Bokaro Arson : बोकारो में रंगदारी न देने पर उग्रवादियों का तांडव, डीवीसी पावर प्लांट के पास ट्रक को किया आग के हवाले
बोकारो के चंद्रपुरा में डीवीसी पावर प्लांट साइडिंग के पास रंगदारी न देने पर अपराधियों ने ट्रक को आग के हवाले कर दिया है। पीएमपी इंफ्राटेक के प्रतिनिधि को रोककर दी गई इस बड़ी वारदात और औद्योगिक क्षेत्र में फैली दहशत की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
बोकारो/चंद्रपुरा, 21 मार्च 2026 – झारखंड के प्रमुख औद्योगिक हब बोकारो में एक बार फिर रंगदारी (लेवी) के खूनी खेल ने कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ा दी हैं। चंद्रपुरा थाना क्षेत्र के डीवीसी पावर प्लांट साइडिंग में कार्यरत पीएमपी इंफ्राटेक (PMP Infratech) कंपनी के ट्रक को अपराधियों ने सरेआम आग के हवाले कर दिया। शुक्रवार की देर रात हुई इस दुस्साहसिक वारदात ने न केवल कंपनी प्रबंधन बल्कि स्थानीय व्यवसायियों के बीच भी भारी दहशत पैदा कर दी है। रंगदारी न मिलने पर सीधे संपत्ति को निशाना बनाने की इस घटना ने बोकारो के औद्योगिक गलियारों में सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आधी रात का तांडव: भंडारीडीह पुल के पास घेराबंदी
घटना की जो जानकारी सामने आई है, वह किसी फिल्मी क्राइम सीन से कम नहीं है।
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वक्त और वारदात: शुक्रवार रात करीब 10:15 से 10:30 बजे के बीच जब कंपनी का ट्रक काम निपटाकर निकल रहा था, तभी भंडारीडीह पुल के पास घात लगाए अज्ञात अपराधियों ने उसे जबरन रोक लिया।
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रंगदारी की मांग: कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि अनिल कुमार द्वारा दर्ज कराई गई लिखित शिकायत के अनुसार, अपराधियों ने पहले मोटी रकम (लेवी) की मांग की।
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आगजनी: जब ट्रक चालक और कर्मियों ने विरोध किया, तो अपराधियों ने दहशत फैलाने के लिए ट्रक में आग लगा दी। धू-धू कर जलते ट्रक की लपटों ने अंधेरी रात में सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी।
डीवीसी पावर प्लांट और 'लेवी' का काला साया
बोकारो का चंद्रपुरा इलाका डीवीसी (DVC) पावर प्लांट के कारण आर्थिक रूप से बेहद सक्रिय है, लेकिन यही सक्रियता अब अपराधियों के लिए कमाई का जरिया बन गई है।
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कंपनियों को धमकी: पिछले कुछ समय से इस क्षेत्र में काम करने वाली आउटसोर्सिंग कंपनियों को गुप्त रूप से धमकियां मिलने की खबरें आ रही थीं।
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मास्टरप्लान: पुलिस को संदेह है कि इसके पीछे कोई स्थानीय गिरोह या संगठित अपराधी संगठन हो सकता है, जो विकास कार्यों में बाधा डालकर अपना हिस्सा वसूलना चाहता है।
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कर्मचारियों में डर: इस घटना के बाद पीएमपी इंफ्राटेक के कर्मचारियों में इतना भय है कि वे नाइट शिफ्ट में काम करने से कतरा रहे हैं।
बोकारो का औद्योगिक इतिहास और सुरक्षा की चुनौतियां
बोकारो स्टील सिटी और उसके आसपास के पावर प्लांट दशकों से झारखंड की अर्थव्यवस्था की रीढ़ रहे हैं।
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अपराध का बदलता स्वरूप: पहले कोयला चोरी प्रमुख समस्या थी, लेकिन अब 'लेवी' और रंगदारी का नया ट्रेंड शुरू हुआ है।
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पुलिस की रणनीति: चंद्रपुरा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अनिल कुमार के बयान के आधार पर संदिग्धों की सूची तैयार की जा रही है।
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सीसीटीवी का सहारा: पुलिस अब प्लांट के गेट और भंडारीडीह पुल की ओर जाने वाले रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है ताकि हमलावरों के हुलिए और उनके भागने के रास्ते का पता चल सके।
अगला कदम: सुरक्षा ऑडिट और छापेमारी
घटना के बाद औद्योगिक क्षेत्र में तनाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है।
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गश्त में बढ़ोतरी: डीवीसी पावर प्लांट और साइडिंग के आसपास पुलिस पीसीआर की गश्त बढ़ा दी गई है।
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सीसीएल और डीवीसी के साथ बैठक: पुलिस जल्द ही बड़ी कंपनियों के सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक करेगी ताकि एक 'क्विक रिस्पांस टीम' (QRT) का गठन किया जा सके।
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दबिश: पुलिस ने आसपास के कई ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि अपराधियों को जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
बोकारो में ट्रक फूंकने की यह घटना केवल एक वाहन का नुकसान नहीं है, बल्कि यह राज्य के औद्योगिक विकास पर एक प्रहार है। अगर रंगदारी मांगने वाले इन तत्वों पर अभी नकेल नहीं कसी गई, तो निवेश करने वाली कंपनियां कदम पीछे खींच सकती हैं। चंद्रपुरा पुलिस के लिए यह एक बड़ी चुनौती है कि वे जल्द से जल्द इन 'अदृश्य' अपराधियों को बेनकाब करें। फिलहाल, इलाके में सन्नाटा है और जली हुई ट्रक की राख पुलिस की जांच का इंतजार कर रही है।
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