Gamharia Gun-Display : गम्हरिया की शराब दुकान में शराबी ने दुकानदार पर तानी पिस्टल, मयंक बारी के रूप में हुई पहचान

सरायकेला के गम्हरिया में शराब दुकान के काउंटर पर पिस्तौल लहराने की सनसनीखेज वारदात हुई है। आरोपी मयंक बारी की पहचान और पुलिस की भूमिका पर उठ रहे गंभीर सवालों की पूरी इनसाइड रिपोर्ट यहाँ देखें।

Apr 9, 2026 - 13:39
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Gamharia Gun-Display : गम्हरिया की शराब दुकान में शराबी ने दुकानदार पर तानी पिस्टल, मयंक बारी के रूप में हुई पहचान
Gamharia Gun-Display : गम्हरिया की शराब दुकान में शराबी ने दुकानदार पर तानी पिस्टल, मयंक बारी के रूप में हुई पहचान

गम्हरिया/सरायकेला, 9 अप्रैल 2026 – सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाना क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने इलाके की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बीते 7 अप्रैल की दोपहर एक कंपोजिट शराब दुकान में शराब खरीदने आए युवकों और दुकानदार के बीच मामूली बात पर विवाद इतना बढ़ गया कि एक युवक ने सरेआम पिस्तौल (Pistol) निकाल ली। आरोपी ने आव देखा न ताव, सीधे काउंटर पर खड़े कर्मचारी के सीने पर हथियार तान दिया। घनी आबादी वाले इस इलाके में हुई इस वारदात से वहां मौजूद लोगों के बीच भगदड़ मच गई। इस पूरी घटना का वीडियो सामने आने के बाद इलाके में दहशत और चर्चाओं का बाजार गर्म है।

दुकान पर हंगामा: जब कमर से निकली पिस्तौल

7 अप्रैल की दोपहर गम्हरिया की इस व्यस्त शराब दुकान पर सब कुछ सामान्य चल रहा था।

  • तीखी नोंक-झोंक: जानकारी के अनुसार, कुछ शराबी युवक दुकान पर पहुँचे और किसी बात को लेकर दुकानदार से बहस करने लगे।

  • हथियार का प्रदर्शन: बहस के दौरान गुस्सा इस कदर बढ़ा कि एक युवक, जिसकी पहचान मयंक बारी उर्फ गोलू बारी के रूप में हुई है, ने अपनी कमर से पिस्तौल निकाली और सीधे सेल्समैन पर तान दी।

  • बाल-बाल बची जान: गनीमत रही कि आरोपी के साथ आए अन्य साथियों ने तुरंत हस्तक्षेप किया और उसे पकड़कर पीछे खींचा। साथियों के समझाने पर मयंक ने दोबारा पिस्तौल अपनी कमर में खोंस ली और वहां से निकल गया।

पुलिस की भूमिका पर सवाल: क्या मामला रफा-दफा करने की हो रही कोशिश?

इस पूरी वारदात के बाद जो सबसे चौंकाने वाली बात सामने आ रही है, वह है पुलिस की निष्क्रियता।

  1. पहचान उजागर: आरोपी मयंक बारी की पहचान स्पष्ट होने के बावजूद पुलिस की ओर से अब तक कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की गई है।

  2. सेटिंग का खेल: स्थानीय सूत्रों का दावा है कि गम्हरिया थाने की पुलिस इस मामले को रफा-दफा करने और दबाने की कोशिश कर रही है। सरेआम हथियार लहराने जैसी गंभीर घटना पर पुलिस की 'खामोशी' कई संदेह पैदा कर रही है।

  3. घनी आबादी में खतरा: यह दुकान गम्हरिया प्रखंड के एक रिहायशी इलाके में स्थित है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर सरेआम दुकानों पर पिस्तौल निकलेगी, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या होगा?

औद्योगिक विकास और 'गन कल्चर' की घुसपैठ

गम्हरिया, जो झारखंड के एक प्रमुख औद्योगिक हब (Industrial Hub) के रूप में विकसित हुआ है, वहां पिछले कुछ सालों में अपराध के तरीके बदले हैं।

  • औद्योगिक विस्तार: सरायकेला जिले का यह क्षेत्र टाटा स्टील और अन्य बड़ी कंपनियों की निकटता के कारण तेजी से बढ़ा है। लेकिन आर्थिक प्रगति के साथ यहाँ 'अवैध हथियारों' का चलन भी बढ़ा है।

  • शराब दुकानों का विवाद: गम्हरिया के रिहायशी इलाकों में शराब दुकानों के खुलने का विरोध लंबे समय से होता रहा है। इतिहास गवाह है कि यहाँ की शराब दुकानों पर पहले भी वर्चस्व को लेकर मारपीट और गोलीबारी की घटनाएं हो चुकी हैं।

  • प्रशासनिक साख: पहले यहाँ की पुलिस अपराधियों पर नकेल कसने के लिए जानी जाती थी, लेकिन हाल के दिनों में 'रफा-दफा' करने की संस्कृति ने अपराधियों के हौसले बुलंद कर दिए हैं।

अगली कार्रवाई: क्या सलाखों के पीछे जाएगा 'गोलू बारी'?

सोशल मीडिया पर वीडियो और फोटो वायरल होने के बाद अब जिला पुलिस प्रशासन पर दबाव बढ़ रहा है।

  • आरोपी की तलाश: पुलिस की टीमें अब मयंक बारी के संभावित ठिकानों पर दबिश देने की बात कह रही हैं, लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक गिरफ्तारी नहीं हुई है।

  • लाइसेंस रद्द करने की मांग: स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि जिस दुकान पर ऐसी हिंसक घटनाएं हो रही हैं, उसका लाइसेंस रद्द किया जाए और रिहायशी इलाके से दुकान हटाई जाए।

  • एसएसपी से उम्मीद: लोगों को उम्मीद है कि जिले के उच्च अधिकारी मामले में हस्तक्षेप करेंगे और दोषी युवक के साथ-साथ मामले को दबाने वाले पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई होगी।

गम्हरिया की यह घटना केवल एक विवाद नहीं, बल्कि सरेआम कानून को दी गई चुनौती है। एक शराब दुकान के काउंटर पर पिस्तौल तान देना यह बताता है कि अपराधियों के मन में पुलिस का कोई खौफ नहीं रह गया है। मयंक बारी जैसे युवकों का बेखौफ घूमना समाज के लिए घातक है। प्रशासन को यह समझना होगा कि ऐसी घटनाओं को 'रफा-दफा' करना भविष्य में किसी बड़ी आपराधिक वारदात को दावत देना है। अब देखना यह है कि गम्हरिया पुलिस अपने ऊपर लगे दागों को धोती है या फिर मयंक बारी की पिस्तौल का खौफ यूं ही बना रहेगा।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।