Deoghar Raid: देवघर में रामनवमी से पहले उत्पाद विभाग का बड़ा एक्शन, 200 लीटर महुआ जावा बहाया
देवघर के मोहनपुर में रामनवमी के मद्देनजर उत्पाद विभाग ने अवैध शराब के ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक की है। तिलैया मझियाना गांव में 200 लीटर महुआ जावा को नष्ट कर माफियाओं के मंसूबों पर पानी फेर दिया गया। त्योहार से पहले बाबा नगरी में मचे इस प्रशासनिक हड़कंप की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
देवघर/बाबा नगरी, 23 मार्च 2026 – झारखंड की सांस्कृतिक राजधानी देवघर में रामनवमी के पावन त्यौहार से पहले प्रशासन 'फुल अलर्ट' मोड पर आ गया है। असामाजिक तत्वों और अवैध धंधेबाजों के खिलाफ शुरू हुए इस महा-अभियान में उत्पाद विभाग ने सोमवार की देर रात बड़ी कामयाबी हासिल की है। मोहनपुर प्रखंड के ग्रामीण इलाकों में चल रही अवैध शराब की भट्टियों को ध्वस्त करते हुए विभाग ने भारी मात्रा में महुआ जावा नष्ट किया है। यह कार्रवाई केवल एक जब्ती नहीं, बल्कि उन माफियाओं को सीधा संदेश है जो त्यौहार के उत्साह में जहर घोलने की फिराक में थे। मणिकांत कुमार के नेतृत्व में हुई इस छापेमारी ने पूरे जिले के अवैध शराब सिंडिकेट में खलबली मचा दी है।
आधी रात को 'सर्जिकल स्ट्राइक': तिलैया मझियाना में एक्शन
जब पूरा गांव गहरी नींद में था, तब उत्पाद विभाग की टीम गुप्त सूचना के आधार पर मोहनपुर के दुर्गम रास्तों से होते हुए तिलैया मझियाना गांव पहुँची।
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बड़ी खेप की तैयारी: पुलिस को सूचना मिली थी कि रामनवमी के जुलूस और मेलों के दौरान खपाने के लिए यहाँ बड़े पैमाने पर देशी शराब तैयार की जा रही है।
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200 लीटर जहर नष्ट: मौके पर पहुँचते ही टीम ने करीब 200 लीटर कच्चा महुआ जावा (शराब बनाने का कच्चा माल) बरामद किया, जिसे तुरंत जमीन में बहाकर नष्ट कर दिया गया।
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मास्टरमाइंड की तलाश: इस अवैध धंधे का मुख्य संचालक आनंदी मंडल बताया जा रहा है। पुलिस की आहट मिलते ही वह अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया, लेकिन उसके खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है।
महुआ शराब का 'खूनी' इतिहास और देवघर की चुनौती
देवघर के ग्रामीण अंचलों में महुआ शराब का चलन कोई नई बात नहीं है, लेकिन इसका इतिहास काफी डरावना रहा है।
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जानलेवा शौक: महुआ शराब को तेज नशीला बनाने के लिए अक्सर इसमें यूरिया और अन्य घातक रसायनों का इस्तेमाल किया जाता है। पूर्व में संताल परगना के कई हिस्सों में जहरीली शराब पीने से दर्जनों लोगों की जान जा चुकी है।
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त्यौहार का डर: रामनवमी जैसे बड़े त्यौहार पर भीड़भाड़ अधिक होती है। ऐसे में अवैध शराब के सेवन से होने वाले झगड़े और सड़क हादसे प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती होते हैं।
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सख्त पाबंदी: झारखंड सरकार ने महुआ से बनी शराब की खुली बिक्री पर कड़ी पाबंदी लगा रखी है, फिर भी दुर्गम जंगलों और नदी किनारे इसका धंधा चोरी-छिपे फल-फूल रहा है।
चप्पे-चप्पे पर पहरा: रामनवमी को लेकर 'घेराबंदी'
देवघर जिला प्रशासन ने इस बार सुरक्षा के ऐसे इंतजाम किए हैं कि परिंदा भी पर न मार सके।
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चौक-चौराहों पर तैनाती: देवघर शहर के हर गली, चौक और चौराहे पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। विशेष रूप से टावर चौक और मंदिर क्षेत्र में सीसीटीवी से निगरानी की जा रही है।
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ग्रामीण छापेमारी: उत्पाद विभाग के प्रभारी मणिकांत कुमार ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान केवल मोहनपुर तक सीमित नहीं रहेगा। मधुपुर, सारठ और देवीपुर के उन 'हॉटस्पॉट्स' को भी चिन्हित किया गया है जहाँ कच्ची शराब की भट्टियां चलती हैं।
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ड्रोन से नजर: सूत्रों के अनुसार, घने जंगलों के भीतर छिपी शराब की भट्टियों को पकड़ने के लिए पुलिस अब ड्रोन कैमरों का सहारा लेने पर भी विचार कर रही है।
अगला कदम: आनंदी मंडल की कुर्की और गिरफ्तारी
फरार आरोपी आनंदी मंडल के ठिकानों पर पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
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आर्थिक चोट: पुलिस का मुख्य उद्देश्य शराब माफियाओं की सप्लाई चेन को तोड़ना है। नष्ट किया गया 200 लीटर महुआ जावा माफिया के लिए एक बड़ा आर्थिक नुकसान है।
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अपील: प्रशासन ने स्थानीय ग्रामीणों से अपील की है कि वे अपने क्षेत्र में हो रहे ऐसे किसी भी अवैध निर्माण की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। जानकारी देने वाले का नाम पूरी तरह गुप्त रखा जाएगा।
देवघर में रामनवमी की खुशियों को सुरक्षित रखने के लिए प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। तिलैया मझियाना में हुई यह छापेमारी केवल शुरुआत है। आनंदी मंडल जैसे अपराधी भले ही आज फरार हों, लेकिन कानून के लंबे हाथ उन तक पहुँचने ही वाले हैं। महुआ शराब के खिलाफ यह 'जीरो टॉलरेंस' नीति त्यौहार के दौरान होने वाले संभावित अपराधों को रोकने में मील का पत्थर साबित होगी। क्या प्रशासन इस बार देवघर को 'अवैध शराब मुक्त' त्यौहार दे पाएगा? फिलहाल, उत्पाद विभाग की टीमें जंगलों में खाक छान रही हैं और माफिया डरे हुए हैं।
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