Karaikela Maut: सड़क हादसे में मुखिया के भतीजे समेत दो युवकों की मौत, चीख-पुकार से दहला बाज़ार
पश्चिमी सिंहभूम के कराईकेला में शुक्रवार शाम हुआ खूनी सड़क हादसा। चक्रधरपुर से बंदगांव जा रही स्कॉर्पियो ने बाइक को इतनी ज़ोरदार टक्कर मारी कि दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। NH-43 पर हुए इस खूनी हादसे के बाद क्या हुआ? जानिए।
पश्चिमी सिंहभूम, 13 दिसंबर 2025 – शुक्रवार की शाम पश्चिमी सिंहभूम जिले के कराईकेला में काला दिन साबित हुई। बाजार से लौट रहे दो युवकों की सड़क हादसे में मौत होने के बाद पूरे इलाके में मातम छा गया है। यह दर्दनाक हादसा चाईबासा-रांची मुख्य मार्ग पर पानी टंकी के पास घटा, जिसने क्षेत्रीय सड़क सुरक्षा (Road Safety) व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बाजार से लौटते समय काल ने मारा झपट्टा
स्थानीय लोगों के अनुसार, शुक्रवार शाम दोनों युवक अपनी बाइक पर सवार होकर कराईकेला के साप्ताहिक हाट बाजार (Weekly Market) से चक्रधरपुर की ओर जा रहे थे। उत्सव और खरीदारी के माहौल के बाद घर लौटने की खुशी पलभर में भयानक दुख में बदल गई। सामने से चक्रधरपुर से बंदगांव की ओर जा रही तेज रफ्तार स्कॉर्पियो (Scorpio) ने उनकी बाइक को सामने से टक्कर मार दी।
टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग दहशत में आ गए। टक्कर की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बाइक सवार दोनों युवकों की मौके पर ही मौत (Spot Death) हो गई। हादसे में स्कॉर्पियो और बाइक दोनों के सामने का हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त (Damaged) हो गया।
मुखिया के भतीजे की पहचान, पूरे गांव में शोक
हादसे के बाद स्थानीय लोगों की मदद से दोनों शवों (Bodies) को चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल लाया गया। वहाँ भीड़ में उपस्थित लोगों ने एक युवक की पहचान चक्रधरपुर थाना क्षेत्र की सिमीदीरी पंचायत के मुखिया महेंद्र पूर्ति के भतीजे महेश पूर्ति के रूप में की। दूसरे युवक की पहचान श्यामराईडीह गांव के निवासी के रूप में हुई। मुखिया परिवार से जुड़े युवक की मौत की खबर से सिमीदीरी समेत आसपास के सभी गांवों में शोक (Grief) की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में लोग खबर सुनकर अनुमंडल अस्पताल पहुंचे।
सड़क पर बढ़ते हादसों का इतिहास
यह हादसा उस राष्ट्रीय राजमार्गपर हुआ है, जो झारखंड और ओडिशा के कई महत्वपूर्ण हिस्सों को जोड़ता है। पिछले कुछ सालों में इस सड़क पर दुर्घटनाओं की संख्या तेजी से बढ़ी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि तेज रफ्तारी, शाम के समय दृश्यता की कमी और ट्रकों सहित तेज गति से चलने वाले वाहनों पर नियंत्रण (Control) की कमी इन हादसों की मुख्य वजह है। दुर्भाग्यवश, साप्ताहिक हाट बाजार के बंद होने के समय इस मार्ग पर भीड़ और तेज वाहन दोनों होते हैं, जिससे यह क्षेत्र एक खतरनाक ‘डेथ स्पॉट’ बन गया है। अधिकारियों को अब तक इन हादसों को रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिसका परिणाम आज दो परिवारों ने भुगता है।
पुलिस जांच में जुटी
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल में जुट गई। पुलिस ने स्कॉर्पियो के चालक (Driver) की तलाश शुरू कर दी है, जो हादसे के बाद फरार हो गया। यह दुखद घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि यातायात नियमों का पालन और सड़क सुरक्षा को गंभीरता से लेना कितना आवश्यक है।
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