Tisri Alert: तिसरी में मुन्ना भाई एमबीबीएस की भरमार, मरीजों से हो रहा जमकर दोहन!
तिसरी प्रखंड के कई गांवों में बगैर लाइसेंस के झोलाछाप डॉक्टर एमबीबीएस का बोर्ड लगाकर क्लिनिक चला रहे हैं। इलाज के नाम पर मरीजों से मनमाना पैसा वसूला जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से लोग संकट में हैं।
तिसरी प्रखंड में झोलाछाप डॉक्टरों की भरमार हो गई है। नैयाडीह, गुमगी, ककनी, चंदली, मनसाडीह और पचरुखी जैसे गांवों में मुख्य मार्ग पर बिना लाइसेंस के क्लिनिक खुलेआम चल रहे हैं। ये क्लिनिक एमबीबीएस और अन्य डिग्रियों से भरे बड़े-बड़े बोर्ड लगाकर मरीजों को आकर्षित कर रहे हैं। लेकिन इन डॉक्टरों के पास कोई वैध डिग्री या अनुमति नहीं है। स्वास्थ्य विभाग की आंखों के सामने ये सब हो रहा है, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
तिसरी स्वास्थ्य केंद्र से कुछ ही दूरी पर चंदली, गुमगी, ककनी और नैयाडीह में झोलाछाप डॉक्टरों ने मुख्य सड़क के किनारे क्लिनिक खोल रखे हैं। यहाँ मरीजों से इलाज, जांच और दवा के नाम पर जमकर पैसे वसूले जाते हैं। एक मरीज से इलाज के लिए अलग पैसा लिया जाता है। खून, यूरिन और अन्य जांच के नाम पर अतिरिक्त शुल्क वसूला जाता है। फिर दवा में भी मनमाना पैसा लिया जाता है।
मरीजों का इलाज सही नहीं होता। हालत बिगड़ने पर उन्हें सरकारी अस्पताल भेज दिया जाता है। कई बार गंभीर हालत में मरीजों की मौत तक हो चुकी है। बावजूद इसके किसी क्लिनिक पर कार्रवाई नहीं हुई है।
जानकारी के अनुसार, कई क्लिनिक में भ्रूण हत्या और अवैध ऑपरेशन करने का भी आरोप है। ऑपरेशन के दौरान मरीजों की स्थिति बिगड़ जाती है। फिर भी प्रशासन चुप्पी साधे हुए है।
क्लिनिक के बाहर एमबीबीएस, एमडी, डीएनबी जैसी डिग्रियों से भरे बोर्ड लगे हैं। लेकिन ये डॉक्टर कभी क्लिनिक में दिखाई नहीं देते। मरीज बोर्ड देखकर ही इन झोलाछाप डॉक्टरों के चंगुल में फंस जाते हैं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि ये क्लिनिक दवा बेचने का भी अवैध काम कर रहे हैं। बिना लाइसेंस दवा बेची जा रही है। स्वास्थ्य विभाग को शिकायत करने पर भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
भाजपा नेता मनोज यादव ने इन क्लिनिकों की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को जल्द कार्रवाई करनी चाहिए। ताकि गरीब मरीजों का शोषण बंद हो।
अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो झोलाछाप डॉक्टरों का मनोबल और बढ़ेगा। इससे आम लोगों की जान को खतरा है। स्वास्थ्य विभाग को जागना होगा।
इस पूरे मामले में उच्च अधिकारियों की ओर से जांच शुरू होनी चाहिए। कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आने की संभावना है। तिसरी में लोगों ने राहत की उम्मीद जताई है। अब देखना यह है कि प्रशासन इन झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ क्या कदम उठाता है।
What's Your Reaction?


