Baharagora Raid: 20 किलो डोडा के साथ फूचू महतो गिरफ्तार! बहरागोड़ा पुलिस को ड्रग्स तस्करी के खिलाफ मिली बड़ी सफलता, लंबे समय से फरार चल रहा आरोपी कैसे चढ़ा पुलिस के हत्थे?
झारखंड के बहरागोड़ा थाना पुलिस को मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने 20 किलोग्राम अवैध डोडा की बरामदगी से जुड़े मामले में लंबे समय से फरार चल रहे नामजद अभियुक्त झाड़ेश्वर महतो उर्फ फुचू महतो को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा इलाके में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे सघन अभियान में बहरागोड़ा थाना पुलिस को शनिवार को एक और महत्वपूर्ण सफलता हासिल हुई है। पुलिस ने एक पुराने और गंभीर मामले में लंबे समय से फरार चल रहे एक नामजद अभियुक्त को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया। इस गिरफ्तारी को ड्रग्स नेटवर्क की कमर तोड़ने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान झाड़ेश्वर महतो उर्फ फुचू महतो **(उम्र 42 वर्ष) के रूप में की गई है। फुचू पूर्वी सिंहभूम जिले के बरसोल थाना क्षेत्र के शंखाभांगा गांव का निवासी है। उसकी गिरफ्तारी से तस्करी के अंतर-राज्यीय संबंधों के और खुलासे होने की उम्मीद है, क्योंकि झारखंड का यह सीमावर्ती इलाका अक्सर तस्करों के लिए ट्रांजिट पॉइंट के रूप में इस्तेमाल होता रहा है।
20 किलो डोडा मामले में था फरार
पुलिस के अनुसार, झाड़ेश्वर महतो उर्फ फुचू महतो बहरागोड़ा थाना कांड संख्या 59/2025 (दिनांक 27/08/2025) में नामजद अभियुक्त था। यह मामला सीधे तौर पर एनडीपीएस **(Narcotic Drugs and Psychotropic Substances) एक्ट के तहत दर्ज किया गया था, जो लगभग 20 किलोग्राम डोडा की अवैध बरामदगी से जुड़ा था।
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कानून का शिकंजा: डोडा की बरामदगी के बाद से ही फुचू महतो फरार हो गया था और लगातार पुलिस की गिरफ्तारी से बच रहा था। यह फरारी भी संकेत देती है कि वह गिरोह का एक अहम सदस्य था, जो कानून के हाथों से बचने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा था।
पुलिस को आखिरकार फुचू महतो के ठिकाने के बारे में गुप्त सूचना मिली। सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने सटीक दबिश दी और इस फरार अभियुक्त को धर दबोचा। इस गिरफ्तारी से पुलिस मादक पदार्थों की सप्लाई चेन में गहराई तक जांच करने में सक्षम हो सकती है।
न्यायिक हिरासत में भेजा गया आरोपी
गिरफ्तारी के बाद, बहरागोड़ा पुलिस ने आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी की। फुचू महतो को न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया और वहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज इस तरह के गंभीर मामलों में लंबी सजा का प्रावधान होता है। इस मामले में 20 किलो डोडा की बरामदगी एक बड़ी मात्रा मानी जाती है। बहरागोड़ा पुलिस का यह अभियान स्पष्ट संदेश देता है कि क्षेत्र में किसी भी तरह के ड्रग्स की तस्करी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब पुलिस इस बात की जांच करेगी कि फुचू महतो के संपर्क किन लोगों से थे और यह ड्रग्स कहां से आया था और कहां जाना था।
आपकी राय में, झारखंड के सीमावर्ती इलाकों में डोडा और अन्य मादक पदार्थों की तस्करी को पूरी तरह से रोकने और इसके नेटवर्क को तोड़ने के लिए स्थानीय पुलिस और सीमा सुरक्षा बलों को कौन से दो सबसे प्रभावी और समन्वित कदम उठाने चाहिए?
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