Chandil Attack: जंगली हाथी का अचानक हमला, ग्रामीणों के सूअर को बनाया शिकार और खेती की बर्बादी
नीमडीह में नहीं रुक रहा जंगली हाथियों का उत्पात। हाथी ने रात के अंधेरे में घर में घुसकर सूअर को मारा। किसान की फसल भी नष्ट। वन विभाग ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन किया।
चांडिल, 13 दिसंबर 2025 – सरायकेला-खरसावां जिले के नीमडीह प्रखंड क्षेत्र में जंगली हाथियों (Wild Elephants) का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार की तड़के सुबह एक जंगली हाथी ने एक बार फिर क्षेत्र में दहशत फैला दी। चिंगड़ा-रांगाडीह गांव में हाथी ने न केवल एक घर में बंधे हुए सूअर को अपना शिकार (Prey) बनाया, बल्कि खेतों में लगी फसल को भी बुरी तरह नुकसान पहुंचाया।
आधी रात में दहशत, जानवर पर हमला
शुक्रवार की मध्यरात्रि को यह हाथी नीमडीह थाना के गेट के पास से गुजरने वाले प्रमुख सड़क मार्ग को पार करके रघुनाथपुर की ओर गया था। इसके कुछ ही घंटों बाद, तड़के सुबह हाथी ने चिंगड़ा-रांगाडीह गांव में आतंक मचा दिया। प्रधान माडी के घर में बंधे एक सूअर को मार डाला। ग्रामीणों ने जब सुबह सूअर को मरा हुआ देखा, तो पूरे गांव में भय का माहौल छा गया।
किसानों की मेहनत पर भी पानी
हाथी सिर्फ एक पालतू जानवर को मारकर ही नहीं रुका। उसने शिवराम माडी और नीलांबर मांझी के खेतों में घुसकर लगी धान की फसल को भी भारी नुकसान पहुँचाया। यह घटना ऐसी है जो किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर देती है और उनकी आजीविका को सीधे तौर पर प्रभावित करती है।
वन विभाग ने किया नुकसान का आकलन
घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग (Forest Department) की टीम तुरंत रांगाडीह पहुंची। टीम ने सूअर के मारे जाने और धान की फसल के नुकसान का पूरा आकलन किया। हालांकि वन विभाग की टीम ने आकलन तो कर लिया है, लेकिन ग्रामीणों में अब भी डर बना हुआ है। उन्हें डर है कि हाथी कहीं फिर से वापस आकर कोई और नुकसान न पहुंचा दे। यह स्थिति इलाके में हाथी और मनुष्य के बीच बढ़ते टकराव को दर्शाती है, जिसके लिए स्थायी समाधान की आवश्यकता है।
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