Hazaribagh Violence: हजारीबाग में रामनवमी जुलूस के दौरान मुखिया के भाई की हत्या, ब्रह्मर्षि समाज के अध्यक्ष पर भी चाकू से हमला
हजारीबाग में रामनवमी जुलूस के दौरान दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में खूनी वारदात हुई है। गदोखर मुखिया के भाई राम कुमार साव की हत्या और दीपूगढ़ा में मुकेश सिंह पर चाकू से हुए हमले की पूरी ग्राउंड रिपोर्ट और पुलिसिया कार्रवाई यहाँ देखें।
हजारीबाग, 28 मार्च 2026 – झारखंड के हजारीबाग जिले में रामनवमी के पावन पर्व के दौरान शुक्रवार की देर रात दो बड़ी वारदातों ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। जहाँ एक ओर पेलावल ओपी क्षेत्र में मामूली विवाद के बाद मुखिया के भाई की निर्मम हत्या कर दी गई, वहीं दूसरी ओर कोर्रा थाना क्षेत्र में ब्रह्मर्षि समाज के संस्थापक अध्यक्ष पर चाकू से जानलेवा हमला किया गया। इन दोनों घटनाओं ने जुलूस के उत्साह को मातम और गुस्से में बदल दिया है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर आरोपियों की धरपकड़ के लिए छापेमारी तेज कर दी है, लेकिन क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।
गदोखर में 'नाचने' को लेकर विवाद और हत्या: रामा साव की मौत
पेलावल ओपी थाना क्षेत्र के गदोखर गांव में शुक्रवार रात उस समय चीख-पुकार मच गई जब रामनवमी जुलूस के बीच में ही राम कुमार साव उर्फ रामा साव (40) की हत्या कर दी गई। रामा साव गदोखर के मुखिया के भाई थे।
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विवाद की वजह: चश्मदीदों के अनुसार, जुलूस के दौरान दो युवक एक वाहन के बोनट पर चढ़कर नाच रहे थे। रामा साव ने उन्हें नीचे उतरने को कहा, जिससे दोनों पक्षों में तीखी बहस हो गई।
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भुजाली से हमला: बहस इतनी बढ़ी कि दोनों युवकों ने अचानक भुजाली (तेज धारदार हथियार) निकालकर रामा साव पर वार कर दिया। हमले में वे गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
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पुरानी रंजिश: स्थानीय सूत्रों का कहना है कि इस तात्कालिक विवाद के पीछे पुरानी रंजिश भी एक बड़ी वजह हो सकती है, जिसका फायदा उठाकर आरोपियों ने इस वारदात को अंजाम दिया।
दीपूगढ़ा में चाकूबाजी: मुकेश सिंह पर जानलेवा हमला
दूसरी खौफनाक घटना कोर्रा थाना क्षेत्र के दीपूगढ़ा गोलंबर के पास हुई। यहाँ को-ऑपरेटिव कॉलोनी निवासी और ब्रह्मर्षि समाज के संस्थापक अध्यक्ष मुकेश कुमार सिंह को चाकू मारकर लहूलुहान कर दिया गया।
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साजिश या इत्तेफाक: मुकेश सिंह एक श्राद्धकर्म से लौट रहे थे, तभी जुलूस में शामिल कुछ लोगों ने उनसे नाचने को कहा।
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राजू थोथा का वार: इसी बीच दीपूगढ़ा हाउसिंग कॉलोनी निवासी प्रणय कुमार उर्फ राजू सिंह उर्फ राजू थोथा ने उन पर चाकू से दो बार वार कर दिया। मौके पर मौजूद पंकज मेहता और अन्य लोगों ने तत्परता दिखाते हुए राजू को काबू किया और मुकेश सिंह की जान बचाई।
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इलाज जारी: घायल मुकेश सिंह को तुरंत आरोग्यम अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें खतरे से बाहर बताया है। इस मामले में भी जमीन विवाद की थ्योरी सामने आ रही है।
हजारीबाग की रामनवमी और सुरक्षा का इतिहास
हजारीबाग की रामनवमी पूरे झारखंड में अपनी भव्यता और विशाल जुलूस के लिए मशहूर है, लेकिन इसके साथ ही यहाँ सुरक्षा व्यवस्था हमेशा एक बड़ी चुनौती रही है।
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ऐतिहासिक जुलूस: हजारीबाग में रामनवमी का जुलूस 100 साल से भी अधिक पुराना है। यहाँ की झाँकियाँ और अखाड़ों का प्रदर्शन देखने के लिए लाखों की भीड़ उमड़ती है।
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संवेदनशील इलाके: पेलावल और कोर्रा जैसे क्षेत्र पहले भी कई बार सांप्रदायिक और आपसी रंजिशों के कारण संवेदनशील रहे हैं। प्रशासन हर साल यहाँ हजारों पुलिस बल तैनात करता है, फिर भी ऐसी वारदातें सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करती हैं।
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ड्रोन और सीसीटीवी: 2026 में तकनीक के इस्तेमाल के बावजूद, भीड़ का फायदा उठाकर अपराधी वारदातों को अंजाम देने में सफल रहे हैं।
अगला कदम: आरोपियों की गिरफ्तारी और पुलिसिया घेराबंदी
घटना के बाद हजारीबाग पुलिस एक्शन मोड में है और दोषियों को पकड़ने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है।
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हिरासत में आरोपी: कोर्रा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी राजू थोथा के भाई को हिरासत में ले लिया है और उससे कड़ी पूछताछ की जा रही है।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट: रामा साव के शव को शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज-अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया जारी है।
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धारा 144 और गश्त: संवेदनशील इलाकों में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी तरह की अफवाह या हिंसा को फैलने से रोका जा सके।
हजारीबाग में रामनवमी के जश्न के बीच हुई ये दो खूनी वारदातें समाज की बढ़ती असहिष्णुता और रंजिशों की ओर इशारा करती हैं। मुखिया के भाई की हत्या और समाज के अध्यक्ष पर हमला केवल व्यक्तिगत रंजिश नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था को सीधी चुनौती है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर छापेमारी जारी है और उम्मीद है कि जल्द ही मुख्य आरोपी सलाखों के पीछे होंगे। क्या हजारीबाग की रामनवमी अब शांतिपूर्ण समापन की ओर बढ़ पाएगी? फिलहाल, पूरा जिला पुलिस की अगली कार्रवाई और शांति बहाली की उम्मीद कर रहा है।
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