Chaibasa Murder : चाइबासा में डायन बिसाही के आरोप, 60 वर्षीय वृद्ध महिला की धारदार हथियार से हत्या, सड़ा गला शव पुलिया के पास फेंका
पश्चिमी सिंहभूम के बालजुड़ी गांव में 60 वर्षीय जमुना पूर्ति की हत्या क्यों की गई? क्या आप जानते हैं कि डायन-बिसाही का आरोप लगाकर उनकी हत्या करने के बाद शव को पोटोलोर पुलिया के पास क्यों फेंका गया? गायब होने की सूचना के बाद भी पुलिस ने कार्रवाई क्यों नहीं की? बेटे ने गांव के रामेश्वर पूर्ति पर कौन सा गंभीर आरोप लगाया है? पूरी जानकारी पढ़ें!
चाईबासा, 31 अक्टूबर 2025 – झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में एक बार फिर अंधविश्वास और डायन-बिसाही की कुप्रथा ने मानवता को शर्मसार कर दिया है। सोनुवा प्रखंड के बालजुड़ी गांव में 60 वर्षीय वृद्ध महिला जमुना पूर्ति की गांव के ही कुछ लोगों ने डायन होने का आरोप लगाकर धारदार हथियार से निर्मम हत्या कर दी। हत्यारों ने साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से शव को गोईलकेरा जाने वाली पुलिया (पोटोलोर) के पास फेंक दिया। यह घटना दिखाती है कि आधुनिक दौर में भी राज्य में अंधविश्वास की जड़ें कितनी गहरी हैं, जिसके चलते हर साल कई महिलाओं को अपनी जान गंवानी पड़ती है।
6 दिन बाद मिला सड़ा गला शव: गांव में दहशत का माहौल
बालजुड़ी गांव निवासी जमुना पूर्ति अपने छोटे बेटे की पत्नी सुखमती पूर्ति और बेटी सूर्यमणि कुंकल के साथ रहती थीं।
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रहस्यमय ढंग से गायब: रविवार रात को जमुना पूर्ति घर से रहस्यमय ढंग से गायब हो गईं। परिजनों ने उनकी काफी खोजबीन की, लेकिन कहीं पता नहीं चला। इसके बाद गुजरात और चेन्नई में मजदूरी कर रहे दोनों बेटों शिव कुमार पूर्ति और सनातन पूर्ति को घटना के बारे में बताया गया।
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शव मिलने से सनसनी: शुक्रवार की सुबह जब ग्रामीण शौच करने गए, तो उन्होंने गोईलकेरा जाने वाली पुलिया के पास वृद्ध महिला के सड़े-गले शव को देखा। हत्या के 6 दिन बाद शव मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई।
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हत्या की जगह: पुलिस की शुरुआती जांच से पता चला कि महिला की हत्या उनके घर में ही धारदार हथियार से की गई थी और साक्ष्य छुपाने के लिए शव को पुलिया के पास फेंका गया था।
बेटे का गंभीर आरोप: पुलिस कार्रवाई में देरी से गंभीर सवाल
मृतका जमुना पूर्ति के बड़े बेटे सनातन पूर्ति ने सीधे तौर पर ग्रामीणों पर डायन-बिसाही के आरोप में हत्या करने का आरोप लगाया है।
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झगड़े का इतिहास: सनातन पूर्ति ने बताया कि गांव में किसी की मृत्यु होने पर उनकी मां पर आरोप लगाया जाता था और झगड़ा भी होता था।
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रामेश्वर पूर्ति पर शक: उनकी बहन सूर्यमुणि कुंकल ने सुना था कि हत्या के दो दिन पहले रामेश्वर पूर्ति नामक एक व्यक्ति नशे के हालत में चिल्ला-चिल्लाकर कह रहा था कि आज किसी की हत्या करेंगे कोई कुछ नहीं करेगा।
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पुलिस पर सवाल: परिजनों ने लापता होने के बाद पुलिस को सूचना दी थी, लेकिन पुलिस द्वारा कोई भी कार्रवाई नहीं की गई। बेटे ने आरोप लगाया कि अगर पुलिस समय रहते कार्रवाई करती तो शायद उनकी मां की जान बच जाती।
पोस्टमार्टम के लिए जमशेदपुर भेजा गया शव
ग्रामीणों की सूचना पर सोनुवा पुलिस घटनास्थल पहुंची।
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पोस्टमार्टम में देरी: पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल भेजा, लेकिन शव सड़ा गला होने के कारण वहां पोस्टमार्टम नहीं हो सका। इसके बाद शव को एमजीएम अस्पताल जमशेदपुर ले जाया गया।
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थाना प्रभारी: घटना की जानकारी के लिए जब सोनुवा थाना प्रभारी शशि बाला भेंगरा को फोन किया गया, तो उन्होंने फोन नहीं उठाया, जिससे मामले की पूरी जानकारी नहीं मिल सकी।
यह घटना एक बार फिर झारखंड में डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम, 2001 के बावजूद अंधविश्वास के बढ़ते जहर को दर्शाती है। राज्य में शिक्षा और जागरूकता के अभाव में आज भी कई निर्दोष महिलाएं इस कुप्रथा का शिकार हो रही हैं।
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