Gas Price Hike : मिडिल ईस्ट युद्ध के बीच कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में भारी उछाल, रांची समेत कई शहरों में ₹220 तक बढ़े दाम

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के चलते भारत में 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम 220 रुपये तक बढ़ गए हैं। दिल्ली, रांची और पटना समेत बड़े शहरों की नई रेट लिस्ट और रेस्टोरेंट के बढ़ते बिलों की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।

Apr 1, 2026 - 15:21
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Gas Price Hike :  मिडिल ईस्ट युद्ध के बीच कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में भारी उछाल, रांची समेत कई शहरों में ₹220 तक बढ़े दाम
Gas Price Hike : मिडिल ईस्ट युद्ध के बीच कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में भारी उछाल, रांची समेत कई शहरों में ₹220 तक बढ़े दाम

नई दिल्ली/रांची, 1 अप्रैल 2026 – ग्लोबल मार्केट में जारी उथल-पुथल और मिडिल ईस्ट में गहराते युद्ध के बादलों का सीधा असर अब भारतीय रसोई और बाजारों पर पड़ने लगा है। तेल विपणन कंपनियों ने नए वित्तीय वर्ष की पहली तारीख को ही आम जनता और कारोबारियों को जोर का झटका दिया है। 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 194 रुपये से लेकर 220 रुपये तक की भारी बढ़ोतरी की गई है। हालांकि, राहत की बात यह है कि घरेलू रसोई गैस की कीमतों को फिलहाल स्थिर रखा गया है। लेकिन कमर्शियल गैस के महंगे होने से होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों में खाना अब आपकी जेब पर भारी पड़ने वाला है।

शहरों का नया गणित: कहाँ कितनी बढ़ी कीमतें?

महीने की पहली तारीख से ही देश के प्रमुख शहरों में कमर्शियल गैस के दाम आसमान छू रहे हैं।

  • दिल्ली और मुंबई: देश की राजधानी दिल्ली में अब 19 किलो वाला सिलेंडर 2078.50 रुपये का हो गया है। वहीं मायानगरी मुंबई में इसकी कीमत 196 रुपये बढ़कर 2031 रुपये पहुँच गई है।

  • झारखंड (रांची): झारखंड की राजधानी रांची में सबसे बड़ा इजाफा देखने को मिला है। यहाँ सिलेंडर 220 रुपये महंगा होकर अब 2258 रुपये में मिल रहा है।

  • दक्षिण और पूर्व भारत: हैदराबाद में कीमतें 2321 रुपये के पार पहुँच गई हैं, जबकि कोलकाता में यह 2208 रुपये और चेन्नई में 2246.50 रुपये का मिल रहा है।

रेस्टोरेंट और ढाबों पर संकट: थाली होगी महंगी

कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में इस "करंट" का सीधा असर आम आदमी की थाली पर पड़ेगा।

  1. बढ़ेगी लागत: होटल और रेस्टोरेंट संचालकों के लिए ईंधन की लागत अचानक बढ़ गई है। छोटे ढाबे और स्ट्रीट फूड वेंडर्स के मुनाफे पर इसका सबसे ज्यादा दबाव पड़ेगा।

  2. बाहर खाना महंगा: लागत बढ़ने के कारण रेस्टोरेंट मालिक अब खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ाने की तैयारी में हैं। चाय की थड़ी से लेकर बड़े होटलों के मेन्यू कार्ड में बदलाव तय माना जा रहा है।

  3. कारोबारी मुश्किलें: इससे पहले 7 मार्च को भी कीमतों में 115 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी। लगातार बढ़ते दामों से छोटे कारोबारियों का सर्वाइवल मुश्किल होता जा रहा है।

युद्ध और एनर्जी संकट: क्यों बढ़ रहे हैं दाम?

एलपीजी की कीमतों में इस अचानक उछाल के पीछे वैश्विक भू-राजनीतिक (Geopolitical) कारण सबसे प्रमुख हैं।

  • मिडिल ईस्ट का तनाव: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के कारण कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) बुरी तरह प्रभावित हुई है।

  • होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz): वैश्विक तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। यहाँ पैदा हुई बाधाओं ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की किल्लत पैदा कर दी है, जिससे भारत जैसी आयात पर निर्भर अर्थव्यवस्थाओं पर दबाव बढ़ गया है।

  • ऐतिहासिक ट्रेंड: भारत में एलपीजी की कीमतें 'इंपोर्ट पैरिटी प्राइस' (IPP) के आधार पर तय होती हैं। जब भी खाड़ी देशों में अस्थिरता आती है, भारतीय तेल कंपनियां अपनी लागत की भरपाई के लिए कमर्शियल टैरिफ में बदलाव करती हैं। 2026 की यह बढ़ोतरी पिछले दो सालों की सबसे बड़ी मासिक बढ़ोतरी में से एक मानी जा रही है।

घरेलू उपभोक्ताओं को 'अस्थायी' राहत

जहाँ एक तरफ कमर्शियल सिलेंडर ने पसीने छुड़ा दिए हैं, वहीं घरेलू गैस (14.2 किलो) के दाम स्थिर हैं।

  • मौजूदा दरें: दिल्ली में घरेलू सिलेंडर अभी भी 913 रुपये और झारखंड में 970 रुपये के आसपास मिल रहा है।

  • महंगाई का डर: विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मिडिल ईस्ट में तनाव और लंबा खिंचता है, तो आने वाले समय में घरेलू गैस की कीमतों को बचाए रखना सरकार और तेल कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती होगी।

  • सब्सिडी का बोझ: बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दामों के बीच घरेलू कीमतों को स्थिर रखने के लिए सरकार पर सब्सिडी का बोझ भी बढ़ सकता है।

1 अप्रैल से लागू हुई कमर्शियल गैस की ये नई दरें नए वित्तीय वर्ष के लिए महंगाई का संकेत दे रही हैं। मिडिल ईस्ट का युद्ध केवल सरहदों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने भारत के आम आदमी की जेब में सेंध लगा दी है। रांची से लेकर हैदराबाद तक, गैस की बढ़ती कीमतों ने व्यापार जगत में हड़कंप मचा दिया है। अगर वैश्विक स्थितियां जल्द नहीं सुधरीं, तो यह महंगाई आने वाले महीनों में और भी विकराल रूप ले सकती है। फिलहाल, जनता को बाहर के खाने के लिए अधिक पैसे चुकाने के लिए मानसिक रूप से तैयार रहना होगा।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।