BCCI Demotion: रोहित-विराट का कद छोटा करेगी बीसीसीआई, ए-प्लस कैटेगरी खत्म होने से सैलरी में होगी करोड़ों की कटौती, नया कॉन्ट्रैक्ट देख उड़े होश

बीसीसीआई का नया सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट मॉडल भारतीय क्रिकेट के दिग्गजों को बड़ा झटका देने वाला है। रोहित शर्मा और विराट कोहली को ग्रेड-बी में भेजने और 7 करोड़ वाली कैटेगरी को हमेशा के लिए खत्म करने की पूरी रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी बोर्ड के इस ऐतिहासिक और कड़े फैसले की हकीकत जानने से चूक जाएंगे।

Jan 20, 2026 - 17:20
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BCCI Demotion: रोहित-विराट का कद छोटा करेगी बीसीसीआई, ए-प्लस कैटेगरी खत्म होने से सैलरी में होगी करोड़ों की कटौती, नया कॉन्ट्रैक्ट देख उड़े होश
BCCI Demotion: रोहित-विराट का कद छोटा करेगी बीसीसीआई, ए-प्लस कैटेगरी खत्म होने से सैलरी में होगी करोड़ों की कटौती, नया कॉन्ट्रैक्ट देख उड़े होश

नई दिल्ली, 20 जनवरी 2026 – भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) इस साल अपने वार्षिक सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में एक ऐसा क्रांतिकारी बदलाव करने जा रहा है, जो टीम इंडिया के 'सुपरस्टार कल्चर' को पूरी तरह हिलाकर रख देगा। खबर है कि बीसीसीआई अपने सैलरी स्ट्रक्चर से सबसे ऊंची 'A+' (ए प्लस) कैटेगरी को हमेशा के लिए खत्म करने का मन बना चुका है। यदि यह नया मॉडल लागू होता है, तो कप्तान रोहित शर्मा और दिग्गज विराट कोहली का सीधा डिमोशन (ओहदे में कमी) तय है। इस फैसले से न केवल इन खिलाड़ियों का कद प्रभावित होगा, बल्कि उनकी सालाना कमाई में भी करोड़ों रुपये की भारी कटौती देखने को मिल सकती है।

अजीत अगरकर का मास्टर प्लान: क्यों बदलेगा कॉन्ट्रैक्ट का ढांचा?

बीसीसीआई सूत्रों और एएनआई (ANI) की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति ने बोर्ड को यह कड़ा सुझाव दिया है।

  • तीन स्तरीय ढांचा: अब केवल ग्रेड-A, ग्रेड-B और ग्रेड-C ही अस्तित्व में रहेंगे।

  • ग्रेड-B में जाएंगे दिग्गज: नए फॉर्मूले के तहत रोहित शर्मा, विराट कोहली और रवींद्र जडेजा को सीधे ग्रेड-B में रखा जा सकता है।

  • बुमराह की स्थिति: दुनिया के नंबर वन गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को ग्रेड-A में जगह मिल सकती है।

  • सैलरी पर कैंची: ए प्लस कैटेगरी खत्म होने से वह विशेष ग्रुप खत्म हो जाएगा जिसे सालाना 7 करोड़ रुपये की निश्चित राशि मिलती थी।

करोड़ों का नुकसान: क्या होगा नया सैलरी गणित?

अब तक बीसीसीआई चार अलग-अलग श्रेणियों में खिलाड़ियों को भुगतान करता था, लेकिन नया सिस्टम आने के बाद यह पूरी तरह बदल जाएगा।

पुरानी कैटेगरी पुरानी सैलरी संभावित नया ग्रेड (खिलाड़ी)
A+ (7 करोड़) खत्म -
A (5 करोड़) 5 करोड़ जसप्रीत बुमराह, शुभमन गिल
B (3 करोड़) 3 करोड़ रोहित शर्मा, विराट कोहली, जडेजा
C (1 करोड़) 1 करोड़ रिंकू सिंह, तिलक वर्मा, संजू सैमसन

तिहास का पन्ना: 2001 से 2026 तक का सफर और 'ए प्लस' का उदय

भारतीय क्रिकेट में खिलाड़ियों को अनुबंधित (Contract) करने की शुरुआत साल 2001 में हुई थी। इतिहास गवाह है कि उस समय केवल तीन ग्रेड (A, B, C) होते थे और सबसे ऊंची कैटेगरी 'A' के खिलाड़ियों को मात्र 60 लाख रुपये सालाना मिलते थे। साल 2018 में, तत्कालीन बोर्ड अधिकारियों ने उन खिलाड़ियों को विशेष सम्मान और आर्थिक सुरक्षा देने के लिए 'A+' कैटेगरी बनाई जो तीनों फॉर्मेट (टेस्ट, वनडे, टी20) में टीम का हिस्सा रहते हैं। विराट कोहली और रोहित शर्मा इस एलीट ग्रुप के आधार स्तंभ रहे हैं। हालांकि, 2026 में बोर्ड का फिर से पुराने तीन-ग्रेड मॉडल पर लौटना यह दर्शाता है कि अब बीसीसीआई केवल 'नाम' पर नहीं बल्कि 'भविष्य' और 'वर्कलोड' पर निवेश करना चाहता है। यह ऐतिहासिक फैसला भारतीय क्रिकेट में 'सीनियर बनाम जूनियर' की बहस को फिर से जिंदा कर सकता है।

चयन समिति की दलील: युवाओं को मिलेगा ज्यादा मौका

अजीत अगरकर की समिति का मानना है कि भविष्य की टीम इंडिया तैयार करने के लिए सैलरी स्ट्रक्चर में लचीलापन जरूरी है।

  1. परफॉर्मेंस आधारित रिवॉर्ड: जो खिलाड़ी केवल सीमित ओवरों में सक्रिय हैं, उन्हें उसी हिसाब से ग्रेडिंग दी जाएगी।

  2. बी और सी ग्रेड का विस्तार: पिछले साल यशस्वी जायसवाल, कुलदीप यादव और श्रेयस अय्यर जैसे सितारों को बी-ग्रेड में जगह मिली थी, जबकि आकाश दीप और वरुण चक्रवर्ती जैसे 20 से ज्यादा खिलाड़ी सी-ग्रेड का हिस्सा बने थे।

  3. सैलरी कैप: बोर्ड ग्रेड-A की सैलरी को 5 करोड़ से बढ़ाकर थोड़ा और आकर्षक बना सकता है, ताकि स्टार खिलाड़ियों के डिमोशन के बावजूद उनका वित्तीय संतुलन बना रहे।

दिग्गजों पर असर: क्या यह अंत की शुरुआत है?

रोहित और विराट का ग्रेड-B में जाना केवल आर्थिक नुकसान नहीं है, बल्कि यह एक कड़ा संदेश है कि बोर्ड अब युवाओं की ओर देख रहा है। पिछले साल (2025) के कॉन्ट्रैक्ट में हार्दिक पांड्या, ऋषभ पंत और मोहम्मद शमी ए-ग्रेड का हिस्सा थे। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि नए मॉडल में इन खिलाड़ियों का स्थान क्या होता है।

कड़े फैसलों का दौर

बीसीसीआई का यह संभावित कदम यह साफ करता है कि भारतीय क्रिकेट में अब कोई भी खिलाड़ी 'अनटचेबल' (अछूत) नहीं है। अप्रैल 2026 में जब नई सूची आएगी, तब यह आधिकारिक हो जाएगा कि क्या वाकई 'किंग कोहली' और 'हिटमैन' का दबदबा कॉन्ट्रैक्ट की कागजों पर कम होने जा रहा है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।