Sahibganj Theft: साहिबगंज में बेखौफ चोरों का तांडव, घर से 3 लाख की लूट, सीसीटीवी का डीवीआर भी ले उड़े बदमाश
साहिबगंज के तीनपहाड़ में चोरों ने एक सूने घर को निशाना बनाकर 3 लाख रुपये की संपत्ति पर हाथ साफ कर दिया है। शातिर चोर घर में लगे सीसीटीवी का रिकॉर्डर (डीवीआर) भी साथ ले गए ताकि कोई सबूत न बचे। क्षेत्र में बढ़ती चोरी की वारदातों और पुलिसिया कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
साहिबगंज/तीनपहाड़, 16 मार्च 2026 – झारखंड के साहिबगंज जिले अंतर्गत तीनपहाड़ थाना क्षेत्र के पड़रिया बागान इलाके में रविवार की देर रात अज्ञात चोरों ने एक बड़ी दुस्साहसिक वारदात को अंजाम दिया। चोरों ने एक बंद घर का ताला तोड़कर करीब 3 लाख रुपये मूल्य की नकदी और कीमती जेवरात चोरी कर लिए। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि चोर इतने शातिर थे कि उन्होंने अपनी पहचान छुपाने के लिए घर में लगे सीसीटीवी कैमरे का डीवीआर (सीडीआर) भी उखाड़ लिया और साथ ले गए। इस घटना ने पूरे साहिबगंज पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है और स्थानीय निवासियों के बीच सुरक्षा को लेकर गहरा डर पैदा कर दिया है।
सूने घर में सेंधमारी: 80 हजार नकद और लाखों के जेवरात गायब
वारदात पड़रिया बागान निवासी मनोज कुमार सिंह के घर पर हुई। घटना के वक्त घर पर कोई मौजूद नहीं था।
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हाट गए थे परिजन: मनोज सिंह के साले रणधीर कुमार सिंह ने बताया कि वे रविवार को अपने बच्चे को छोड़ने के लिए घर पर ताला लगाकर 'लगमा हाट' गए थे। इसी सूनेपन का फायदा उठाकर चोर मुख्य दरवाजे का ताला तोड़कर भीतर दाखिल हुए।
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सिक्कों तक को नहीं छोड़ा: चोरों ने घर की दो अलमारियों को बेरहमी से तोड़ा। वहां रखे 80 हजार रुपये नकद और करीब 70 हजार रुपये के सिक्के (5, 10 और 20 के) चुरा लिए।
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गहनों की लूट: रणधीर की पत्नी की अलमारी से सोने की अंगूठी, चेन, पायल और अन्य जेवरात, जिनकी कीमत करीब 1.5 लाख रुपये है, गायब कर दिए गए। महत्वपूर्ण कागजात भी चोरी कर लिए गए हैं।
सीसीटीवी का डीवीआर चोरी: शातिर अपराधी और पुलिस की चुनौती
चोरों ने इस बार पुलिस को खुली चुनौती दी है। आम तौर पर चोर सीसीटीवी से बचते हैं, लेकिन इस गिरोह ने तकनीक को ही अपना हथियार बना लिया।
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सबूत नष्ट: घर में कैमरे लगे थे, लेकिन चोरों ने रिकॉर्डिंग वाला सिस्टम (डीवीआर) ही उखाड़ लिया। इससे पुलिस के पास फिलहाल कोई फुटेज नहीं बचा है।
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पुलिस की दस्तक: सूचना मिलने पर राजमहल के पुलिस इंस्पेक्टर राजीव रंजन और तीनपहाड़ थाना के एएसआई ललन रजवार ने दल-बल के साथ मौका-ए-वारदात की जांच की।
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एसडीपीओ का बयान: राजमहल के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) विमलेश कुमार त्रिपाठी ने कहा है कि अपराधियों की पहचान के लिए गुप्तचरों को सक्रिय किया गया है और जल्द ही गिरोह सलाखों के पीछे होगा।
तीनपहाड़ और राजमहल क्षेत्र में 'अपराध का ग्राफ'
साहिबगंज का राजमहल और तीनपहाड़ इलाका ऐतिहासिक रूप से गंगा के किनारे बसा एक महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र रहा है।
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व्यापारिक इतिहास: ब्रिटिश काल में तीनपहाड़ एक बड़ा रेलवे जंक्शन और व्यापारिक केंद्र हुआ करता था। आज भी यहाँ सोने-चांदी के बड़े कारोबारी और पेट्रोल पंप जैसे प्रतिष्ठान हैं, जो हमेशा से अपराधियों की नजर में रहे हैं।
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बढ़ती वारदातें: पिछले एक सप्ताह का इतिहास देखें तो साहिबगंज पुलिस के लिए यह 'ब्लैक वीक' साबित हुआ है। 9 मार्च को भी बैंक मोड़ के पास जीएम बजाज बाइक शोरूम में करीब 3 लाख की चोरी हुई थी।
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पैटर्न में बदलाव: इतिहास गवाह है कि इस क्षेत्र में पहले 'रास्ते की लूट' ज्यादा होती थी, लेकिन अब अपराधी घरों और शोरूमों की ग्रिल काटकर 'तकनीकी चोरी' (जैसे सीसीटीवी का डीवीआर उखाड़ना) की ओर बढ़ गए हैं। बजाज शोरूम की फुटेज मिलने के बावजूद एक हफ्ते तक पुलिस की विफलता ने चोरों का मनोबल बढ़ा दिया है, जिसका परिणाम आज पड़रिया बागान की यह घटना है।
इलाके में दहशत: "क्या सुरक्षित है तीनपहाड़?"
लगातार हो रही वारदातों से स्थानीय व्यवसायियों और नागरिकों में आक्रोश है।
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पुलिस की विफलता: लोगों का आरोप है कि रात की गश्त केवल कागजों पर हो रही है। बजाज शोरूम की घटना के बाद अगर सख्त कदम उठाए जाते, तो आज मनोज सिंह के घर में चोरी नहीं होती।
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सुरक्षा पर सवाल: राजमहल-तीनपहाड़ रेलखंड और सड़क मार्ग से अपराधियों का भागना आसान होता है, जिसका फायदा ये गिरोह उठा रहे हैं।
साहिबगंज के तीनपहाड़ में हुई यह चोरी केवल एक घर का नुकसान नहीं, बल्कि पुलिस व्यवस्था की पोल है। 3 लाख की संपत्ति और सीसीटीवी के रिकॉर्डर का चोरी होना यह बताता है कि चोर अब पुलिस की कार्यप्रणाली से अच्छी तरह वाकिफ हैं। अगर राजमहल पुलिस ने जल्द ही बजाज शोरूम और इस ताजा चोरी के आरोपियों को नहीं पकड़ा, तो आने वाले दिनों में यह गिरोह किसी बड़ी हिंसक वारदात को अंजाम दे सकता है।
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