Latehar Raid: लातेहार के मिरचैया जंगल में जमीन फाड़कर निकले घातक हथियार, इंसास राइफल और भारी गोला-बारूद बरामद
लातेहार पुलिस ने छिपादोहर कांड में बड़ी सफलता हासिल करते हुए मिरचैया जंगल से जमीन के नीचे छिपाई गई इंसास राइफल और भारी मात्रा में जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपी मृत्युंजय और बबलू राम की निशानदेही पर हुई इस छापेमारी और बड़ी वारदात की साजिश की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
लातेहार/झारखंड, 19 मार्च 2026 – लातेहार जिले के घने जंगलों में छिपी एक खौफनाक साजिश का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। छिपादोहर थाना कांड संख्या-11/26 की जांच के दौरान पुलिस को मिरचैया जंगल में जमीन के भीतर दबाकर रखा गया हथियारों का जखीरा मिला है। लातेहार एसपी कुमार गौरव के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई ने अपराधियों और उग्रवादी नेटवर्क के मंसूबों पर पानी फेर दिया है। गिरफ्तार किए गए दो शातिर आरोपियों को रिमांड पर लेकर जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उन्होंने घने जंगल के बीच दबे उन 'मौत के औजारों' का पता उगल दिया, जिनसे किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी थी।
जमीन के नीचे 'डेढ़ फीट' का राज: रिमांड पर टूटे अपराधी
इस बड़ी सफलता की पटकथा 14 मार्च को तब लिखी गई थी जब पुलिस ने मृत्युंजय भुईयां उर्फ फरेश भुईयां (42) और बब्लु राम उर्फ बब्लु चंद्रवंशी को गिरफ्तार किया था।
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रिमांड का असर: अदालत से 5 दिनों की रिमांड मिलने के बाद पुलिस ने जब दोनों से मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की, तो उन्होंने मिरचैया जंगल में हथियार छिपाने की बात कबूल ली।
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निशानदेही पर छापेमारी: गारू थाना क्षेत्र के मिरचैया जंगल में जब पुलिस टीम पहुँची, तो आरोपियों ने एक खास जगह की ओर इशारा किया। जमीन को करीब डेढ़ फीट खोदने पर वहां से घातक राइफल्स और सैकड़ों गोलियां बरामद हुईं।
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बरामदगी की लिस्ट: मृत्युंजय की निशानदेही पर एक इंसास राइफल, 70 जिंदा कारतूस (5.56 बोर), तीन मैगजीन और पाउच मिले। वहीं बबलू राम की निशानदेही पर एक सेमी राइफल, .30-06 बोर के 77 कारतूस, एक .30 कार्बाइन राइफल और 23 जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
बड़ी वारदात की थी प्लानिंग: एसपी का खुलासा
एसपी कुमार गौरव ने मीडिया को बताया कि ये हथियार महज शौक के लिए नहीं रखे गए थे।
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सुनियोजित साजिश: हथियारों को जिस तरह से पैक करके जमीन में गाड़ा गया था, वह साफ दर्शाता है कि इन्हें लंबे समय तक सुरक्षित रखने और किसी बड़े हमले के लिए बचाकर रखने की योजना थी।
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टीम वर्क: इस सफल छापेमारी में छिपादोहर थाना प्रभारी मो. याकिन अंसारी और गारू थाना प्रभारी जय प्रकाश शर्मा ने अपनी टीमों के साथ जंगल की खाक छानी।
जांच का दायरा: अब नेटवर्क की बारी
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इन हथियारों का असली मालिक कौन है और इन्हें कहाँ से लाया गया था।
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कड़ियों को जोड़ना: क्या ये हथियार किसी उग्रवादी संगठन के हैं या फिर कोई नया अपराधी गिरोह लातेहार में पैर पसारने की कोशिश कर रहा है? पुलिस इन कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
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जंगल में सर्च ऑपरेशन: मिरचैया के आसपास के अन्य जंगलों में भी मेटल डिटेक्टर्स की मदद से सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है।
लातेहार पुलिस की इस मुस्तैदी ने निश्चित रूप से एक बड़े रक्तपात को टाल दिया है। मिरचैया जंगल से बरामद ये राइफल्स और गोलियां इस बात का सबूत हैं कि शांति की चादर के नीचे अभी भी बारूद की गंध मौजूद है। मृत्युंजय और बबलू राम की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस उस 'मास्टरमाइंड' की तलाश में है जो इन हथियारों के जरिए लातेहार की फिजा बिगाड़ना चाहता था। क्या पुलिस इस नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त कर पाएगी?
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