City Dengue: शहर के 2 इलाके बने डेंगू के 'हॉटस्पॉट', 1 हफ्ते में 99 केस सामने आए, आपकी सुरक्षा के लिए 5 बड़े अपडेट
जिले में डेंगू के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है। मुसहरी और बोचहा प्रखंड अचानक डेंगू के हॉटस्पॉट बन गए हैं। 99 डेंगू मरीज सामने आने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग ने घबराने की ज़रूरत नहीं कहा है। जुलाई से अक्टूबर तक डेंगू का पीक सीजन होता है, इसलिए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। अगर लगातार बुखार और सिरदर्द हो तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं।
सिटी, 19 नवंबर 2025 – जिले में कड़ाके की ठंड से राहत मिलने के साथ ही अब डेंगू के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जो स्वास्थ्य विभाग के लिए एक नई चुनौती बनकर उभरी है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बीते एक सप्ताह में ही मामलों में तेज बढ़ोतरी देखी गई है और अब तक कुल 99 डेंगू मरीज सामने आ चुके हैं। शहर का शहरी क्षेत्र और उससे सटे इलाके, विशेषकर मुसहरी और बोचहा प्रखंड, डेंगू के लिए सबसे संवेदनशील (Hotspot) बनकर उभरे हैं। अधिकारियों का मानना है कि बाहर से आने वाले लोगों के कारण इन शहरी इलाकों में संक्रमण तेजी से फैला है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि घबराने की ज़रूरत नहीं है, लेकिन यह चिंता की बात है कि सर्दियों की शुरुआत के बावजूद मामलों की संख्या तेजी से क्यों बढ़ रही है।
डेंगू का नया अड्डे: मुसहरी और बोचहा पर नजर
स्वास्थ्य विभाग ने विशेष रूप से मुसहरी और बोचहा प्रखंडों को उच्च जोखिम (High Risk) वाले क्षेत्रों के रूप में चिन्हित किया है।
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संक्रमण का कारण: अधिकारियों ने बताया कि बाहर से आने वाले लोगों की सबसे पहली पसंद शहरी इलाके ही होते हैं, जिसके कारण संक्रमण की शुरुआत और फैलाव इन्हीं स्थानों पर अधिक होता है।
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पीक सीजन: चिकित्सा अधिकारियों के अनुसार, हर साल जुलाई से अक्टूबर तक डेंगू का प्रकोप चरम पर रहता है, और इस अवधि में सावधानी बरतना अत्यंत आवश्यक है।
सभी मरीज स्वस्थ: विभाग ने दी बड़ी राहत
99 मामले सामने आने के बावजूद, अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. चंद्रशेखर कुमार ने लोगों को आश्वस्त किया है।
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स्वास्थ्य स्थिति: डॉ. कुमार ने बताया कि सभी 99 मरीज पूरी तरह स्वस्थ हैं और किसी की भी हालत गंभीर नहीं है।
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प्रशासनिक कार्रवाई: स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की टीम प्रभावित इलाकों में लगातार कार्रवाई कर रही है। इसमें फॉंगिंग, एंटी-लार्वा छिड़काव और जन जागरूकता अभियान शामिल है।
डेंगू से बचने के लिए 5 जरूरी सावधानी
डॉ. चंद्रशेखर कुमार ने लोगों से घबराने के बजाय सावधानी बरतने की अपील की है और 5 महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं:
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पानी जमा न होने दें: आसपास कहीं भी पानी जमा न होने दें, क्योंकि यह मच्छरों के प्रजनन का स्थल बनता है।
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लापरवाही से बचें: वायरल बुखार और मौसम बदलने की वजह से भी लक्षण बढ़ सकते हैं, इसलिए किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करें।
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जांच कराएं: अगर लगातार बुखार, सिरदर्द या सर्दी-जुकाम हो, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं।
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इलाज जरूरी: डेंगू लाइलाज बीमारी नहीं है, लेकिन समय पर इलाज शुरू करना बेहद आवश्यक है।
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जागरूकता ही नियंत्रण: स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि जागरूकता और समय पर इलाज से डेंगू पर आसानी से नियंत्रण पाया जा सकता है।
स्वास्थ्य विभाग लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।
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