Kapali Terror: खौफनाक दुस्साहस, कपाली में एक ही घर में दोबारा घुसे चोर, लाठी-डंडा लेकर सड़कों पर उतरी जनता
जमशेदपुर से सटे कपाली में चोरों के आतंक ने सारी हदें पार कर दी हैं और 40 दिन के भीतर एक ही घर को दोबारा निशाना बनाया गया है। पुलिस की ढिलाई से नाराज लोगों के आधी रात को लाठी-डंडा लेकर सड़क पर उतरने और चंदा मांगने वालों के 'रेकी कनेक्शन' की पूरी रोंगटे खड़े कर देने वाली रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी अपने घर की सुरक्षा को लेकर कभी निश्चिंत नहीं रह पाएंगे।
जमशेदपुर/कपाली, 10 जनवरी 2026 – सरायकेला-खरसावां जिले के कपाली ओपी क्षेत्र में चोरों के दुस्साहस ने आम जनता की नींद उड़ा दी है। कपाली के गौसनगर फुटबॉल मैदान के पास रहने वाले एक परिवार के लिए शुक्रवार की रात खौफनाक साबित हुई, जब उनके घर में 40 दिन के भीतर दूसरी बार चोरी की कोशिश की गई। हैरानी और गुस्से की बात यह है कि जिस घर में पिछली 29 नवंबर को चोरी हुई थी, उसी घर में 9 जनवरी की रात दोबारा दो अज्ञात अपराधी घुस गए। पुलिस की निष्क्रियता से नाराज स्थानीय लोग अब खुद लाठी-डंडा लेकर पहरेदारी करने को मजबूर हो गए हैं।
आधी रात का तांडव: खिड़की की रस्सी काट घुसे चोर
घटना शुक्रवार रात करीब 10 बजे की है। पीड़िता शामिमा बेगम ने बताया कि घर के सभी सदस्य सोने की तैयारी कर रहे थे, तभी बाउंड्री के भीतर हलचल महसूस हुई।
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शातिराना अंदाज: दो अज्ञात युवक घर की बाउंड्री फांदकर भीतर घुसे और कमरे की खिड़की में बंधी रस्सी को काट दिया। उनका इरादा खिड़की के रास्ते कमरे में दाखिल होकर बड़ी वारदात को अंजाम देना था।
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बाल-बाल बचे: जैसे ही घर वालों की नजर उन पर पड़ी, उन्होंने शोर मचाना शुरू कर दिया। पकड़े जाने के डर से दोनों युवक अलबेस्टर (छत) पर चढ़कर बिजली की गति से भाग निकले।
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दहशत का माहौल: इस घटना के बाद पूरे गौसनगर इलाके में लोग घरों से बाहर निकल आए। हाथों में लाठी-डंडा लिए युवाओं और बुजुर्गों की टोली ने काफी देर तक अपराधियों की तलाश की, लेकिन वे अंधेरे का फायदा उठाकर गायब हो चुके थे।
चंदा मांगने वालों का 'रेकी' कनेक्शन: नया खुलासा
शामिमा बेगम ने एक बेहद चौंकाने वाला संदेह जताया है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार की सुबह दो अनजान युवक उनके घर 'चंदा' मांगने आए थे।
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रेकी का शक: परिवार का मानना है कि चंदा मांगने के बहाने ये युवक घर के भीतर और बाहर के रास्तों की रेकी (निरीक्षण) कर रहे थे।
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सटीक टाइमिंग: सुबह रेकी करना और उसी रात 10 बजे हमला बोलना यह दर्शाता है कि यह गिरोह काफी संगठित है और उसे पता था कि घर में कौन सा सदस्य कहाँ सोता है।
कपाली में बढ़ता अपराध: घटनाक्रम का ब्योरा (Crime Snapshot)
| तारीख | घटना (Incident) | पुलिस की कार्रवाई (Police Action) |
| 29 नवंबर 2025 | घर में पहली बड़ी चोरी | केवल आवेदन लिया गया, FIR दर्ज नहीं हुई। |
| 09 जनवरी 2026 | उसी घर में दोबारा चोरी का प्रयास | पुलिस मौके पर पहुँची, जांच जारी। |
| वर्तमान स्थिति | पूरा परिवार और इलाका दहशत में | पुलिस गश्ती बढ़ाने की मांग पर अड़े लोग। |
| आरोपियों का हुलिया | दो अज्ञात युवक | सुबह चंदा मांगने वालों पर शक। |
इतिहास का पन्ना: कपाली और 'बॉर्डर' का फायदा उठाते अपराधी
कपाली क्षेत्र भौगोलिक रूप से सरायकेला जिले में आता है, लेकिन यह पूरी तरह जमशेदपुर (पूर्वी सिंहभूम) से सटा हुआ है। ऐतिहासिक रूप से अपराधियों के लिए यह 'सेफ जोन' रहा है क्योंकि दो जिलों की सीमा होने के कारण पुलिसिया समन्वय की कमी का फायदा उठाकर चोर बड़ी आसानी से फरार हो जाते हैं। साल 2023 में भी कपाली के गौसनगर और कपाली बाजार क्षेत्र में एक हफ्ते के भीतर 5 घरों के ताले टूटे थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस केवल मुख्य सड़कों पर गश्त करती है, जबकि गलियों में चोरों का राज रहता है। 29 नवंबर की चोरी में FIR दर्ज न होना और अनुसंधान का ठप पड़ना पुलिस की कार्यशैली पर बड़ा धब्बा है।
पुलिस की ढिलाई: "आवेदन लिया पर कार्रवाई नहीं"
स्थानीय निवासी नदीम अख्तर ने कपाली ओपी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
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अनदेखी का आरोप: नदीम के अनुसार, 29 नवंबर की चोरी के बाद जब वे शिकायत लेकर गए, तो पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के बजाय केवल एक 'सादा आवेदन' लेकर उन्हें वापस भेज दिया।
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कोई कॉल नहीं आया: पीड़ित परिवार का कहना है कि पिछले 40 दिनों में न तो पुलिस ने उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया और न ही अनुसंधान की दिशा में कोई कदम उठाया। इसी लापरवाही ने चोरों के हौसले बढ़ा दिए कि उन्होंने दोबारा उसी घर को निशाना बनाया।
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जनता का विद्रोह: अब लोग कपाली ओपी के सामने प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं। मोहल्ले वालों ने चेतावनी दी है कि अगर पुलिस गश्ती नहीं बढ़ी, तो वे खुद 'जनता पुलिस' बनकर सड़कों पर उतरेंगे।
सुरक्षा के भरोसे पर चोट
कपाली की यह घटना बताती है कि जब रक्षक सो जाते हैं, तो अपराधी 'रिपीट ऑफेंडर' बन जाते हैं। एक ही घर में दोबारा घुसना पुलिस के इकबाल को सीधी चुनौती है। कपाली ओपी प्रभारी को अब यह साबित करना होगा कि वर्दी का खौफ अभी बाकी है।
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