Koderma ACB Raid : ₹5000 लेते रंगे हाथों पकड़ा गया लाइनमैन

कोडरमा में एसीबी की बड़ी कार्रवाई, बिजली विभाग के लाइनमैन को ₹5000 रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार, तिलैया सब डिवीजन में हड़कंप, हजारीबाद भेजा गया आरोपी।

May 21, 2026 - 17:28
May 21, 2026 - 17:29
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Koderma ACB Raid : ₹5000 लेते रंगे हाथों पकड़ा गया लाइनमैन
Koderma ACB Raid : ₹5000 लेते रंगे हाथों पकड़ा गया लाइनमैन

कोडरमा: झारखंड के कोडरमा में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने गुरुवार को एक बड़ी कार्रवाई की है। बिजली विभाग के लाइनमैन को ₹5000 रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया। एसीबी की टीम आरोपी को लेकर हजारीबाग रवाना हो गई है।

तिलैया सब डिवीजन में हुई कार्रवाई

यह कार्रवाई कोडरमा जिले के तिलैया थाना क्षेत्र में की गई। एसीबी की विशेष टीम को शिकायत मिली थी कि बिजली विभाग का यह लाइनमैन काम करने के बदले रिश्वत मांगता है। शिकायत की जांच की गई और इसे सही पाया गया।

खास बात: इसके बाद एसीबी ने लाइनमैन को पकड़ने की विस्तृत योजना बनाई। टीम ने शिकायतकर्ता को तैयार किया और लाइनमैन से संपर्क कराया।

₹5000 लेते ही धर दबोचा

जिस व्यक्ति से लाइनमैन ने रिश्वत मांगी थी, एसीबी ने उसे तैयार कर लिया। शिकायतकर्ता ने लाइनमैन से बात की और लाइनमैन ने ₹5000 में काम करने की हामी भरी।

जैसे ही लाइनमैन ने उस व्यक्ति से ₹5000 रिश्वत लिए, आसपास मौजूद एसीबी कर्मियों ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया।

विवरण जानकारी
स्थान तिलैया थाना क्षेत्र, कोडरमा
आरोपी बिजली विभाग का लाइनमैन
रिश्वत की रकम ₹5000
कार्रवाई करने वाली टीम हजारीबाग एंटी करप्शन ब्यूरो
वर्तमान स्थिति हजारीबाग ले जाया गया, जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू

पकड़े जाने के बाद तिलैया सब डिवीजन में हड़कंप

लाइनमैन के पकड़े जाने की खबर मिलते ही तिलैया बिजली सब डिवीजन में हड़कंप मच गया। विभाग के अन्य कर्मचारी भी डर गए। एसीबी की कार्रवाई से पूरे बिजली विभाग में खलबली मच गई है।

एसीबी की पिछली बड़ी कार्रवाइयां:

तारीख स्थान कार्रवाई
जनवरी 2025 कोडरमा आपूर्ति विभाग के क्लर्क को ₹3000 रिश्वत में गिरफ्तार
मार्च 2025 हजारीबाग बीडीओ कार्यालय के कर्मचारी को ₹4000 में पकड़ा
अप्रैल 2025 रांची जमीन रजिस्ट्री में ₹10000 रिश्वत लेता आरोपी गिरफ्तार

कैसे की गई यह कार्रवाई?

एसीबी की टीम ने इस पूरे ऑपरेशन की प्लानिंग बेहद सावधानी से की थी।

  1. शिकायत मिली: लाइनमैन द्वारा रिश्वत मांगने की शिकायत एसीबी को मिली।

  2. जांच की गई: टीम ने शिकायत की प्रारंभिक जांच की और इसे सही पाया।

  3. ट्रैप लगाया गया: शिकायतकर्ता को तैयार किया गया और उससे रिश्वत लेते ही आरोपी को पकड़ लिया गया।

  4. गिरफ्तारी: रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद लाइनमैन को गिरफ्तार कर लिया गया।

एसीबी का लोगों से आग्रह

एसीबी के अधिकारियों का कहना है कि रिश्वतखोर अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ उनकी कार्रवाई इसी तरह जारी रहेगी। उन्होंने लोगों से अपील की है:

"अगर कोई भी सरकारी कर्मचारी या अधिकारी आपसे रिश्वत मांगता है, तो तुरंत एसीबी से संपर्क करें। एसीबी आपकी पहचान गुप्त रखते हुए कार्रवाई करेगी।"

इंटरैक्टिव भाग – क्या आपके साथ भी मांगी गई है रिश्वत?

क्या आपने कभी किसी सरकारी काम के लिए रिश्वत दी है या आपसे रिश्वत मांगी गई है?

  • कमेंट में बताएं – आपके साथ ऐसा कब और कहां हुआ?

  • शेयर करें – इस खबर को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं ताकि लोग एसीबी से शिकायत करने से न डरें।

रिश्वत देने और लेने की सजा – कानून क्या कहता है?

भारतीय दंड संहिता और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिश्वत लेना और देना दोनों ही अपराध हैं।

अपराध संभावित सजा
रिश्वत लेना 6 माह से 7 वर्ष की सजा + जुर्माना
रिश्वत देना 6 माह से 5 वर्ष की सजा + जुर्माना
झूठी शिकायत करना 1 वर्ष तक की सजा + जुर्माना

ध्यान दें: यदि आपसे रिश्वत मांगी जाती है, तो बिना डरे एसीबी से शिकायत करें। कानून आपकी रक्षा करता है।

इस मामले में आगे क्या?

एसीबी की टीम आरोपी लाइनमैन को हजारीबाग ले गई है। उसे न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस लाइनमैन ने पहले भी किसी से रिश्वत ली थी और क्या उसके साथी भी इस धंधे में शामिल थे।

बिजली विभाग में क्यों बढ़ रहे हैं भ्रष्टाचार के मामले?

बिजली विभाग में कनेक्शन लेने, बिल सुधारने, मीटर बदलने और नई लाइन डालने के लिए अक्सर रिश्वत मांगी जाती है। आम लोग परेशान होकर रिश्वत दे देते हैं, लेकिन यह सही नहीं है।

विशेषज्ञ की सलाह:

  • हमेशा रिश्वत देने से इनकार करें।

  • बिना रिश्वत के काम न होने पर एसीबी में शिकायत दर्ज कराएं।

  • रिश्वत देने वाले भी उतने ही दोषी होते हैं जितना लेने वाला।

सतर्क रहने की जरूरत

एसीबी लगातार ऐसी कार्रवाइयां कर रही है। इससे पहले 7 अप्रैल और 15 अप्रैल को भी जुगसलाई में बड़ी कार्रवाई हुई थी। रिश्वतखोरों के खिलाफ यह मुहिम जारी रहेगी।

कोडरमा के इस मामले में आरोपी लाइनमैन के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। उसे जल्द ही जेल भेज दिया जाएगा।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।