Raniganj Mine Blast: परसिया कोलियरी में भीषण एयर ब्लास्ट, 40 से अधिक खनिक घायल, दो पदाधिकारी भी घायल
ईसीएल की परसिया कोलियरी में भीषण एयर ब्लास्ट, 40 से अधिक खनिक घायल, दो पदाधिकारी भी शामिल, खदान में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल।
West Bengal Shocker: पश्चिम बंगाल में ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) के कुनस्तोरिया एरिया के अंतर्गत परसिया कोलियरी की भूमिगत खदान में हुए भीषण विस्फोट के कारण 40 से अधिक खनिक गंभीर रूप से जख्मी हो गए।
सुबह 10:30 बजे हुआ भीषण एयर ब्लास्ट
बुधवार सुबह पहली पाली में मजदूर कोयले की कटाई में जुटे थे, तभी 10:30 बजे के करीब खदान के अंदर अचानक भारी एयर ब्लास्ट हो गया। बने भारी एयर प्रेशर के कारण आसपास काम कर रहे मजदूर दूर फेंक दिए गए।
40 से अधिक मजदूर घायल, दो पदाधिकारी भी शामिल
इस हादसे में 40 से अधिक मजदूर गंभीर रूप से जख्मी हो गए। घायलों में खदान के दो पदाधिकारी भी शामिल थे।
एयर ब्लास्ट क्या होता है?
भूमिगत कोयला खदानों में एयर ब्लास्ट बहुत खतरनाक दुर्घटना होती है, जिसमें भूमिगत खदान की चाल (ऊपर की छत) धंसने के कारण घटती है। अचानक चाल टूटकर गिरने से खान के खाली स्थानों में वर्तमान हवा अचानक भारी दबाव के साथ बाहर की ओर निकलती है, जिससे मजदूरों की जान तक जा सकती है।
प्रत्यक्षदर्शी ने सुनाई दर्दनाक दास्तान
हादसे में बचे राकेश नामक प्रत्यक्षदर्शी मजदूर ने बताया कि दिन के साढ़े दस बजे के करीब खदान के अंदर जोरदार धमाका सुनाई दिया और उसके साथ ही खदान के अंदर हवा का बहुत भारी दबाव बना, जिसके कारण वहां काम कर रहे मजदूर दूर जा गिरे। मजदूरों को कुछ समझ में आता, उससे पहले ही पूरा इलाका धूल और धुएं से भर गया।
घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया
हादसे की सूचना पाकर खान के पदाधिकारियों ने वहां राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। घायलों को खदान से बाहर निकाल कर:
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रानीगंज के बांसड़ा एरिया अस्पताल
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ईसीएल के अन्य अस्पतालों
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दुर्गापुर के एक निजी अस्पताल
में भर्ती कराया गया।
कई घायलों की हालत गंभीर
अस्पताल में कई घायल मजदूरों की हालत गंभीर बताई गई है। हादसे में जख्मी परसिया खदान के अतिरिक्त प्रबंधक दिलीप कुमार का भी इलाज चल रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल, मजदूर संगठनों ने शुरू किया प्रदर्शन
इस हादसे के बाद ईसीएल के खदानों में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। मजदूर संगठनों ने प्रदर्शन आरंभ कर दिया है। उनका कहना है कि खदान की सुरक्षा व्यवस्था में कमी एवं खान प्रबंधन की लापरवाही के कारण इतना बड़ा हादसा हुआ है।
उच्चस्तरीय जांच की मांग
श्रमिक संगठनों ने इस हादसे की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषी खान अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है।
आपकी राय क्या है – क्या कोयला खदानों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण ऐसे हादसे बढ़ रहे हैं? कमेंट में बताएं।
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