Mango Achievement: जमशेदपुर के लाल मोहम्मद हसीब का ऑल इंडिया पुलिस शूटिंग में जलवा, चौथी बार जीता गोल्ड मेडल, मानगो में जश्न का माहौल

जमशेदपुर के मानगो निवासी मोहम्मद हसीब आलम खान ने 26वीं ऑल इंडिया पुलिस शूटिंग प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। चौथी बार स्वर्ण पदक जीतने की उनकी इस गौरवशाली यात्रा और मानगो की चूना शाह कॉलोनी में मचे जश्न की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।

Apr 1, 2026 - 21:14
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Mango Achievement: जमशेदपुर के लाल मोहम्मद हसीब का ऑल इंडिया पुलिस शूटिंग में जलवा, चौथी बार जीता गोल्ड मेडल, मानगो में जश्न का माहौल
Mango Achievement: जमशेदपुर के लाल मोहम्मद हसीब का ऑल इंडिया पुलिस शूटिंग में जलवा, चौथी बार जीता गोल्ड मेडल, मानगो में जश्न का माहौल

जमशेदपुर/मानगो, 1 अप्रैल 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर के लिए आज गर्व का दिन है। खेल और साहस की दुनिया में जमशेदपुर के एक और बेटे ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी धाक जमाई है। मानगो इलाके के रहने वाले मोहम्मद हसीब आलम खान ने 26वीं ऑल इंडिया पुलिस शूटिंग प्रतियोगिता (राइफल) में स्वर्ण पदक (Gold Medal) हासिल कर न केवल शहर, बल्कि पूरे राज्य का नाम रोशन किया है। हसीब ने अपनी अचूक निशानेबाजी से साबित कर दिया है कि लगन और मेहनत के साथ अगर लक्ष्य पर नजर हो, तो सफलता कदम चूमती है। उनकी इस ऐतिहासिक जीत के बाद मानगो में बधाइयों का तांता लगा हुआ है।

गोल्डन चौकड़ी: चौथी बार बना शूटिंग का किंग

मोहम्मद हसीब आलम खान के लिए गोल्ड मेडल जीतना अब एक परंपरा जैसा बन गया है।

  • लगातार सफलता: यह हसीब की कोई पहली उपलब्धि नहीं है। उन्होंने इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में अपनी श्रेष्ठता बरकरार रखते हुए अब तक कुल चार बार गोल्ड मेडल अपने नाम किया है।

  • अचूक निशाना: 26वीं ऑल इंडिया पुलिस शूटिंग प्रतियोगिता में देश भर के दिग्गज निशानेबाजों को पछाड़ते हुए हसीब ने राइफल शूटिंग में प्रथम स्थान प्राप्त किया। उनकी इस 'गोल्डन चौकड़ी' ने उन्हें पुलिस शूटिंग जगत का एक बड़ा नाम बना दिया है।

  • पारिवारिक पृष्ठभूमि: मोहम्मद महबूब आलम खान के पुत्र हसीब ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार और कोच के मार्गदर्शन को दिया है।

मानगो में जश्न: चूना शाह कॉलोनी में बंटी मिठाइयां

हसीब की इस बड़ी उपलब्धि की खबर जैसे ही मानगो पहुँची, पूरे इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई।

  1. स्थानीय गौरव: हसीब जमशेदपुर के मानगो इलाके के चूना शाह कॉलोनी (रहिमिया मदरसा के पास) के रहने वाले हैं। स्थानीय निवासियों ने आतिशबाजी और मिठाइयां बांटकर इस जीत का जश्न मनाया।

  2. युवाओं के लिए प्रेरणा: मानगो जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्र से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाना यहाँ के युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है। लोग हसीब को 'मानगो का गौरव' बता रहे हैं।

  3. बधाइयों का दौर: जीत की खबर फैलते ही सोशल मीडिया से लेकर हसीब के घर तक गणमान्य व्यक्तियों और खेल प्रेमियों का जमावड़ा लगा हुआ है।

ऑल इंडिया पुलिस शूटिंग का गौरवशाली इतिहास

ऑल इंडिया पुलिस शूटिंग प्रतियोगिता भारत की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित खेल स्पर्धाओं में से एक मानी जाती है।

  • कड़ा मुकाबला: इस प्रतियोगिता में बीएसएफ (BSF), सीआरपीएफ (CRPF), आईटीबीपी (ITBP) और विभिन्न राज्यों की पुलिस फोर्स के सर्वश्रेष्ठ निशानेबाज हिस्सा लेते हैं। ऐसे कड़े मुकाबले में चौथी बार स्वर्ण जीतना हसीब की असाधारण प्रतिभा को दर्शाता है।

  • अनुशासन और ट्रेनिंग: पुलिस राइफल शूटिंग में शारीरिक फिटनेस से कहीं अधिक मानसिक एकाग्रता की आवश्यकता होती है। हसीब ने पिछले कई वर्षों से कड़े अनुशासन और प्रशिक्षण के जरिए इस स्तर को हासिल किया है।

  • जमशेदपुर का स्पोर्ट्स हब: जमशेदपुर ने देश को कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी दिए हैं, लेकिन पुलिस शूटिंग जैसी विधा में हसीब ने जो मुकाम पाया है, वह शहर के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ता है।

अगला लक्ष्य: अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं पर नजर

चार बार राष्ट्रीय स्वर्ण पदक विजेता बनने के बाद अब हसीब के सामने बड़ी चुनौतियां और अवसर हैं।

  • ग्लोबल मंच: खेल विशेषज्ञों का मानना है कि हसीब के पास वह क्षमता है कि वे अंतरराष्ट्रीय पुलिस गेम्स और अन्य वैश्विक प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व कर सकें।

  • राज्य सरकार से उम्मीद: स्थानीय खेल प्रेमियों ने मांग की है कि झारखंड सरकार हसीब जैसे होनहार खिलाड़ियों को बेहतर संसाधन और विश्व स्तरीय प्रशिक्षण सुविधाएं मुहैया कराए ताकि वे ओलंपिक जैसे बड़े मंचों के लिए तैयार हो सकें।

 मोहम्मद हसीब आलम खान की यह उपलब्धि केवल एक पदक नहीं, बल्कि उन सभी युवाओं के लिए संदेश है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। मानगो की तंग गलियों से निकलकर राइफल शूटिंग के शिखर तक पहुँचने का हसीब का यह सफर वाकई काबिले तारीफ है। चौथी बार गोल्ड जीतना उनकी निरंतरता और जुनून का प्रतीक है। जमशेदपुर आज अपने इस 'गोल्डन बॉय' को सलाम कर रहा है। हमें उम्मीद है कि हसीब का निशाना भविष्य में और भी ऊंचे लक्ष्यों को भेदेगा और वे देश के लिए और भी पदक जीतेंगे। फिलहाल, मानगो का हर कोना हसीब की जीत की खुशबू से महक रहा है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।