Mango Overbridge: आधी रात अंडरग्राउंड नक्शा लेकर उतरे डीसी, निर्माण एजेंसी को अल्टीमेटम, तय समय पर काम पूरा न होने पर होगी सीधी कार्रवाई
जमशेदपुर के मानगो में बन रहे ड्रीम ओवरब्रिज प्रोजेक्ट का डीसी राजीव रंजन ने अचानक आधी रात को ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर निरीक्षण किया है। निर्माण एजेंसी को मिले कड़े अल्टीमेटम और ट्रैफिक डायवर्जन के नए नियमों की पूरी एक्सक्लूसिव रिपोर्ट यहाँ देखें।
जमशेदपुर, 18 मई 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर की सबसे बड़ी लाइफलाइन और सबसे पुराने दर्द 'मानगो ट्रैफिक जाम' को हमेशा के लिए खत्म करने वाले महत्वाकांक्षी ओवरब्रिज प्रोजेक्ट को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त (DC) श्री राजीव रंजन ने दलबल के साथ मानगो में निर्माणाधीन ओवरब्रिज परियोजना का औचक स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने न सिर्फ काम की कछुआ चाल पर नाराजगी जताई, बल्कि निर्माण एजेंसी और इंजीनियरों को दोटूक अल्टीमेटम दे दिया कि यदि तय समय-सीमा के भीतर और तय मानकों के अनुरूप काम पूरा नहीं हुआ, तो बड़ी कार्रवाई तय है।
वारदात की दास्तां: नक्शे पर खिंची लकीरें, डीसी का कड़ा रुख और सुरक्षा का घेरा
यह हाई-प्रोफाइल निरीक्षण जमशेदपुर के सबसे व्यस्त और संवेदनशील माने जाने वाले मानगो चौक के पास हुआ।
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इंजीनियरों की क्लास: उपायुक्त ने साइट पर पहुंचकर कार्यकारी एजेंसी के प्रतिनिधियों और अभियंताओं को तलब किया। उन्होंने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, पिलर की गहराई और अब तक उपयोग में लाए गए कंक्रीट मटीरियल की कड़ाई से तकनीकी जांच रिपोर्ट मांगी।
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पब्लिक को राहत का फॉर्मूला: डीसी ने साफ कहा कि मानगो ओवरब्रिज पूरे शहर के लिए एक लाइफलाइन है। इसके निर्माण के दौरान आम जनता को 'न्यूनतम असुविधा' होनी चाहिए। उन्होंने मौके पर ही नया ट्रैफिक डायवर्जन प्लान लागू करने और निर्माण स्थल पर रिफ्लेक्टर व स्लाइडिंग क्रैश बैरियर की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया।
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लापरवाही पर नो टॉलरेंस: डीसी राजीव रंजन ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा, "काम की रफ्तार को अब दोगुना करना होगा। रात के वक्त अतिरिक्त शिफ्ट चलाकर पिलर कैपिंग का काम पूरा करें। इस ड्रीम प्रोजेक्ट में किसी भी स्तर पर शिथिलता या लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।"
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अधिकारियों की फौज मुस्तैद: इस औचक निरीक्षण के दौरान धालभूम के एसडीएम श्री अर्नव मिश्रा, कार्यपालक अभियंता श्री दीपक सहाय और जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) श्री धनंजय सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
क्या तय समय पर मिल पाएगी जाम से मुक्ति?
उपायुक्त राजीव रंजन द्वारा किया गया यह जमीनी निरीक्षण यह साफ करता है कि प्रशासन इस बार आर-पार के मूड में है। एसडीएम अर्नव मिश्रा और डीटीओ धनंजय की संयुक्त निगरानी में यदि ट्रैफिक डायवर्जन को सही तरीके से लागू रखा गया, तो आने वाले महीनों में मानगो के निवासियों को इस ऐतिहासिक जाम के दर्द से हमेशा के लिए आजादी मिल जाएगी। अब देखना यह है कि निर्माण एजेंसी डीसी के इस हंटर के बाद काम की स्पीड कितनी बढ़ाती है।
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