Khunti Road Crash: खूंटी में काल बनी खड़ी ट्रैक्टर ट्रॉली, मुंडन समारोह से लौट रहे जीजा-साले की दर्दनाक मौत
खूंटी के पिपरा टोली में सड़क किनारे खड़ी ट्रैक्टर ट्रॉली से टकराकर स्कूटी सवार जीजा-साले की मौके पर ही मौत हो गई है। मुंडन समारोह की खुशियों के मातम में बदलने और अंधेरी रात के उस खौफनाक मंजर की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है वरना आप जिले का यह बड़ा अपडेट मिस कर देंगे।
खूंटी, 27 फरवरी 2026 – झारखंड के खूंटी जिला अंतर्गत पिपरा टोली में गुरुवार की देर रात एक ऐसी हृदयविदारक घटना घटी जिसने दो परिवारों के चिराग बुझा दिए। एक मुंडन समारोह की खुशियां उस वक्त मातम में तब्दील हो गईं, जब घर लौट रहे जीजा और साले की स्कूटी सड़क किनारे खड़ी एक लावारिस ट्रैक्टर ट्रॉली से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। यह हादसा एक बार फिर सड़क किनारे अवैध रूप से खड़े भारी वाहनों की ओर इशारा करता है, जो रात के अंधेरे में 'यमदूत' साबित हो रहे हैं।
खुशियों का सफर, गम का मंजर
मृतकों की पहचान बिरहु मोड़ निवासी प्रदीप महतो और उनके जीजा, रांची के नगड़ी (कुली गांव) निवासी संदीप प्रजापति के रूप में हुई है।
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समारोह से वापसी: दोनों डोड़मा स्थित अपनी बहन के घर आयोजित मुंडन कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। रात को कार्यक्रम समाप्त कर वे स्कूटी से वापस खूंटी लौट रहे थे।
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मंजिल से चंद कदम दूर: प्रदीप का घर महज एक किलोमीटर दूर था। तभी पिपरा टोली के पास अंधेरे में खड़ी ट्रैक्टर ट्रॉली उनकी नजरों से चूक गई और स्कूटी सीधे उससे जा भिड़ी।
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मौके पर मौत: घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि टक्कर की आवाज काफी दूर तक सुनाई दी। जब तक लोग मदद के लिए दौड़ते, दोनों की सांसे थम चुकी थीं।
पुलिस की कार्रवाई और परिजनों का कोहराम
सूचना मिलते ही खूंटी थाना पुलिस मौके पर पहुँची और शवों को कब्जे में लिया:
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पोस्टमार्टम: शुक्रवार को खूंटी सदर अस्पताल में दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया गया।
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शोक की लहर: जैसे ही शव परिजनों को सौंपे गए, पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई। मुंडन की खुशियां अब आंसुओं में बदल चुकी थीं।
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जांच शुरू: पुलिस ने ट्रैक्टर ट्रॉली को जब्त कर लिया है और उसके मालिक का पता लगाया जा रहा है।
खूंटी हादसा: मुख्य विवरण (Accident Snapshot)
| विवरण | प्रमुख जानकारी |
| मृतक | प्रदीप महतो (साला) और संदीप प्रजापति (जीजा) |
| हादसे का स्थान | पिपरा टोली, खूंटी |
| वाहन | स्कूटी और सड़क किनारे खड़ी ट्रैक्टर ट्रॉली |
| वजह | रात का अंधेरा और अवैध पार्किंग |
| अस्पताल | सदर अस्पताल, खूंटी |
स्थानीय लोगों का आक्रोश: कब रुकेगी अवैध पार्किंग?
इस घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में गहरा रोष है। लोगों का कहना है कि सड़क किनारे ट्रैक्टर और ट्रक खड़ा करना एक आम बात हो गई है, जिससे रात में लाइट पड़ने पर दूरी का अंदाजा नहीं लग पाता।
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प्रशासन से मांग: ग्रामीणों ने मांग की है कि रात में गश्त बढ़ाई जाए और सड़क पर खड़े वाहनों पर भारी जुर्माना लगाया जाए।
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सुरक्षा ऑडिट: सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पिपरा टोली जैसे दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइट और रिफ्लेक्टर लगाने की मांग की है।
सावधानी ही बचाव है
प्रदीप और संदीप की मौत ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सड़क पर आपकी एक छोटी सी लापरवाही या दूसरे की बड़ी गलती जानलेवा हो सकती है। पुलिस फिलहाल मामले की तकनीकी जांच कर रही है।
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