Jamtara Crash : जामताड़ा के कोल्हर मोड़ पर पलटा सवारियों से लदा ऑटो, 2 साल का मासूम और बुजुर्ग महिला लहूलुहान
जामताड़ा के नारायणपुर में एक तेज रफ्तार ऑटो पलटने से 2 साल के मासूम बच्चे समेत 6 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। बकरी को बचाने के चक्कर में हुए इस भीषण हादसे ने इलाके में सनसनी फैला दी है। प्रशासन की बैरिकेडिंग भी नदारद है। पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
जामताड़ा/नारायणपुर, 7 मार्च 2026 – झारखंड के जामताड़ा जिले में शनिवार को एक बार फिर तेज रफ्तार का खौफनाक तांडव देखने को मिला। नारायणपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत कोल्हर मोड़ के पास सवारियों और सामान से लदा एक ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया। इस दिल दहला देने वाली घटना में कुल छह लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनमें एक दो साल का मासूम बच्चा भी शामिल है। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और स्थानीय ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई।
बकरी को बचाने की कोशिश और फिर 'पलटी' मौत
हादसा उस वक्त हुआ जब ऑटो जामताड़ा से सवारियों को लेकर नारायणपुर की तरफ जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार:
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अचानक आई आफत: कोल्हर मोड़ के पास अचानक एक बकरी ऑटो के सामने आ गई।
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कंट्रोल खोया: चालक ने बकरी को बचाने के लिए तेजी से ब्रेक मारा और हैंडल मोड़ा, लेकिन ऑटो की रफ्तार इतनी तेज थी कि वह बीच सड़क पर ही तीन-चार बार पलट गया।
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खतरनाक ओवरलोडिंग: ऑटो में सवारियों के साथ सामान भी काफी अधिक लदा हुआ था, जिसने संतुलन बिगाड़ने में आग में घी का काम किया।
मासूम की हालत नाजुक, बुजुर्ग का टूटा हाथ
इस सड़क दुर्घटना ने कई परिवारों की खुशियां छीन ली हैं। घायलों की स्थिति देखकर वहां मौजूद लोगों की रूह कांप गई।
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मासूम बच्चा: सबसे दर्दनाक स्थिति दो साल के उस मासूम की है, जिसे सिर और शरीर के अंदरूनी हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं।
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बुजुर्ग महिला: एक वृद्धा का हाथ कंधे के पास से पूरी तरह टूट गया है और वह दर्द से कराह रही थी।
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बाकी घायल: कुल छह घायलों में से दो का इलाज पास के निजी क्लिनिक में चल रहा है, जबकि बच्चे समेत तीन अति-गंभीर घायलों को निजी वाहन से जामताड़ा रेफर किया गया है।
नारायणपुर और कोल्हर मोड़: हादसों का पुराना गलियारा
जामताड़ा का नारायणपुर इलाका व्यापारिक और आवाजाही के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है।
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ऐतिहासिक रूट: नारायणपुर पुराने समय से ही जामताड़ा और गिरिडीह को जोड़ने वाला एक प्रमुख व्यापारिक मार्ग रहा है। यहाँ की सड़कें बेहतर तो हुई हैं, लेकिन 'स्पीड' अब काल बन रही है।
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बैरिकेडिंग का सच: जामताड़ा पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से मुख्य बाजारों में बैरिकेडिंग की थी, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि रात के अंधेरे में तेज रफ्तार ट्रेलरों और पिकअप वाहनों ने इन्हें टक्कर मारकर क्षतिग्रस्त कर दिया है।
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प्रशासनिक ढिलाई: कोल्हर मोड़ जैसे 'ब्लैक स्पॉट' पर न तो अब कोई साइन बोर्ड बचा है और न ही गति सीमा पर नियंत्रण रखने वाला कोई पुख्ता इंतजाम।
ग्रामीणों का आक्रोश: "साहब, अब तो जाग जाओ"
हादसे के बाद कोल्हर मोड़ के निवासियों में भारी नाराजगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर प्रशासन समय रहते क्षतिग्रस्त बैरिकेडिंग को ठीक कर देता और पुलिस की गश्त नियमित होती, तो ऑटो चालक इतनी हिम्मत नहीं कर पाते।
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मांग: ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़कों पर 'स्पीड ब्रेकर' और 'बैरिकेड्स' नहीं लगाए गए, तो वे सड़क जाम कर प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
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पुलिस की भूमिका: नारायणपुर थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। हालांकि, हादसे में ऑटो चालक को मामूली चोटें आई हैं, जिसे पुलिस ने पूछताछ के लिए रडार पर लिया है।
हादसे का संक्षिप्त विवरण: एक नजर में
| विवरण | प्रमुख जानकारी |
| हादसे का स्थान | कोल्हर मोड़, नारायणपुर (जामताड़ा) |
| घायलों की संख्या | 06 (एक मासूम और एक बुजुर्ग गंभीर) |
| मुख्य कारण | तेज रफ्तार और बकरी को बचाने की कोशिश |
| वर्तमान स्थिति | तीन घायल जामताड़ा रेफर, स्थिति चिंताजनक |
रफ्तार का जुनून या मौत का बुलावा?
जामताड़ा की यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा नियमों की धज्जियां उड़ाती नजर आती है। एक मासूम बच्चा आज अस्पताल के बेड पर जिंदगी की जंग लड़ रहा है, सिर्फ इसलिए क्योंकि एक चालक को अपनी रफ्तार पर गुमान था। प्रशासन को अब केवल बैरिकेडिंग ठीक करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि ओवरलोडेड ऑटो और ओवरस्पीडिंग पर कड़ा हंटर चलाना होगा।
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