Mango Deadbody: गुरुद्वारा रोड कालीघाट और भैंस घाट के बीच तैरती मिली 50 वर्षीय व्यक्ति की लाश, हत्या या हादसा

जमशेदपुर के मानगो गुरुद्वारा रोड स्थित कालीघाट और भैंस घाट के बीच सुवर्णरेखा नदी से एक 50 वर्षीय अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद हुआ है। मानगो थाना पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर पहचान और हत्या के एंगल से जांच शुरू कर दी है। पूरी लाइव रिपोर्ट यहाँ देखें।

May 21, 2026 - 13:29
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Mango Deadbody: गुरुद्वारा रोड कालीघाट और भैंस घाट के बीच तैरती मिली 50 वर्षीय व्यक्ति की लाश, हत्या या हादसा
Mango Deadbody: गुरुद्वारा रोड कालीघाट और भैंस घाट के बीच तैरती मिली 50 वर्षीय व्यक्ति की लाश, हत्या या हादसा

जमशेदपुर, 21 मई 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर के सबसे बड़े और घनी आबादी वाले आवासीय क्षेत्र मानगो से गुरुवार की सुबह एक बेहद सनसनीखेज और रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ मानगो थाना अंतर्गत गुरुद्वारा रोड स्थित प्रसिद्ध कालीघाट और भैंस घाट के बीच सुवर्णरेखा नदी के पानी में एक अज्ञात व्यक्ति का शव उतराता हुआ बरामद किया गया है। गुरुवार तड़के जब स्थानीय नागरिक और मल्लाह घाट की तरफ गए, तो नदी के किनारे संदिग्ध अवस्था में पड़े इस शव को देखकर पूरे इलाके में हाहाकार मच गया। देखते ही देखते गुरुद्वारा रोड और कालीघाट के आसपास हजारों स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत इसकी सूचना मानगो थाना पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया। प्रारंभिक जांच के अनुसार मृतक की उम्र लगभग 45 से 50 वर्ष के बीच आंकी जा रही है, लेकिन घंटों की मशक्कत के बाद भी अब तक शव की शिनाख्त नहीं हो सकी है, जिससे इस मौत के पीछे का सस्पेंस और गहरा गया है।

वारदात की दास्तां: गुरुद्वारा रोड पर सुबह का सन्नाटा, नदी में तैरती लाश और मानगो पुलिस की तफ्तीश

मानगो थाना पुलिस और घाट पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों से मिली एक्सक्लूसिव और लाइव इनपुट के अनुसार, यह मामला सीधे तौर पर संदिग्ध मौत और गहरे रहस्य के इर्द-गिर्द घूम रहा है।

  • तड़के सुबह हुआ खौफनाक खुलासा: गुरुवार सुबह करीब 6:00 बजे जब कुछ स्थानीय लोग नित्य कर्म और स्नान के लिए सुवर्णरेखा नदी के कालीघाट की तरफ बढ़े, तो उन्होंने भैंस घाट के बीच झाड़ियों के पास पानी में एक मानव शरीर को उल्टे मुंह तैरते देखा। पास जाने पर पता चला कि अधेड़ उम्र के इस व्यक्ति की सांसें काफी पहले थम चुकी हैं।

  • पहचान छुपाने की गहरी साजिश की आशंका: मानगो थाना प्रभारी अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और गोताखोरों की मदद से शव को पानी से बाहर निकलवाया। मृतक के शरीर पर कोई ऐसा पहचान पत्र, मोबाइल या दस्तावेज नहीं मिला जिससे उसकी शिनाख्त हो सके। पुलिस को अंदेशा है कि साक्ष्य छुपाने या पहचान मिटाने के उद्देश्य से शव को रात के अंधेरे में यहाँ फेंका गया होगा।

  • पोस्टमार्टम के लिए एमजीएम भेजा गया शव: पुलिस ने पंचनामा की कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए महात्मा गांधी मेमोरियल (MGM) मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया है। डॉक्टरों की फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि व्यक्ति की मौत नदी में डूबने से हुई है या पहले उसकी हत्या की गई और फिर शव को नदी में बहा दिया गया।

प्रशासनिक रुख: गुमशुदगी के रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस, मानगो के सभी थानों को अलर्ट

सिटी एसपी और मानगो थाना प्रभारी ने इस मामले को लेकर शहर के सभी थानों को अलर्ट मोड पर डाल दिया है।

  1. सीटीआर और मिसिंग डायरी की जांच: मानगो पुलिस पिछले 48 घंटों के भीतर जमशेदपुर के उलीडीह, आजादनगर, साकची और सीतारामडेरा थानों में दर्ज हुई सभी गुमशुदगी (Missing Reports) की फाइलों को खंगाल रही है, ताकि मृतक का हुलिया मैच किया जा सके।

  2. स्थानीय बस्तियों में हुलिया जारी: पुलिस ने सोशल मीडिया और स्थानीय व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए मृतक के कपड़ों और हुलिए की तस्वीर जारी की है, ताकि गुरुद्वारा रोड, दफ्तरी मोहल्ला और कुंवर बस्ती के लोग इसकी पहचान कर सकें।

नदी तटीय रिहायशी इलाकों में रिवर-पेट्रोलिंग और हाई-मास्ट लाइटें लगाना समय की मांग

मानगो थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर अपनी प्राथमिक जिम्मेदारी तो निभा दी है, लेकिन गुरुद्वारा रोड कालीघाट पर मिला यह शव शहर की तटीय सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलता है। मानगो जैसे घनी आबादी वाले इलाके में नदी के घाट रात के वक्त पूरी तरह अंधेरे में डूब जाते हैं, जिसका फायदा असामाजिक तत्व और अपराधी उठाते हैं। जिला प्रशासन को तुरंत कालीघाट से लेकर भैंस घाट तक के पूरे बेल्ट में हाई-मास्ट लाइटें लगानी चाहिए और मानगो पुलिस को रात के वक्त 'रिवर-साइड बाइक पेट्रोलिंग' (नदी किनारे गश्त) अनिवार्य करनी चाहिए। जब तक इन सुनसान घाटों पर सीसीटीवी कैमरों की तीसरी आंख का पहरा नहीं होगा, तब तक सुवर्णरेखा की पवित्र धारा अपराधियों के लिए सेफ हेवन बनती रहेगी।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।