Baghbera Death : जमशेदपुर में कपड़ा फैलाते समय करंट की चपेट में आए अधेड़, श्राद्धकर्म में शामिल होने धनबाद से आए थे बागबेड़ा

जमशेदपुर के बागबेड़ा में धनबाद निवासी आशीष कुमार चैटर्जी की करंट लगने से मौत हो गई। बहन के घर श्राद्धकर्म में शामिल होने आए 55 वर्षीय आशीष के साथ हुए इस दर्दनाक हादसे और पुलिस की पोस्टमार्टम कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।

Apr 1, 2026 - 14:17
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Baghbera Death : जमशेदपुर में कपड़ा फैलाते समय करंट की चपेट में आए अधेड़, श्राद्धकर्म में शामिल होने धनबाद से आए थे बागबेड़ा
Baghbera Death : जमशेदपुर में कपड़ा फैलाते समय करंट की चपेट में आए अधेड़, श्राद्धकर्म में शामिल होने धनबाद से आए थे बागबेड़ा

जमशेदपुर/बागबेड़ा, 1 अप्रैल 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर के बागबेड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत बागबेड़ा कॉलोनी रोड नंबर 5 में मंगलवार की रात एक हृदयविदारक घटना घटी। श्राद्धकर्म की रस्मों के बीच खुशियों और शांति की तलाश में आए एक परिवार में उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब घर के एक सदस्य की करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान 55 वर्षीय आशीष कुमार चैटर्जी के रूप में हुई है, जो मूल रूप से धनबाद के रहने वाले थे। बुधवार को पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस घटना ने एक बार फिर घरेलू बिजली उपकरणों और ढीले तारों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

श्राद्धकर्म के बीच पसरा सन्नाटा: नहाने के बाद फैला रहे थे कपड़े

आशीष कुमार चैटर्जी अपने परिवार के साथ एक सामाजिक जिम्मेदारी निभाने जमशेदपुर पहुँचे थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।

  • धनबाद से जमशेदपुर का सफर: आशीष 29 मार्च को धनबाद से अपनी बहन के घर बागबेड़ा आए थे। घर में श्राद्धकर्म का कार्यक्रम चल रहा था, जिसमें शामिल होने के लिए पूरा परिवार जुटा था।

  • अचानक हुआ हादसा: 31 मार्च की रात करीब 9 बजे आशीष नहाने के बाद कमरे में ही गीले कपड़े फैला रहे थे। इसी दौरान उनका हाथ अनजाने में बिजली के एक नंगे तार (Live Wire) की चपेट में आ गया।

  • मौके पर मची अफरा-तफरी: करंट लगते ही आशीष छटपटाने लगे। परिजनों ने आनन-फानन में बिजली का संपर्क काटकर उन्हें छुड़ाया और बिना समय गंवाए टीएमएच (TMH) अस्पताल ले जाने लगे। हालांकि, रास्ते में ही उनकी स्थिति इतनी बिगड़ गई कि अस्पताल पहुँचने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया।

परिवार का इकलौता सहारा: धनबाद में थे अकाउंटेंट

आशीष कुमार चैटर्जी एक जिम्मेदार व्यक्तित्व थे और अपने परिवार की आर्थिक धुरी थे।

  1. पेशेवर जीवन: मृतक के बेटे ने बताया कि उसके पिता धनबाद में एक अकाउंटेंट के तौर पर कार्यरत थे। वे अपने मिलनसार स्वभाव के लिए जाने जाते थे।

  2. मातम में बदली रस्में: जिस घर में पूर्वजों को याद करने के लिए श्राद्धकर्म हो रहा था, वहाँ अब एक और सदस्य की अर्थी उठने की तैयारी हो रही है। इस घटना के बाद मृतक की बहन और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

  3. कानूनी प्रक्रिया: बागबेड़ा थाना पुलिस ने बुधवार सुबह घटनास्थल का मुआयना किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या घर की वायरिंग में कोई बड़ी तकनीकी खामी थी।

बागबेड़ा कॉलोनी और बिजली का खतरा: एक नजर इतिहास पर

जमशेदपुर के बागबेड़ा और आसपास की कॉलोनियों में बिजली से जुड़े हादसों का अपना एक दुखद इतिहास रहा है।

  • पुरानी वायरिंग की समस्या: बागबेड़ा कॉलोनी के कई घर दशकों पुराने हैं, जहाँ बिजली की वायरिंग जर्जर हो चुकी है। नमी और सीलन वाले मौसम में इन तारों से करंट उतरने का खतरा बढ़ जाता है।

  • सुरक्षा मानकों की अनदेखी: अक्सर देखा गया है कि लोग घरों के अंदर कपड़े सुखाने के लिए लोहे के तारों का इस्तेमाल करते हैं, जो बिजली के बोर्ड या नंगे तारों के संपर्क में आने पर जानलेवा साबित होते हैं।

  • अवेयरनेस की कमी: बिजली विभाग और प्रशासन द्वारा समय-समय पर सुरक्षा ऑडिट की चेतावनी दी जाती है, लेकिन बागबेड़ा जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में इसे अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है।

पुलिसिया जांच और सावधानी की अपील

बागबेड़ा थाना प्रभारी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि अप्राकृतिक मृत्यु (यूडी केस) दर्ज कर छानबीन की जा रही है।

  • पोस्टमार्टम रिपोर्ट: पुलिस को अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे मौत के सटीक कारणों और शरीर पर बिजली के प्रभाव की तीव्रता का पता चल सकेगा।

  • बयान दर्ज: पुलिस ने मृतक के बेटे और बहन के बयान दर्ज किए हैं। शुरुआती जांच में यह पूरी तरह से एक दुर्घटना का मामला नजर आ रहा है।

  • सुरक्षा सलाह: विशेषज्ञों का कहना है कि घर के अंदर गीले कपड़े सुखाते समय प्लास्टिक की रस्सी का ही प्रयोग करना चाहिए और बिजली के मुख्य स्विच के पास अर्थ लीकेज सर्किट ब्रेकर (ELCB) जरूर लगवाना चाहिए।

आशीष कुमार चैटर्जी की मौत बागबेड़ा में बिजली की सुरक्षा को लेकर एक चेतावनी है। एक छोटा सा असावधानी भरा कदम—गीले कपड़े फैलाना—एक हंसते-खेलते परिवार को ताउम्र का गम दे गया। धनबाद से अपनी बहन के घर आए आशीष का इस तरह जाना पूरे मोहल्ले को गमगीन कर गया है। जब तक हम बिजली के उपकरणों और तारों के रखरखाव को लेकर गंभीर नहीं होंगे, तब तक ऐसे 'साइलेंट किलर' हमारे अपनों को हमसे छीनते रहेंगे। फिलहाल, पुलिस की कार्रवाई जारी है और शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया जाएगा।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।