Giridih Heist: हथियारबंद डकैती, गिरिडीह CCL वर्कशॉप में 15 नकाबपोशों का कब्जा, गार्ड्स को बंधक बनाकर लाखों की लूट

गिरिडीह के सीसीएल बनियाडीह वर्कशॉप में पुलिस गश्ती दल के जाते ही 20 हथियारबंद अपराधियों ने धावा बोल दिया। सुरक्षा गार्डों को कमरे में बंद कर 3 घंटे तक चले इस 'महा-लूट' कांड और अपराधियों के दुस्साहस की पूरी रोंगटे खड़े कर देने वाली रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी कोयलांचल के इस सबसे बड़े डकैती सिंडिकेट के खौफनाक सच को कभी नहीं जान पाएंगे।

Jan 7, 2026 - 16:22
Jan 7, 2026 - 17:03
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Giridih Heist: हथियारबंद डकैती, गिरिडीह CCL वर्कशॉप में 15 नकाबपोशों का कब्जा, गार्ड्स को बंधक बनाकर लाखों की लूट
Giridih Heist: हथियारबंद डकैती, गिरिडीह CCL वर्कशॉप में 15 नकाबपोशों का कब्जा, गार्ड्स को बंधक बनाकर लाखों की लूट

गिरिडीह, 7 जनवरी 2026 – झारखंड के कोयलांचल क्षेत्र गिरिडीह में अपराधियों ने कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ाते हुए एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। सीसीएल (CCL) बनियाडीह एरिया स्थित वर्कशॉप में मंगलवार की देर रात करीब 20 हथियारबंद डकैतों ने धावा बोला। अपराधियों ने वहां तैनात सुरक्षा गार्डों की आंखों में पिस्टल सटाकर उन्हें बंधक बनाया और घंटों तक आराम से लूटपाट की। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह वारदात पुलिस गश्ती टीम के वहां से गुजरने के ठीक आधे घंटे बाद शुरू हुई, जो अपराधियों के सटीक इनपुट और दुस्साहस को बयां करती है।

आधी रात का 'बंधक कांड': जब वर्कशॉप पर हुआ कब्जा

बनियाडीह वर्कशॉप में ड्यूटी पर तैनात गार्ड मो. अफजल हुसैन, श्यामसुंदर यादव और अर्जुन सिंह के लिए यह रात किसी खौफनाक फिल्म जैसी थी।

  • पुलिस के जाते ही हमला: रात 1:30 बजे पुलिस की गश्ती टीम वर्कशॉप की जांच कर लौटी थी। ठीक आधे घंटे बाद, रात 2:00 बजे 15 से 20 नकाबपोश अपराधी दीवार फांदकर अंदर घुस आए।

  • कमरे में कैद पहरेदार: अपराधियों ने गार्ड्स को घेर लिया और पिस्टल तानकर जान से मारने की धमकी दी। शोर मचाने पर गोली मारने की चेतावनी देते हुए तीनों गार्ड्स को एक कमरे में ले जाकर बाहर से कुंडी लगा दी गई।

  • 3 घंटे तक तांडव: सुबह 5 बजे तक वर्कशॉप अपराधियों के कब्जे में रहा। उन्होंने चुन-चुनकर लोहे के कीमती सामान, मशीनों के भारी पार्ट्स और महंगे उपकरण अपने साथ लाए वाहन में लोड किए।

सिंडिकेट का दुस्साहस: रेकी कर दिया वारदात को अंजाम

सीसीएल के सुरक्षा प्रभारी भुवनेश्वर मंडल ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद बताया कि यह किसी पेशेवर गैंग का काम है।

  1. सटीक टाइमिंग: अपराधियों को पता था कि पुलिस की गश्ती कब आती है और कब जाती है। पुलिस के जाते ही हमला करना बताता है कि उनकी 'रेकी' (Reiki) बेहद मजबूत थी।

  2. लाखों का नुकसान: वर्कशॉप से गायब हुए मशीनी पार्ट्स की कीमत लाखों में आंकी जा रही है। ये पार्ट्स इतने भारी हैं कि इन्हें ले जाने के लिए अपराधियों ने ट्रक या बड़े पिकअप वैन का इस्तेमाल किया होगा।

  3. गार्ड्स की आपबीती: सुबह 5 बजे जब अपराधी फरार हुए, तब जाकर गार्ड्स ने किसी तरह खुद को मुक्त कराया और अधिकारियों को सूचना दी।

गिरिडीह CCL डकैती: घटना का टाइमलाइन (Crime Timeline)

समय गतिविधि (Activity)
रात 11:30 बजे CCL गश्ती दल ने मुआयना किया।
रात 01:30 बजे स्थानीय थाना पुलिस की गश्ती टीम लौट गई।
रात 02:00 बजे 20 हथियारबंद अपराधियों ने धावा बोला।
रात 02:15 - 05:00 बजे गार्ड्स बंधक बने रहे और सामान लोड किया गया।
सुबह 05:05 बजे अपराधी फरार, गार्ड्स ने शोर मचाया।

इतिहास और रसूख: गिरिडीह के 'स्क्रैप माफिया' का खूनी खेल

गिरिडीह का बनियाडीह और सीसीएल क्षेत्र दशकों से 'स्क्रैप माफिया' (कबाड़ माफिया) के निशाने पर रहा है। 1990 के दशक में यहाँ छोटे-मोटे लोहे की चोरी होती थी, लेकिन 2010 के बाद यह एक संगठित अपराध बन गया। यहाँ का लोहा और मशीनी पार्ट्स केवल कबाड़ नहीं हैं, बल्कि इनके पीछे एक बड़ा सिंडिकेट काम करता है जो इन सामानों को खपाने के लिए राँची, धनबाद और पश्चिम बंगाल तक का रास्ता इस्तेमाल करता है। पूर्व में भी सीसीएल वर्कशॉप में गार्ड्स पर हमले की घटनाएं हुई हैं, लेकिन 20 लोगों का हथियार लेकर घुसना यह दर्शाता है कि इलाके में 'कोयला और लोहा' माफिया एक बार फिर सिर उठा रहा है।

पुलिस की कार्रवाई: जांच के घेरे में 'इनसाइडर' रोल?

गिरिडीह पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इलाके की घेराबंदी कर दी है।

  • सीसीटीवी खंगालना: पुलिस वर्कशॉप के प्रवेश द्वारों और रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देख रही है ताकि उस वाहन की पहचान हो सके जिसमें सामान ले जाया गया।

  • अपराधियों की पहचान: पुलिस सूत्रों के अनुसार, कुछ स्थानीय अपराधियों के शामिल होने का संदेह है जिन्होंने बाहरी गैंग को रास्ता दिखाया।

  • सुरक्षा पर सवाल: पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि सीसीएल की अपनी सुरक्षा व्यवस्था इतनी ढीली कैसे थी कि 20 लोग आसानी से परिसर में घुस गए।

सीसीएल की सुरक्षा पर बड़ा प्रहार

बनियाडीह वर्कशॉप की यह घटना केवल चोरी नहीं, बल्कि सिस्टम को सीधी चुनौती है। अगर सरकारी उपक्रम के सुरक्षा गार्ड ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता का क्या होगा? अब गेंद पुलिस के पाले में है कि वह कब तक इन 'लोहा चोरों' को सलाखों के पीछे पहुँचाती है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।