Jamshedpur Firing: गणेश पूजा के म्यूजिक प्रोग्राम में बवाल और फायरिंग, आरोपियों की तलाश में पुलिस
जमशेदपुर के साकची में गणेश पूजा के दौरान म्यूजिक पार्टी में विवाद के बाद फायरिंग की घटना से सनसनी फैल गई। युवतियों से छेड़खानी के विरोध में शुरू हुआ विवाद गोलीबारी तक पहुंच गया। पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर ली है और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
जमशेदपुर के साकची इलाके में मंगलवार की रात एक सनसनीखेज घटना ने गणेश पूजा के उल्लास को मातम में बदलने से तो बचा लिया, लेकिन लोगों के बीच अफरातफरी जरूर मचा दी। दरअसल, राज क्लब में आयोजित गणेश पूजा के दौरान चल रहे म्यूजिक पार्टी प्रोग्राम में अचानक माहौल बिगड़ गया और मामला फायरिंग तक पहुंच गया।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, प्रोग्राम के दौरान कुछ युवक मंच पर चढ़ गए और वहां परफॉर्म कर रही युवतियों के साथ छेड़खानी करने लगे। इसका विरोध स्थानीय लोगों और आयोजकों ने किया। लेकिन बात यहीं नहीं रुकी, विरोध के बीच मारपीट शुरू हो गई और देखते-देखते स्थिति बिगड़ गई।
फायरिंग से मचा हड़कंप
मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि हंगामे के बीच गोली चलने की आवाज सुनाई दी। फायरिंग करने का आरोप राहुल राय और राहुल तिवारी नामक युवकों पर लगा है। अचानक हुई गोलीबारी से माहौल में अफरातफरी मच गई और लोग इधर-उधर भागने लगे।
हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं मिली। लेकिन क्लब के पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही साकची थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपियों की पहचान हो चुकी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
इसके साथ ही क्लब परिसर में लगे CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि आरोपियों की गतिविधियों और फायरिंग की सटीक जानकारी जुटाई जा सके।
पूजा पंडालों की सुरक्षा पर सवाल
यह घटना एक बार फिर पूजा पंडालों और पब्लिक इवेंट्स की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। हर साल गणेश पूजा जैसे कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं। ऐसे में सुरक्षा की चूक गंभीर खतरे को जन्म दे सकती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर पुलिस की गश्ती और सुरक्षा व्यवस्था पहले से मजबूत होती तो इस तरह की स्थिति शायद न बनती।
क्या बोले स्थानीय लोग?
आसपास के लोगों ने बताया कि जैसे ही फायरिंग हुई, पूरा माहौल दहशत में बदल गया। लोग अपने बच्चों और परिवार को लेकर कार्यक्रम स्थल से भागने लगे।
एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा— "पहले तो लगा कि पटाखा फूटा है, लेकिन जब गोली चलने की पुष्टि हुई तो सब लोग डर गए।"
आगे की कार्रवाई
पुलिस अब आरोपियों को पकड़ने में जुटी है और CCTV फुटेज के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है। वहीं, आयोजकों से भी पूछताछ की जा रही है कि कार्यक्रम में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम क्यों नहीं थे।
जमशेदपुर का यह मामला भले ही बिना किसी चोटिल हुए टल गया हो, लेकिन यह घटना साफ करती है कि धार्मिक और सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस और आयोजकों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।
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