Jamshedpur Jailbreak: जमशेदपुर में 20 लाख की डकैती का खुलासा, गुड्डू पाजी समेत 3 कुख्यात गिरफ्तार, गैंग के तार कहां से जुड़े थे, बड़ा रहस्य
जमशेदपुर के रामनगर डकैती मामले में पुलिस को गुड्डू पाजी समेत 3 कुख्यात अपराधियों को पकड़ने में कैसे सफलता मिली? 20 लाख की लूट में इस्तेमाल हुई बुलेट बाइक का रहस्य क्या है? क्या यह गैंग हत्या और आर्म्स एक्ट के कई मामलों में शामिल था? एसआईटी टीम ने पहले ही 5 अपराधियों को जेल क्यों भेज दिया था? पूरे गिरोह का भंडाफोड़ कब तक होगा? पूरी जानकारी पढ़ें!
जमशेदपुर, 30 अक्टूबर 2025 – जमशेदपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। कदमा थाना क्षेत्र के रामनगर रोड नंबर 2 में 9 अक्टूबर की शाम हुई लगभग 20 लाख रुपये की सनसनीखेज डकैती के मामले में एसआईटी ने तीन और कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी इस बात का संकेत है कि पुलिस जल्द ही पूरे गिरोह का भंडाफोड़ कर सकती है, जिसके तार हत्या और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर अपराधों से जुड़े हुए हैं।
20 लाख की लूट: हथियारबंद अपराधियों ने परिवार को बनाया था बंधक
9 अक्टूबर को लगभग 7:30 बजे, रामनगर रोड नंबर 2 में रहने वाले दीप राज दास के घर में डकैतों ने भीषण वारदात को अंजाम दिया था।
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वारदात का विवरण: वादी दीप राज दास ने थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया था कि करीब 7 से 8 हथियारबंद अपराधी उनके घर में घुस गए और पूरे परिवार को बंधक बना लिया।
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लूट की राशि: अपराधियों ने घर से जेवरात और अन्य कीमती सामानों समेत लगभग 20 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति लूटकर फरार हो गए थे।
झारखंड और खासकर जमशेदपुर के इतिहास में संगठित अपराध और गैंगवार एक बड़ी समस्या रही है, और यह डकैती साफ दिखाती है कि अपराधी अब किस तरह से भीड़भाड़ वाले रिहायशी इलाकों में भी हिम्मत कर रहे हैं।
एसआईटी की तेज कार्रवाई: गिरोह के तीन कुख्यात दबोचे
मामले की गंभीरता को देखते हुए, वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक नगर के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था।
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गिरफ्तार अपराधी: एसआईटी ने पेशेवर तरीके से जांच करते हुए तीन कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें परसुडीह मछुआ बस्ती का गुड्डू पाजी उर्फ श्रवण कुमार निर्मलकर, बागबेड़ा सोमाय झोपड़ी का विजय उर्फ विशाल सवैया और धालभूमगढ़ का शिवम कालिंदी शामिल हैं।
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बरामदी: इनके पास से घटना में इस्तेमाल की गई एक बुलेट मोटरसाइकिल (जेएच 05डीजेड 5810) भी बरामद की गई है। बुलेट जैसे वाहन का इस्तेमाल यह दर्शाता है कि अपराधी पेशेवर और संगठित तरीके से काम कर रहे थे।
हत्या और आर्म्स एक्ट के मामले: एक बड़ा गिरोह सक्रिय
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए इन तीनों अपराधियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है।
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गंभीर मामले: इन तीनों पर हत्या, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर मामलों के कई केस पहले से ही विभिन्न थानों में दर्ज हैं।
एसआईटी टीम इस कांड में शामिल पांच अन्य अपराधियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। इसका मतलब है कि यह गिरोह कुल 8 या उससे अधिक लोगों का हो सकता है।
पुलिस का दावा है कि शेष फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही इस पूरे गिरोह का पर्दाफाश कर लिया जाएगा। यह गिरफ्तारी जमशेदपुर पुलिस के लिए बड़ी राहत है और उम्मीद है कि इससे शहर में डकैती और संगठित अपराधों पर लगाम लगेगी।
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