Kowali Tragedy: सुबह-सुबह कोवाली में खूनी खेल, दामाद को छोड़कर लौट रहे ससुर को अज्ञात वाहन ने रौंदा, 7 बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
जमशेदपुर के कोवाली में एक दिल दहला देने वाला 'हिट एंड रन' मामला सामने आया है। सुबह 5 बजे पैदल लौट रहे किसान होरी हंसदा को अज्ञात वाहन ने कुचल दिया, जिससे उनके 7 बच्चों के सिर से साया उठ गया। इस दर्दनाक हादसे और फरार वाहन की तलाश से जुड़ी पूरी रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी सुरक्षित यात्रा के इस बड़े खतरे को जानने से चूक जाएंगे।
जमशेदपुर/कोवाली, 21 जनवरी 2026 – लौहनगरी के ग्रामीण इलाके कोवाली थाना क्षेत्र में बुधवार की सुबह एक ऐसी खबर आई जिसने जुड़ी पहाड़ी गांव के हर शख्स की आंखों को नम कर दिया। सुबह की पहली किरण के साथ ही एक हंसता-खेलता परिवार उजड़ गया। दामाद को छोड़कर घर वापस लौट रहे एक मेहनतकश किसान को मौत की रफ्तार ने अपनी चपेट में ले लिया। 'हिट एंड रन' की इस वारदात में अज्ञात वाहन मासूम बच्चों के पिता को कुचलकर मौके से फरार हो गया। पुलिस अब उस कातिल वाहन की तलाश में जुटी है जिसने अंधेरे का फायदा उठाकर एक जिंदगी छीन ली।
फर्ज निभाकर लौट रहे थे, रास्ते में मिली मौत
यह हादसा सुबह करीब 5 बजे के आसपास जुड़ी पहाड़ी के समीप हुआ। 45 वर्षीय होरी हंसदा अपने दामाद को विदा करने के लिए घर से निकले थे।
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अंतिम मुलाकात: होरी हंसदा के दामाद राम चंद्र महतो ने नम आंखों से बताया कि उनके ससुर बुधवार सुबह 5 बजे उन्हें पैदल ही छोड़ने के लिए हल्दीपोखर तक गए थे।
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खौफनाक टक्कर: दामाद को हल्दीपोखर से विदा कर जब होरी वापस अपने घर जुड़ी पहाड़ी लौट रहे थे, तभी एक अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें पीछे से जोरदार टक्कर मार दी।
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मौके पर ही दम तोड़ा: टक्कर इतनी भीषण थी कि होरी हंसदा ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। कोहरे और सुबह के अंधेरे का फायदा उठाकर अज्ञात वाहन चालक वहां से भागने में सफल रहा।
7 बच्चों का सहारा छिना, गांव में शोक की लहर
होरी हंसदा पेशे से किसान थे और कड़ी मेहनत करके अपने बड़े परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे।
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बड़ा परिवार: मृतक के 7 बच्चे हैं, जिनके भविष्य की चिंता अब परिवार और ग्रामीणों को सता रही है।
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खेती-बाड़ी का आधार: घर में कमाई का मुख्य जरिया खेती ही थी, जिसे होरी खुद संभालते थे।
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पुलिस की कार्रवाई: सूचना मिलते ही कोवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित किए जाने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
कोवाली हिट एंड रन कांड: घटना का विवरण (Accident Snapshot)
| विवरण | जानकारी (Details) |
| मृतक का नाम | होरी हंसदा (45 वर्ष) |
| घटना स्थल | जुड़ी पहाड़ी के समीप, कोवाली |
| वजह | अज्ञात वाहन द्वारा कुचलना (हिट एंड रन) |
| पारिवारिक स्थिति | 7 बच्चे और पत्नी (किसान परिवार) |
| वर्तमान स्थिति | पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश में जुटी |
इतिहास का पन्ना: कोवाली और हल्दीपोखर मार्ग पर बढ़ता हादसों का ग्राफ
कोवाली और हल्दीपोखर का यह इलाका ऐतिहासिक रूप से जमशेदपुर को ओडिशा की सीमा से जोड़ने वाला प्रमुख व्यापारिक मार्ग रहा है। 19वीं शताब्दी के दौरान यह 'बैलगाड़ी मार्ग' के रूप में जाना जाता था, जहाँ व्यापारिक काफिले चलते थे। इतिहास गवाह है कि साल 2010 के बाद जब जमशेदपुर की परिधि बढ़ी और कोल्हान के ग्रामीण इलाकों में सड़कों का जाल बिछा, तब इन सड़कों पर भारी मालवाहक ट्रकों की आवाजाही 300% तक बढ़ गई। कोवाली क्षेत्र में 'जुड़ी पहाड़ी' और 'हल्दीपोखर' के बीच का स्ट्रेच अपनी घुमावदार सड़कों के कारण ब्लैक स्पॉट के रूप में उभर रहा है। पिछले 5 सालों के आंकड़े बताते हैं कि सुबह के वक्त जब दृश्यता (Visibility) कम होती है, तब यहाँ सबसे ज्यादा 'हिट एंड रन' की घटनाएं दर्ज की गई हैं। होरी हंसदा की मौत उसी पुरानी प्रशासनिक अनदेखी का परिणाम है जहाँ ग्रामीण सड़कों पर स्पीड लिमिट और रात के वक्त गश्ती की भारी कमी है।
पुलिस की रडार पर 'अज्ञात' कातिल
कोवाली पुलिस ने इस मामले में हत्या और लापरवाही से वाहन चलाने का केस दर्ज कर लिया है।
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सीसीटीवी और नाकाबंदी: पुलिस हल्दीपोखर और जुड़ी पहाड़ी के बीच स्थित पेट्रोल पंपों और दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाल रही है ताकि सुबह 5 बजे से 5:15 के बीच वहां से गुजरे संदिग्ध वाहनों की पहचान हो सके।
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ग्रामीणों का गुस्सा: स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस सड़क पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की जाए और तेज रफ्तार वाहनों पर लगाम लगाने के लिए स्पीड ब्रेकर बनाए जाएं।
सिस्टम की लापरवाही की एक और भेंट
होरी हंसदा की मौत ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि झारखंड की ग्रामीण सड़कों पर पैदल चलना जान जोखिम में डालना जैसा है। एक पिता ने अपना फर्ज निभाते हुए दामाद को विदा किया, लेकिन उसे क्या पता था कि वह अपनी अंतिम यात्रा की ओर बढ़ रहा है। अब सबकी नजरें पुलिस पर हैं कि क्या वह उस फरार वाहन को पकड़ पाती है?
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