Chatra Simaria Road: दो कारों से 324 किलो अफीम बरामद, तस्कर अंधेरे में फरार
चतरा में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, सिमरिया रोड से दो कारों में भरकर ले जाया जा रहा था 324 किलो अफीम डोडा, कीमत 50 लाख, तस्कर अंधेरे में फरार, NDPS एक्ट में केस दर्ज।
चतरा: चतरा जिले में नशा तस्करों के खिलाफ सिमरिया थाना पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर 324 किलोग्राम अवैध अफीम डोडा बरामद किया है। बाजार में इसकी कीमत करीब 50 लाख रुपये आंकी गई है।
चतरा-सिमरिया रोड पर घेरा, दो कारें पकड़ीं
यह कार्रवाई सिमरिया अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में की गई। थाना प्रभारी सूर्य प्रताप सिंह और आईआरबी के जवानों ने चतरा-सिमरिया रोड पर घेराबंदी कर दी।
पुलिस को देखकर तस्कर घबरा गए। इस दौरान चतरा की ओर से आ रही एक मारुति अर्टिगा और एक होंडा अमेज कार को पुलिस ने पीछा कर पकड़ लिया।
खास बात: दोनों कारें पूरी तरह से डोडा से भरी हुई थीं। इस डोडा का इस्तेमाल अफीम के रूप में नशे के लिए किया जाता है।
अंधेरे में फायदा उठाकर तस्कर भागे
हालांकि, पुलिस की बड़ी कामयाबी यह रही कि माल बरामद हो गया, लेकिन दोनों वाहनों के चालक अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल की ओर भागने में सफल रहे। पुलिस ने उनका पीछा जरूर किया, लेकिन घने जंगल और अंधेरे के कारण वे बच निकले।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| स्थान | चतरा-सिमरिया रोड, सिमरिया थाना क्षेत्र |
| बरामद माल | 324 किलो अवैध अफीम डोडा |
| अनुमानित कीमत | करीब 50 लाख रुपये |
| वाहन | मारुति अर्टिगा + होंडा अमेज |
| अर्टिगा से बरामद | 169 किलो डोडा |
| होंडा अमेज से बरामद | 155 किलो डोडा |
| मंजिल | हजारीबाग (संदिग्ध) |
| तस्कर | फरार, तलाश जारी |
हजारीबाग थी मंजिल, इतनी बड़ी खेप क्यों?
पुलिस के मुताबिक, अफीम की इस बड़ी खेप को हजारीबाज पहुंचाने की योजना थी। चतरा-सिमरिया रोड इन दिनों तस्करों के लिए एक पसंदीदा रूट बनता जा रहा है।
तस्करी का रूट: बिहार से लाई गई डोडा को पहले चतरा लाया जाता है, फिर वहां से हजारीबाग और आगे रांची-धनबाद तक सप्लाई की जाती है।
डोडा क्या है और ये कितना खतरनाक?
डोडा दरअसल अफीम का ही एक रूप होता है। इसे पीसकर पानी में मिलाया जाता है और फिर पिया जाता है।
डोडा के सेवन के नुकसान:
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अत्यधिक नशे की लत लग जाती है
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लीवर और किडनी पर भारी असर पड़ता है
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धीरे-धीरे मानसिक संतुलन बिगड़ने लगता है
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एक बार लत लगने के बाद छुड़ाना लगभग नामुमकिन होता है
चतरा में डोडा तस्करी का इतिहास
चतरा जिला पिछले कुछ सालों में अफीम और डोडा तस्करी के लिए जाना जाने लगा है। यहां झारखंड-बिहार सीमा सटी होने के कारण तस्करों को माल ढोने में आसानी होती है।
पिछले तीन सालों में बड़ी बरामदगियां:
| वर्ष | स्थान | बरामदगी |
|---|---|---|
| 2024 | चतरा | 150 किलो डोडा |
| 2023 | सिमरिया | 80 किलो अफीम |
| 2022 | हजारीबाग | 200 किलो डोडा |
यानी इस बार 324 किलो के साथ यह पिछले तीन सालों में सबसे बड़ी बरामदगी है।
क्या है NDPS एक्ट, कितनी होगी सजा?
भारत में NDPS एक्ट (नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेस एक्ट) के तहत अफीम और डोडा के कारोबार पर पूरी तरह से प्रतिबंध है।
| मात्रा | सजा का प्रावधान |
|---|---|
| थोड़ी मात्रा | 6 माह से 1 साल + जुर्माना |
| मध्यम मात्रा | 1 से 3 साल + जुर्माना |
| बड़ी (व्यावसायिक) मात्रा | 10 से 20 साल + भारी जुर्माना |
इस मामले में: 324 किलो डोडा "व्यावसायिक मात्रा" में आता है। अगर तस्कर पकड़े गए तो उन्हें कम से कम 10 साल की सजा हो सकती है।
पुलिस अब क्या कर रही है?
पुलिस ने NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अब टीमें तस्करों की तलाश में जुट गई हैं। साथ ही:
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जब्त की गई कारों के रजिस्ट्रेशन से मालिकों का पता लगाया जा रहा है
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हजारीबाग में संभावित खरीदारों की जांच हो रही है
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बिहार कनेक्शन की भी जांच की जा रही है
इंटरैक्टिव भाग – क्या आपके आसपास भी चल रहा है ये धंधा?
डोडा तस्करी इन दिनों झारखंड के कई इलाकों में तेजी से फैल रही है। क्या आपने कभी अपने आसपास ऐसा कुछ देखा है?
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सतर्क रहें। अगर कहीं अवैध नशीले पदार्थ बिकते दिखें, तो तुरंत पुलिस या एसीबी को सूचित करें। आपकी एक सूचना किसी की जान बचा सकती है।
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