Chatra Hospital Death: चतरा सदर अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत, इंजेक्शन लगते ही बिगड़ी आसमीन की तबीयत
चतरा सदर अस्पताल में प्रसव के दौरान 22 वर्षीया आसमीन और उसके नवजात की मौत से कोहराम मच गया है। इंजेक्शन के बाद बिगड़ी हालत और ड्यूटी पर तैनात एएनएम के गायब होने की सनसनीखेज रिपोर्ट यहाँ मौजूद है वरना आप झारखंड की यह बड़ी खबर मिस कर देंगे।
चतरा, 27 फरवरी 2026 – झारखंड के चतरा जिले से एक हृदयविदारक और आक्रोशित करने वाली खबर सामने आई है। यहाँ के सदर अस्पताल में शुक्रवार को संस्थागत प्रसव (Institutional Delivery) के दौरान एक 22 वर्षीया प्रसूता और उसके नवजात शिशु की मौत हो गई। मौत की खबर फैलते ही अस्पताल परिसर रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। परिजनों ने डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि पुलिस को मौके पर पहुँचकर मोर्चा संभालना पड़ा।
इंजेक्शन बना 'काल'? परिजनों की आपबीती
मृतका की पहचान राजपुर थाना क्षेत्र के चारू गांव निवासी मो. मोकिम की पत्नी आसमीन प्रवीण के रूप में हुई है। परिजनों द्वारा लगाए गए आरोप बेहद चौंकाने वाले हैं:
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सुबह 11 बजे भर्ती: आसमीन को प्रसव पीड़ा शुरू होने पर सुबह अस्पताल लाया गया था। उस वक्त वह ठीक थी।
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रहस्यमयी इंजेक्शन: परिजनों का दावा है कि ड्यूटी पर मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों ने उसे एक इंजेक्शन दिया। आरोप है कि इंजेक्शन लगते ही आसमीन के शरीर में असामान्य प्रतिक्रिया हुई और उसकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी।
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जच्चा-बच्चा दोनों खत्म: कुछ ही मिनटों के भीतर डॉक्टरों ने मां और उसके होने वाले बच्चे, दोनों को मृत घोषित कर दिया।
ANM फरार! अस्पताल में बढ़ता संदेह
हादसे के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवालिया निशान तब और गहरा गया जब यह चर्चा फैली कि ड्यूटी पर तैनात एएनएम मौके से गायब है।
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परिजनों का विरोध: परिवार के सदस्यों का कहना है कि अगर कोई गलती नहीं थी, तो स्वास्थ्यकर्मी को भागने की जरूरत क्यों पड़ी?
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प्रबंधन की सफाई: उधर, अस्पताल प्रबंधन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। ड्यूटी पर तैनात डॉ. सपना अग्रवाल के अनुसार, प्रसूता की स्थिति पहले से ही जटिल थी और उन्होंने केवल मेडिकल प्रोटोकॉल का पालन किया।
चतरा अस्पताल मामला: मुख्य विवरण (Incident Snapshot)
| विवरण | प्रमुख जानकारी |
| मृतका | आसमीन प्रवीण (22 वर्ष), चारू गांव |
| हादसे का स्थान | सदर अस्पताल, चतरा |
| मुख्य आरोप | गलत इंजेक्शन और चिकित्सकीय लापरवाही |
| मौके पर तैनात डॉक्टर | डॉ. सपना अग्रवाल |
| पुलिस की भूमिका | हंगामा शांत कराया, जांच जारी |
जांच की मांग: न्याय के लिए अड़े परिजन
घटना के बाद से मृतका के पति मो. मोकिम और अन्य सदस्य न्याय की गुहार लगा रहे हैं।
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कार्रवाई की मांग: परिजनों ने स्पष्ट किया है कि जब तक दोषी एएनएम और संबंधित टीम पर कार्रवाई नहीं होती, वे चुप नहीं बैठेंगे।
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प्रशासनिक रुख: चतरा पुलिस ने शव को सुरक्षित रखते हुए परिजनों को उचित जांच का आश्वासन दिया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और ड्यूटी रोस्टर को खंगाल रही है ताकि सच सामने आ सके।
सुरक्षित प्रसव पर फिर उठे सवाल
सरकारी दावों के बीच सदर अस्पताल में एक युवा मां और मासूम की जान चले जाना सिस्टम पर बड़ा तमाचा है। अब देखना यह है कि क्या स्वास्थ्य विभाग इस मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों को सजा देता है या इसे 'मेडिकल कॉम्प्लिकेशन' बताकर रफा-दफा कर दिया जाएगा।
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