Birsanagar Assault : चचेरे भाई अंकित ने विवेक की आंख पर मारा जोरदार घूंसा, गला दबाकर दी जान से मारने की धमकी, एमजीएम में लगे टांके
जमशेदपुर के बिरसानगर जोन नंबर 1/बी में आपसी विवाद में अंकित कुमार सिंह ने अपने ही चचेरे भाई विवेक कुमार सिंह की आंख पर जानलेवा हमला कर दिया। गला दबाने और एमजीएम अस्पताल की इस पूरी इनसाइड स्टोरी यहाँ देखें।
जमशेदपुर, 18 मई 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर के बिरसानगर थाना क्षेत्र से पारिवारिक विवाद और खूनी संघर्ष की एक बेहद चौंकाने वाली वारदात सामने आई है। जोन नंबर 1/बी में रविवार की रात मामूली गाली-गलौज के विरोध में शुरू हुआ विवाद इस कदर हिंसक हो गया कि एक युवक की आंख हमेशा के लिए डैमेज होने की कगार पर पहुँच गई। अपनों के बीच ही उपजे इस खूनी प्रतिशोध के कारण पूरे बिरसानगर इलाके में सन्नाटा और तनाव का माहौल है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की धरपकड़ के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी है।
वारदात की दास्तां: स्टाफ से गाली-गलौज, भाई का टोकना और सीधे आंख पर वार
यह पूरी हिंसक घटना रविवार रात करीब 9 बजे बिरसानगर जोन नंबर 1/बी के एक रिहायशी व व्यावसायिक मोड़ पर घटित हुई।
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बातचीत से बढ़ा विवाद: चश्मदीदों के अनुसार, आरोपी अंकित कुमार सिंह दुकान के एक साधारण स्टाफ के साथ बेवजह गाली-गलौज और बदतमीजी कर रहा था। बाजार में सरेआम हो रहे इस हंगामे को देखकर वहीं मौजूद उसके चचेरे भाई विवेक कुमार सिंह (35 वर्ष) ने बीच-बचाव करने की कोशिश की।
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टोकने पर भड़का गुस्सा: विवेक ने जैसे ही अंकित को स्टाफ को गाली देने से मना किया, अंकित का पारा सातवें आसमान पर पहुँच गया। उसने आव देखा न ताव, सीधे विवेक पर जानलेवा हमला बोल दिया।
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आंख पर घूंसा और गला दबाने की कोशिश: आरोपी अंकित ने पूरी ताकत से विवेक की बाईं आंख पर एक जोरदार घूंसा जड़ दिया। प्रहार इतना सटीक और भयानक था कि विवेक की आंख के ऊपर की चमड़ी फट गई और वे खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़े। इतने पर भी आरोपी का दिल नहीं भरा; उसने जमीन पर गिरे विवेक का गला दबाकर उन्हें जान से मारने की धमकी दी।
प्रशासनिक रुख: एमजीएम में टांके, मेडिकल रिपोर्ट में "असाल्ट" की पुष्टि
चीख-पुकार सुनकर जब आसपास के लोग और परिजन दौड़े, तो आरोपी अंकित मौके से फरार हो गया।
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इमरजेंसी वार्ड में इलाज: खून से सराबोर विवेक को रात में ही महात्मा गांधी मेमोरियल (MGM) अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने तत्परता दिखाते हुए आंख के ऊपरी हिस्से के गहरे घाव पर कई टांके (Stitches) लगाए।
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आधिकारिक केस दर्ज: मेडिकल रिपोर्ट में डॉक्टरों ने इस चोट को "असाल्ट" (जानलेवा हमला) श्रेणी में दर्ज किया है। सोमवार को होश आने पर पीड़ित विवेक कुमार सिंह सीधे बिरसानगर थाना पहुंचे और अंकित के खिलाफ नामजद लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने केस दर्ज कर तफ्तीश तेज कर दी है।
सामाजिक ताने-बाने पर उठते गंभीर सवाल
बिरसानगर की इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि आज के दौर में मानवीय सहनशीलता किस कदर खत्म होती जा रही है। एक भाई का दूसरे भाई के खून का प्यासा हो जाना और वह भी महज एक स्टाफ को गाली देने से मना करने पर, यह समाज के गिरते मानसिक स्तर को दिखाता है। बिरसानगर थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस की टीमें आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। जब तक पुलिस ऐसे सिरफिरे हमलावरों को सलाखों के पीछे नहीं भेजती, तब तक बस्तियों में आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना मुमकिन नहीं होगा।
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