Adityapur Arrest: भाजपा नेता के घर फायरिंग करने वाले 3 शूटर गिरफ्तार, रंगदारी के लिए फैलाई थी दहशत, देसी कट्टा और कारतूस बरामद

आदित्यपुर में भाजपा नेता सपन दास के घर फायरिंग करने वाले तीन शातिर अपराधियों को पुलिस ने हथियारों के साथ दबोच लिया है। दहशत फैलाकर रंगदारी वसूलने की इस बड़ी साजिश की पूरी इनसाइड रिपोर्ट यहाँ देखें।

Apr 10, 2026 - 15:11
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Adityapur Arrest: भाजपा नेता के घर फायरिंग करने वाले 3 शूटर गिरफ्तार, रंगदारी के लिए फैलाई थी दहशत, देसी कट्टा और कारतूस बरामद
Adityapur Arrest: भाजपा नेता के घर फायरिंग करने वाले 3 शूटर गिरफ्तार, रंगदारी के लिए फैलाई थी दहशत, देसी कट्टा और कारतूस बरामद

आदित्यपुर/जमशेदपुर, 10 अप्रैल 2026 – सरायकेला-खरसावां जिले के सबसे संवेदनशील इलाकों में शुमार आदित्यपुर में भाजपा नेता सपन दास के घर हुई फायरिंग मामले का पुलिस ने महज कुछ ही घंटों में सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। एसपी मुकेश लुणायत के नेतृत्व में गठित एसआईटी (SIT) ने कार्रवाई करते हुए घटना में शामिल तीन मुख्य शूटरों को गिरफ्तार कर लिया है। इनके पास से पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किए गए अवैध हथियार भी बरामद किए हैं। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने अपराधियों के उस मंसूबे पर पानी फेर दिया है, जिसके जरिए वे शहर में खौफ का नया साम्राज्य खड़ा करना चाहते थे।

दहशत का मास्टरप्लान: रंगदारी के लिए दागी गई थीं गोलियां

शुक्रवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसपी मुकेश लुणायत ने इस पूरी वारदात के पीछे छिपे 'गंदे खेल' का पर्दाफाश किया।

  • पकड़े गए अपराधी: पुलिस के हत्थे चढ़े अपराधियों की पहचान प्रेम कुमार सिंह उर्फ जानू, राजू उर्फ टकला और चंदन गोराई के रूप में हुई है।

  • हथियारों की बरामदगी: इनके पास से दो देसी कट्टा और कई जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। पूछताछ में इन तीनों ने स्वीकार किया कि भाजपा नेता के घर पर फायरिंग उन्होंने ही की थी।

  • मकसद: अपराधियों का उद्देश्य भाजपा नेता की हत्या करना नहीं, बल्कि आशियाना रोड और आसपास के व्यवसायियों के बीच अपना खौफ पैदा करना था ताकि भविष्य में मोटी रंगदारी वसूली जा सके।

तकनीकी जाल में फंसे शूटर: एसआईटी की बड़ी जीत

भाजपा नेता के घर फायरिंग की घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल था, जिसे देखते हुए एसपी ने एक विशेष टीम बनाई थी।

  1. साइंटिफिक जांच: पुलिस ने घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन का बारीकी से अध्ययन किया। तकनीकी साक्ष्यों ने सीधे तौर पर 'जानू' और 'टकला' की ओर इशारा किया।

  2. ताबड़तोड़ छापेमारी: पुख्ता जानकारी मिलने के बाद एसआईटी ने अपराधियों के ठिकानों पर दबिश दी। पुलिस को देखते ही अपराधियों ने भागने की कोशिश की, लेकिन घेराबंदी इतनी तगड़ी थी कि उन्हें सरेंडर करना पड़ा।

  3. न्यायिक हिरासत: शुक्रवार दोपहर को सभी आरोपियों की मेडिकल जांच कराने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

 'अपराध और औद्योगिक हब' के बीच का संघर्ष

आदित्यपुर, जो एशिया के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्रों में से एक है, उसका इतिहास अपराध और वर्चस्व की लड़ाई से पुराना रहा है।

  • इंडस्ट्रियल बेल्ट और रंगदारी: 1980 और 90 के दशक से ही आदित्यपुर की कंपनियों और बड़े नेताओं से रंगदारी मांगना अपराधियों का पेशा रहा है। यहाँ की घनी बस्तियां और गलियां अपराधियों को छिपने के लिए 'सेफ हेवन' प्रदान करती रही हैं।

  • सपन दास और राजनीतिक रंजिश: भाजपा नेता सपन दास इस क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। पूर्व में भी आदित्यपुर के राजनीतिक घरानों और उनके समर्थकों पर हमले का इतिहास रहा है, जो अक्सर ठेकेदारी या वर्चस्व की लड़ाई का नतीजा होते हैं।

  • पुलिस की बदलती रणनीति: पिछले कुछ वर्षों में सरायकेला पुलिस ने आदित्यपुर में 'क्राइम कंट्रोल' के लिए हाई-टेक पेट्रोलिंग और इंटेलिजेंस विंग को मजबूत किया है, जिससे अब बड़े अपराधी भी जल्द सलाखों के पीछे पहुँच रहे हैं।

अगली कार्रवाई: गिरोह के 'स्लीपर सेल्स' पर पुलिस की नजर

भले ही तीन शूटर पकड़ लिए गए हों, लेकिन पुलिस की तफ्तीश अभी खत्म नहीं हुई है।

  • मुख्य सरगना की तलाश: एसपी ने संकेत दिए हैं कि इन तीनों के पीछे कोई 'बड़ा दिमाग' हो सकता है जो जेल के अंदर या बाहर से इन्हें निर्देश दे रहा था। पुलिस अब इनके कॉल डिटेल्स खंगाल रही है।

  • रंगदारी की लिस्ट: पुलिस यह भी जांच रही है कि इन अपराधियों ने आशियाना रोड के किन-किन व्यवसायियों को धमकी भरे कॉल किए थे।

  • सख्त संदेश: प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि आदित्यपुर को 'क्राइम फ्री' बनाने के लिए अभियान जारी रहेगा और रंगदारी मांगने वालों के खिलाफ सीसीए (CCA) जैसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

आदित्यपुर में भाजपा नेता के घर पर हुई फायरिंग केवल एक हमला नहीं, बल्कि पुलिस की इकबाल को चुनौती थी। एसपी मुकेश लुणायत की टीम ने तीन दिनों के भीतर जानू, टकला और चंदन को सलाखों के पीछे भेजकर यह साबित कर दिया है कि अब अपराध कर भागना आसान नहीं है। रंगदारी के इस सिंडिकेट पर हुई यह चोट स्थानीय व्यवसायियों के लिए एक बड़ी राहत है। हालांकि, आशियाना रोड के निवासियों में अब भी डर का साया है, जिसे दूर करने के लिए पुलिस ने क्षेत्र में गश्त बढ़ाने का वादा किया है। फिलहाल, सपन दास के घर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।