Jharkhand Weather : आज से 23 मई तक भयंकर आंधी-तूफान और वज्रपात का ऑरेंज अलर्ट, 9 जिलों में मचेगा हाहाकार, पलामू-गढ़वा झुलसे
झारखंड में प्री-मानसून की दस्तक से मौसम विभाग ने धनबाद, रांची और गिरिडीह सहित 9 जिलों में भारी बारिश और 50 किमी की रफ्तार से आंधी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। तबाही के इस खौफनाक पूर्वानुमान की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
राँची, 18 मई 2026 – झारखंड में भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप का सामना कर रहे लोगों के लिए मौसम विभाग ने एक बहुत बड़ी और चौंकाने वाली चेतावनी जारी की है। बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं और चक्रवातीय सिस्टम के कारण सूबे का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है। आज यानी सोमवार से राज्य के कई हिस्सों में 'प्री-मानसून' (Pre-Monsoon) की गतिविधियां अचानक उग्र रूप धारण कर सकती हैं। मौसम केंद्र रांची ने 23 मई तक के लिए एक विशेष बुलेटिन जारी करते हुए राज्य के 9 जिलों में भारी तबाही, वज्रपात और आसमानी आफत का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
वारदात की दास्तां: 50 किमी की रफ्तार से आंधी और कड़कती बिजली
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर-पूर्वी और मध्य झारखंड के वायुमंडल में एक मजबूत वेदर सिस्टम एक्टिव हो गया है।
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9 जिलों में ऑरेंज अलर्ट: मौसम विभाग ने धनबाद, गिरिडीह, रांची, बोकारो, देवघर, दुमका और पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) सहित 9 जिलों को हाई अलर्ट पर रखा है। इन इलाकों में आज दोपहर बाद से ही काले बादलों का डेरा शुरू हो जाएगा।
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धूल भरा बवंडर: इन जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। इस दौरान कमजोर छतों, पेड़ों और बिजली के खंभों को भारी नुकसान पहुँच सकता है।
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आसमान से बरसेगी आग (वज्रपात): सबसे ज्यादा खतरा आकाशीय बिजली (Lightning) को लेकर है। प्रशासन ने लोगों से खुले मैदानों, जलजमाव वाले क्षेत्रों और ऊंचे पेड़ों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है।
दोतरफा मार: एक तरफ झमाझम बारिश, दूसरी तरफ 43 डिग्री का टॉर्चर
झारखंड का भूगोल इस समय दो अलग-अलग मौसम प्रणालियों का गवाह बन रहा है:
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सुहाना सफर और सुहाना मौसम: रांची और कोल्हान के जिलों में प्री-मानसून की बारिश के कारण अधिकतम तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।
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पलामू-गढ़वा में 'लू' का कहर: जहां पूरा राज्य भीगने की तैयारी में है, वहीं पलामू प्रमंडल के गढ़वा, डाल्टनगंज और चतरा के इलाके भीषण 'हीटवेव' (Heatwave) की चपेट में रहेंगे। इन जिलों में पारा 41 से 43 डिग्री सेल्सियस के पार जाएगा, जिससे दोपहर के समय गर्म हवा के थपेड़े लोगों को झुलसाएंगे।
आपदा प्रबंधन और किसानों के लिए बड़ी चुनौती
मौसम विभाग की यह चेतावनी केवल शहरी लोगों के लिए राहत की खबर नहीं है, बल्कि ग्रामीण इलाकों के किसानों के लिए एक बड़ी परीक्षा है। खेतों में कटी रखी फसलें और खलिहान इस आंधी-तूफान में बर्बाद हो सकते हैं। जिला आपदा प्रबंधन विभागों को अलर्ट कर दिया गया है। लोगों को चाहिए कि वे मौसम खराब होने पर कतई बाहर न निकलें और बिजली के उपकरणों को बंद रखें। प्रकृति की इस दोहरी मार से निपटने के लिए सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।
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