West Singhbhum Bus Crash: राम बलराम बस अनियंत्रित होकर पलटी, 3 महिलाएं गंभीर घायल, ड्राइवर था नशे में धुत्त, सड़क पर दौड़ रही थी फेल बस?
पश्चिम सिंहभूम के गुदड़ी में भीषण बस दुर्घटना! राम बलराम बस अनियंत्रित होकर पलटी, 5 यात्री घायल, 3 महिलाएं गंभीर। बड़ा खुलासा— बस का इंश्योरेंस और पोल्यूशन सर्टिफिकेट फेल था, ड्राइवर नशे में!
गुदड़ी, 28 नवंबर 2025 – झारखंड (Jharkhand) के पश्चिमी सिंहभूम (West Singhbum) जिले से एक भीषण सड़क दुर्घटना (Road Accident) की खबर आई है, जिसने यात्रियों (Passengers) की सुरक्षा (Safety) और परिवहन विभाग (Transport Department) की लापरवाही (Negligence) पर एक बार फिर गंभीर सवाल (Serious Questions) खड़े कर दिए हैं। गुदड़ी (Gudri) इलाके में 'राम बलराम' (Ram Balaram) नामक एक यात्री बस (Passenger Bus) अनियंत्रित (Uncontrolled) होकर पलट (Overturned) गई। इस हादसे (Accident) में पांच यात्री घायल (Injured) हुए हैं, जिनमें से तीन महिला यात्रियों की हालत गंभीर (Critical) बनी हुई है। लेकिन दुर्घटना की वजह (Reason) और बस की स्थिति (Condition) को लेकर जो खुलासा (Revelation) हुआ है, वह वास्तव में चौंकाने (Shocking) वाला है।
इंश्योरेंस फेल बस को सड़क पर दौड़ा रहा था नशेड़ी ड्राइवर!
चक्रधरपुर (Chakradharpur) से गुदड़ी जा रही यह बस सोनुआ गुदड़ी मुख्य सड़क (Main Road) पर गुंडीदीरी और कोटगड़ा (Gundidiri and Kotguda) के बीच भीषण दुर्घटना का शिकार हुई। स्थानीय जांच में दो अत्यंत (Extremely) गंभीर तथ्य (Facts) सामने आए हैं, जो प्रशासनिक विफलता (Administrative Failure) को दर्शाते हैं:
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ड्राइवर था नशे में: प्रत्यक्षदर्शियों (Eyewitnesses) और स्थानीय लोगों के अनुसार, बस का चालक (Driver) तेज रफ्तार में बस चला रहा था और बताया जा रहा है कि वह नशे में (Drunk) धुत्त था। इसी के कारण बस पर से उसका नियंत्रण (Control) पूरी तरह से खो गया।
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कागजात (Documents) थे फेल: सबसे बड़ी लापरवाही (Biggest Negligence) यह सामने आई है कि 'राम बलराम' बस का इंश्योरेंस (Insurance) और पोल्यूशन सर्टिफिकेट (Pollution Certificate) मार्च (March) के महीने से ही फेल (Failed) थे। इसके बावजूद यात्रियों की जान को खतरे (Risk) में डालकर यह बस खुलेआम सड़कों पर दौड़ रही थी।
ग्रामीणों ने बचाई जान, 3 गंभीर महिलाएं रेफर
दुर्घटना के बाद बस सड़क किनारे पलट गई और हाहाकार (Chaos) मच गया। हादसे की आवाज सुनकर स्थानीय ग्रामीण (Villagers) तुरंत मौके पर जुट गए। मानवीय सहयोग (Humanitarian Cooperation) की मदद से उन्होंने बस के अंदर फंसे (Trapped) सभी घायल यात्रियों को बाहर निकाला।
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इलाज: घायलों को तत्काल (Immediately) स्थानीय अस्पताल (Hospital) भेजा गया। लेकिन तीन महिला यात्रियों की चोटें (Injuries) काफी गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज (Better Treatment) के लिए दूसरे अस्पताल में रेफर (Referred) कर दिया गया है।
यह घटना यात्री वाहनों (Passenger Vehicles) के परमिट (Permit) और जांच (Inspection) प्रक्रिया (Procedure) पर एक बड़ा प्रश्न चिह्न (Question Mark) लगाती है। सवाल यह है कि जब बस के महत्वपूर्ण कागजात फेल थे, तब वह सड़क पर कैसे दौड़ रही थी और क्या परिवहन विभाग (Transport Department) ने इसकी कोई जांच पड़ताल की थी। प्रशासन को इस हादसे की गहन (In-depth) जांच करनी चाहिए और लापरवाह (Negligent) बस मालिक (Owner) और ड्राइवर के खिलाफ सख्त कार्रवाई (Strict Action) करनी चाहिए।
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