Gujarat Ricin Plot: ATS ने पकड़ा ISIS मॉड्यूल, राइसिन से देशभर में केमिकल अटैक की साजिश—हैदराबाद डॉक्टर अहमद मोहिउद्दीन गिरफ्तार, 3 किलो अरंडी गूदा और हथियार जब्त, क्या था मास्टर प्लान?
Gujarat Ricin Plot: ATS ने ISIS मॉड्यूल का पर्दाफाश, राइसिन बायो-वेपन से बड़ा हमला प्लान। हैदराबाद डॉक्टर अहमद सैयद मोइनुद्दीन गिरफ्तार, UP से लिंक। Ricin Terror Attack Gujarat News 2025
Ahmedabad, Gujarat | 26 November 2025 – गुजरात एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने एक खौफनाक साजिश का पर्दाफाश किया है, जिसमें ISIS से जुड़े एक मॉड्यूल ने देशभर में राइसिन नामक घातक बायोलॉजिकल हथियार से बड़े पैमाने पर केमिकल अटैक की योजना बनाई थी। हैदराबाद के डॉक्टर अहमद मोहिउद्दीन सैयद (चीन से MBBS) को मास्टरमाइंड बताया जा रहा है, जो 7 नवंबर को अहमदाबाद के होटल ग्रैंड एम्बियंस से हथियार लेने आया था। ATS ने तीनों संदिग्धों—डॉ. अहमद, यूपी के लखीमपुर के मोहम्मद सुहैल और बनासकांठा के आजाद सुलेमान शेख—को गिरफ्तार कर लिया, जिनके पास से दो ग्लॉक पिस्टल, एक बेरेटा पिस्टल, 30 लाइव कारतूस, 4 लीटर कास्टर ऑयल और राइसिन बनाने के लिए 3 किलो अरंडी का गूदा बरामद हुआ। यह खुलासा न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरे की घंटी है, बल्कि ISIS की खोरासान ब्रांच (ISKP) की घुसपैठ को भी उजागर करता है।
ATS के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (DIG) सुनिल जोशी ने बताया, "यह मॉड्यूल राइसिन को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की ट्रेनिंग ले रहा था। डॉ. अहमद ने हैदराबाद के अपने घर में लॉक रूम में केमिकल एक्सपेरिमेंट शुरू कर दिए थे, जहां से 5 लीटर एसीटोन, कोल्ड-प्रेस ऑयल एक्सट्रैक्शन मशीन और अरंडी गूदे की डिलीवरी रसीदें जब्त की गईं।" गिरफ्तारी 9 नवंबर को गंधीनगर के अदलज टोल प्लाजा के पास हुई, जब डॉ. अहमद हथियार रिसीव करने आया था। जांच में पता चला कि हथियार राजस्थान के हनुमानगढ़ से पाकिस्तान बॉर्डर क्रॉस कर ड्रोन से भेजे गए थे। मॉड्यूल ने अहमदाबाद, सूरत और वडोदरा के भीड़भाड़ वाले फूड मार्केट्स की रेकी भी की थी, ताकि जहर मिलाकर बड़े हमले को अंजाम दिया जा सके।
ISIS कनेक्शन और हैंडलर की भूमिका
डॉ. अहमद का प्रोफाइल बेहद खतरनाक है। चीन से मेडिकल डिग्री लेने के बाद वह रेडिकलाइज्ड हो गया और ISKP के अफगान हैंडलर 'अबू खदीम' से संपर्क में था। यूपी के मोहम्मद सुहैल के पास से ISIS के काले झंडे बरामद हुए, जबकि डॉ. अहमद के फोन से हैंडलर के साथ एन्क्रिप्टेड चैट्स और फंड रेजिंग-रिक्रूटमेंट के दस्तावेज मिले। ATS के अनुसार, मॉड्यूल पाकिस्तानी नागरिकों से भी जुड़ा था और बड़े फंड इकट्ठा कर रिक्रूट्स तैयार कर रहा था। यह साजिश 2016 के नाइस, बर्लिन और लंदन ब्रिज अटैक्स जैसी जैश-ए-मोहम्मद की रणनीति से प्रेरित लगती है, जहां जिहादी टॉक्सिन-बेस्ड अटैक्स को बढ़ावा दिया गया।
डॉ. अहमद के भाई उमर ने दावा किया, "ATS ने 13 नवंबर को तड़के घर पर छापा मारा। भाई को एक 'प्रोजेक्ट' मिला था, शायद उसे राइसिन का खतरनाक इस्तेमाल नहीं पता था।" लेकिन जांच एजेंसियां इसे झूठा बताते हुए कह रही हैं कि डॉ. अहमद जानबूझकर रिसर्च कर रहा था। तेलंगाना काउंटर इंटेलिजेंस और यूपी ATS अब जॉइंट जांच कर रही हैं, जिसमें संदिग्धों के ट्रैवल रिकॉर्ड्स और डिजिटल कम्युनिकेशन्स खंगाले जा रहे हैं।
राइसिन: सायनाइड से भी घातक जहर
राइसिन अरंडी के बीजों से निकलने वाला प्राकृतिक प्रोटीन टॉक्सिन है, जो सांस, इंजेक्शन या निगलने से घातक साबित होता है। मात्र 22 माइक्रोग्राम (एक चावल के दाने जितना) प्रति किलो वजन घातक हो सकता है—सायनाइड से 6 गुना ज्यादा जहरीला। इसे बायोटेरर के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है, क्योंकि इसका कोई स्पेसिफिक एंटीडोट नहीं है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह केमिकल वेपन्स लिस्ट में बैन है। ISIS ने वर्षों से इसके एक्सपेरिमेंट्स किए हैं, और यह प्लॉट दो अमेरिकी राष्ट्रपतियों को निशाना बनाने वाली साजिशों से मिलता-जुलता है। ATS ने इसे 'मेजर बायोटेरर बिड' करार दिया है।
आगे की जांच: बड़ा नेटवर्क उजागर?
तीनों को UAPA, BNS और आर्म्स एक्ट के तहत कोर्ट में पेश किया गया, जहां 17 नवंबर तक ATS रिमांड मिली। जांच में और स्लीपर सेल्स का खुलासा हो सकता है। गृह मंत्रालय ने इसे राष्ट्रीय खतरे के रूप में लिया है, और सेंट्रल एजेंसियां अलर्ट पर हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह ISIS की भारत में बायो-वारफेयर की कोशिश है, जो IEDs और शूटिंग्स से आगे बढ़ रही है। गुजरात ATS की त्वरित कार्रवाई ने बड़ा हादसा टाल दिया, लेकिन सवाल उठता है—कितने ऐसे मॉड्यूल अभी भी सक्रिय हैं?
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