Barajamda Theft: बड़ाजामदा बाजार में दो मोबाइल दुकानों से 30 लाख की चोरी, ओडिशा के 'नशेड़ी गैंग' पर शक
बड़ाजामदा बाजार में बीती रात दो मोबाइल दुकानों का ताला तोड़कर 30 लाख के फोन चोरी कर लिए गए हैं। ओडिशा से सक्रिय नाबालिगों के नशेड़ी गिरोह और पुलिस की छापेमारी की पूरी इनसाइड रिपोर्ट यहाँ देखें।
बड़ाजामदा/पश्चिम सिंहभूम, 11 अप्रैल 2026 – झारखंड-ओडिशा सीमा पर स्थित प्रमुख व्यापारिक केंद्र बड़ाजामदा इन दिनों अपराधियों के निशाने पर है। बीती रात अज्ञात चोरों ने बाजार क्षेत्र में दुस्साहस का परिचय देते हुए दो मोबाइल दुकानों को अपना निशाना बनाया और करीब 30 लाख रुपये के बेशकीमती स्मार्टफोन्स पर हाथ साफ कर दिया। इस बड़ी वारदात ने न केवल पुलिसिया गश्ती पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि स्थानीय व्यापारियों की नींद भी उड़ा दी है। बड़ाजामदा थाना प्रभारी बालेश्वर उरांव के नेतृत्व में पुलिस की टीमें अब पड़ोसी राज्य तक सुराग तलाश रही हैं।
30 लाख की लूट: ताला तोड़कर शोरूम को किया साफ
चोरों ने इस वारदात को बेहद शातिराना तरीके से अंजाम दिया।
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एक साथ दो शिकार: बाजार स्थित दो बड़ी मोबाइल दुकानों के ताले तोड़कर चोर अंदर दाखिल हुए। उन्होंने केवल महंगे और ब्रांडेड हैंडसेट्स को चुना ताकि उन्हें काले बाजार में आसानी से बेचा जा सके।
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दहशत में दुकानदार: सुबह जब दुकानदारों ने शटर उठा देखा, तो उनके होश उड़ गए। 30 लाख की संपत्ति गायब होने की खबर आग की तरह पूरे बड़ाजामदा बाजार में फैल गई।
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पुलिस की शुरुआती सफलता: थाना प्रभारी ने बताया कि एक दिन पूर्व ही पुलिस ने एक नाबालिग को चोरी के मोबाइल के साथ दबोचा था, लेकिन उसके बाकी साथी इस बड़ी वारदात को अंजाम देने में सफल रहे।
ओडिशा कनेक्शन: नशे की लत में 'बच्चा गैंग' बना काल
थाना प्रभारी बालेश्वर उरांव की प्रारंभिक जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।
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सीमा पार से घुसपैठ: पुलिस को पुख्ता अंदेशा है कि इन चोरी की घटनाओं के पीछे ओडिशा से आने वाले नाबालिगों का हाथ है।
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नशे का जाल: ये नाबालिग बच्चे नशे की लत को पूरा करने के लिए छोटी-बड़ी चोरियां करते हैं और अब इनका गिरोह इतना संगठित हो गया है कि वे लाखों की दुकानों को साफ कर रहे हैं।
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गश्ती में तेजी: घटना के बाद बाजार क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है और संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी जारी है।
लौह अयस्क की नगरी और 'इंटर-स्टेट' क्राइम की चुनौती
बड़ाजामदा केवल एक बाजार नहीं, बल्कि एशिया के सबसे बड़े लौह अयस्क (Iron Ore) क्षेत्रों का प्रवेश द्वार रहा है।
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खनिज हब का उदय: ऐतिहासिक रूप से बड़ाजामदा झारखंड और ओडिशा के बीच व्यापारिक सेतु रहा है। लौह अयस्क के परिवहन के कारण यहाँ हमेशा से नकदी का प्रवाह अधिक रहा है, जिसने बाहरी अपराधियों को आकर्षित किया है।
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सीमावर्ती सुरक्षा की चुनौती: बड़ाजामदा की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि अपराधी झारखंड में वारदात कर कुछ ही मिनटों में ओडिशा की सीमा में दाखिल हो जाते हैं। इतिहास गवाह है कि यहाँ 'इंटर-स्टेट गैंग' हमेशा से सक्रिय रहे हैं।
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बदलता अपराध: पहले यहाँ केवल ट्रकों से लौह अयस्क की चोरी की चर्चा होती थी, लेकिन अब हाई-टेक मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक सामानों की चोरी ने व्यापारियों के लिए नया संकट खड़ा कर दिया है।
व्यापारियों का अल्टीमेटम और पुलिस का घेरा
स्थानीय व्यापार संघ ने इस घटना पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है और प्रशासन से सुरक्षा पुख्ता करने की मांग की है।
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सीसीटीवी और सर्विलांस: पुलिस चोरी किए गए मोबाइल के IMEI नंबर को सर्विलांस पर डाल रही है। साथ ही बाजार में लगे तमाम सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि ओडिशा की ओर भागने वाले रास्तों की पहचान हो सके।
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नाबालिग गिरोह पर शिकंजा: पुलिस उन कबाड़ियों और मोबाइल रिपेयरिंग दुकानों पर भी नजर रख रही है जहाँ ये नाबालिग चोरी के फोन सस्ते दामों में खपाते हैं।
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रात की गश्त: थाना प्रभारी ने व्यापारियों को भरोसा दिया है कि रात के समय गश्ती टीम अब हर गली और नुक्कड़ पर मौजूद रहेगी।
बड़ाजामदा बाजार में हुई 30 लाख की यह चोरी केवल एक आर्थिक क्षति नहीं, बल्कि सीमावर्ती सुरक्षा व्यवस्था में लगी एक बड़ी सेंध है। नशे की गिरफ्त में फंसे नाबालिगों का इस्तेमाल अगर इसी तरह होता रहा, तो यह व्यापारिक नगरी असुरक्षा के गहरे गर्त में चली जाएगी। बालेश्वर उरांव की टीम के लिए यह साख का सवाल है कि वे कितनी जल्दी 'ओडिशा कनेक्शन' को तोड़कर मुख्य सरगना तक पहुँचते हैं। फिलहाल, बड़ाजामदा के व्यापारी अपनी दुकानों के बाहर खुद पहरा देने को मजबूर हैं और प्रशासन की ठोस कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
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