Latehar Murder: कलयुगी बेटे की खौफनाक करतूत, पिता की हल्की सी डांट पर कुदाल से सिर काटकर उतारा मौत के घाट, मनिका में पसरा सन्नाटा
लातेहार के मनिका थाना क्षेत्र के सिंजो गांव में एक कलयुगी बेटे ने मामूली डांट से नाराज होकर अपने 65 वर्षीय पिता राजकुमार सिंह की कुदाल से मारकर निर्मम हत्या कर दी है। थाना प्रभारी प्रभात दास के नेतृत्व में पुलिस जांच की पूरी लाइव रिपोर्ट यहाँ देखें।
लातेहार/मनिका, 21 मई 2026 – झारखंड के लातेहार जिले के मनिका थाना क्षेत्र से रिश्तों को शर्मसार और खून करने वाली एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने पूरे कोल्हान और पलामू प्रमंडल को हिलाकर रख दिया है। यहाँ के सुदूरवर्ती सिंजो (शिंजो) गांव में बुधवार की देर रात एक कलयुगी और मानसिक रूप से विक्षिप्त बेटे ने महज एक मामूली डांट-फटकार से उग्र होकर अपने ही सगे 65 वर्षीय बुजुर्ग पिता राजकुमार सिंह के सिर पर कुदाल (फावड़े) से ताबड़तोड़ प्रहार कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। इस खूनी खेल को अंजाम देने के बाद आरोपी पुत्र मौके से फरार हो गया। गुरुवार की सुबह जैसे ही इस पैशाचिक हत्याकांड की खबर सिंजो पंचायत में फैली, पूरे इलाके में कोहराम मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए मनिका थाना प्रभारी प्रभात दास भारी पुलिस बल के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे, शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए लातेहार सदर अस्पताल भेजकर आरोपी की तलाश में सघन छापेमारी शुरू कर दी है।
वारदात की इनसाइड स्टोरी: बुधवार रात का वो खूनी सन्नाटा, हल्की सी फटकार और कुदाल का वो प्राणघातक वार
मनिका थाना पुलिस और सिंजो गांव के प्रत्यक्षदर्शी परिजनों से मिली एक्सक्लूसिव और लाइव ग्राउंड इनपुट के अनुसार, यह पूरी घटना महज कुछ मिनटों के भीतर उपजे तीखे आक्रोश और दिमागी असंतुलन का खौफनाक परिणाम है।
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पिता की मामूली नसीहत बनी काल: बुधवार की देर रात सिंजो निवासी राजकुमार सिंह (65 वर्ष) ने अपने बेटे चंदन सिंह (कुछ जगह पवन सिंह नाम दर्ज) को किसी घरेलू बात को लेकर हल्की डांट-फटकार लगाई थी। पिता का उद्देश्य केवल बेटे को समझाना था।
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सनक में उठाया कुदाल: पिता की यह बात सनकी बेटे को इस कदर नागवार गुजरी कि उसने आपा खो दिया। उसने घर के कोने में रखी भारी-भरकम लोहे की कुदाल उठाई और सो रहे या बैठे हुए पिता के सिर पर सीधा और जोरदार वार कर दिया।
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मौके पर ही थम गईं सांसें: कुदाल का प्रहार इतना सटीक और घातक था कि राजकुमार सिंह के सिर के परखच्चे उड़ गए और अत्यधिक खून बह जाने के कारण मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी बेटा अंधेरे का फायदा उठाकर जंगलों की तरफ भाग निकला।
परिजनों का बड़ा खुलासा: रांची से चल रहा था मानसिक इलाज, छोटी बातों पर हो जाता था उग्र
मनिका थाना प्रभारी प्रभात दास के समक्ष रोते-बिलखते परिजनों ने आरोपी चंदन सिंह की दिमागी हालत को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।
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रांची का मेंटल हॉस्पिटल कनेक्शन: परिजनों ने बताया कि आरोपी चंदन सिंह पिछले काफी समय से गंभीर मानसिक बीमारी से जूझ रहा है। हाल ही में उसका इलाज रांची (RINPAS/CIP) से कराकर घर लाया गया था। उसकी दवाइयां चल रही थीं।
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शॉर्ट-टेंपर्ड बिहेवियर: मानसिक स्थिति खराब रहने के कारण वह बहुत ही शॉर्ट-टेंपर्ड हो चुका था और छोटी-छोटी बातों पर भी परिवार के लोगों पर जानलेवा तरीके से उग्र हो जाता था। परिजनों को अंदेशा नहीं था कि उसकी यह बीमारी एक दिन पिता की जान ले लेगी।
ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में मेंटल हेल्थ डेस्क और हिंसक मरीजों की मॉनिटरिंग समय की मांग
मनिका थाना प्रभारी प्रभात दास और उनकी टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शव का पोस्टमार्टम कराकर और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए जाल बिछाकर अपनी कानूनी ड्यूटी तो शुरू कर दी है, लेकिन सिंजो गांव की यह घटना हमारे समाज और स्वास्थ्य व्यवस्था पर एक बहुत बड़ा तमाचा है। जब तक सरकार लातेहार, चाईबासा और सरायकेला जैसे जिलों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) में 'मानसिक स्वास्थ्य परामर्श केंद्र' की स्थापना नहीं करेगी, तब तक ऐसे पागलपन के दौरे अपनों का खून बहाते रहेंगे। समाज को भी जागरूक होना होगा कि मानसिक रूप से बीमार मरीजों को घर में अकेला या हिंसक होने के लिए न छोड़ें, बल्कि उनकी दवाओं और डॉक्टरी निगरानी को परमानेंट बनाए रखें।
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