बताया कि पुतली लोंमगा शुक्रवार शाम 5 बजे से गायब है। उसका अभी तक कहीं पता नहीं चल सका है।
परिवार को डर है कि कहीं हत्यारे ने बाद में पुतली लोंमगा को भी निशाना न बनाया हो, या वह डर के मारे कहीं छिप गई हो। परिजनों ने पुलिस प्रशासन से पुतली लोंमगा को जल्द से जल्द ढूंढ निकालने की भावुक अपील की है।
पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर शव को कब्जे में ले लिया है और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अब हत्यारे गोमिया होरो से पूछताछ कर रही है, ताकि लापता बेटी और हत्या के पीछे के सही कारणों का पता चल सके।
यह घटना झारखंड के ग्रामीण इलाकों में गहरे पैठे अंधविश्वास और कानून के प्रति बेखौफी का खतरनाक मिश्रण है।
क्या आप झारखंड में डायन बिसाही के खिलाफ बनाए गए कानून और उसकी सजा के बारे में जानना चाहेंगे?
What's Your Reaction?


