Koderma Accident : कोडरमा में मुंबई से लौट रहे प्रवासियों का ऑटो पलटा, मची चीख-पुकार, पांच लहूलुहान, एक की हालत नाजुक

कोडरमा के चंदवारा में मुंबई से लौट रहे प्रवासी मजदूरों का ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया है। हजारीबाग के चौपारण निवासी पांच मजदूरों के घायल होने और गंभीर रूप से जख्मी एक युवक के सदर अस्पताल में इलाज की पूरी ग्राउंड रिपोर्ट यहाँ देखें।

Mar 26, 2026 - 13:27
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Koderma Accident : कोडरमा में मुंबई से लौट रहे प्रवासियों का ऑटो पलटा, मची चीख-पुकार, पांच लहूलुहान, एक की हालत नाजुक
Koderma Accident : कोडरमा में मुंबई से लौट रहे प्रवासियों का ऑटो पलटा, मची चीख-पुकार, पांच लहूलुहान, एक की हालत नाजुक

कोडरमा/चंदवारा, 26 मार्च 2026 – झारखंड के कोडरमा जिले के चंदवारा थाना क्षेत्र में गुरुवार की अहले सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने सबको झकझोर कर रख दिया। मुंबई की चकाचौंध से अपने गांव की मिट्टी की ओर लौट रहे पांच प्रवासी मजदूर मंजिल के बेहद करीब पहुँचकर हादसे का शिकार हो गए। चंदवारा के ढाब-पांडेयबारा रोड पर स्थित मस्जिद के समीप एक तेज रफ्तार ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया, जिसमें सवार सभी पांचों मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। सुबह करीब 5 बजे हुई इस घटना के बाद इलाके में चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों की तत्परता और पुलिस की मुस्तैदी से घायलों को तुरंत सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहाँ एक मजदूर की हालत चिंताजनक बनी हुई है।

मंजिल से चंद कदम दूर टूटा सपना: कैसे हुआ हादसा?

मुंबई में कड़ी मेहनत कर अपनों के लिए खुशियां समेटकर लौट रहे इन मजदूरों को अंदाजा भी नहीं था कि सफर का अंत अस्पताल के बेड पर होगा।

  • ट्रेन से ऑटो का सफर: जानकारी के मुताबिक, ये सभी मजदूर मुंबई से ट्रेन के जरिए कोडरमा रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। वहां से अपने घर यानी हजारीबाग के चौपारण जाने के लिए उन्होंने एक ऑटो किराए पर लिया था।

  • रफ्तार का कहर: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह के वक्त सड़क खाली होने के कारण ऑटो की रफ्तार काफी तेज थी। मस्जिद के पास पहुंचते ही चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया और ऑटो बीच सड़क पर ही पलट गया।

  • चौपारण के रहने वाले: घायल मजदूरों की पहचान हजारीबाग जिले के चौपारण प्रखंड के निवासियों के रूप में हुई है। घर पहुँचने की खुशी में झूम रहे इन परिवारों के लिए अब यह खबर किसी पहाड़ टूटने जैसी है।

चीख-पुकार और देवदूत बने स्थानीय ग्रामीण

हादसे के वक्त जब चारों ओर अंधेरा और सन्नाटा था, तब जोरदार आवाज सुनकर स्थानीय लोग घरों से बाहर निकल आए।

  1. रेस्क्यू ऑपरेशन: ग्रामीणों ने बिना देर किए ऑटो के नीचे दबे मजदूरों को बाहर निकालना शुरू किया। खून से लथपथ मजदूरों को ढांढस बंधाया और तुरंत पुलिस को सूचित किया।

  2. पुलिस की कार्रवाई: चंदवारा थाना पुलिस सूचना मिलते ही मौके पर पहुँची और एम्बुलेंस के जरिए सभी घायलों को कोडरमा सदर अस्पताल भेजा।

  3. डॉक्टरों की टीम: सदर अस्पताल में डॉक्टरों की एक विशेष टीम घायलों के इलाज में जुटी है। बताया जा रहा है कि एक मजदूर के सिर और छाती में गंभीर चोटें आई हैं, जिसे निगरानी (Observation) में रखा गया है।

झारखंड में प्रवासी मजदूरों का संघर्ष और हादसों का इतिहास

झारखंड की अर्थव्यवस्था में प्रवासी मजदूरों की रीढ़ की हड्डी माना जाता है, लेकिन उनके सफर की सुरक्षा हमेशा एक बड़ा सवाल रही है।

  • पलायन का दर्द: कोडरमा और हजारीबाग जैसे जिलों से हजारों युवा रोजगार की तलाश में मुंबई, सूरत और दिल्ली जैसे महानगरों का रुख करते हैं। त्योहारों या छुट्टियों में जब ये घर लौटते हैं, तो स्टेशन से गांव तक का सफर अक्सर असुरक्षित वाहनों के भरोसे होता है।

  • रफ्तार और ओवरलोडिंग: कोडरमा की घाटियों और ग्रामीण सड़कों पर तड़के सुबह होने वाले हादसों का मुख्य कारण ड्राइवरों की नींद या तेज रफ्तार होती है। इससे पहले भी बरही और चौपारण के आसपास कई ऐसे हादसे हुए हैं जहाँ घर लौटते मजदूरों ने अपनी जान गंवाई है।

  • सरकारी अपील: प्रशासन ने बार-बार अपील की है कि लंबी दूरी तय करने के बाद स्टेशन से गांव जाने के लिए सुरक्षित परिवहन का ही चुनाव करें।

अगला कदम: जांच और सहायता की मांग

पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त ऑटो को जब्त कर लिया है और चालक की तलाश की जा रही है, जो मौके से फरार बताया जा रहा है।

  • सटीक कारणों की जांच: पुलिस यह पता लगा रही है कि क्या हादसा केवल तेज रफ्तार की वजह से हुआ या वाहन में कोई तकनीकी खराबी थी।

  • मुआवजे की उम्मीद: स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि घायल मजदूरों के इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाए और पीड़ित परिवारों को उचित आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।

  • सड़क सुरक्षा अभियान: चंदवारा पुलिस अब रात और सुबह के वक्त सड़कों पर गश्त बढ़ाने और वाहनों की गति सीमा की जांच करने की योजना बना रही है।

 कोडरमा के चंदवारा में हुआ यह हादसा हमें याद दिलाता है कि सफर चाहे कितना भी छोटा क्यों न हो, सावधानी हटने पर वह जानलेवा साबित हो सकता है। मुंबई की भागदौड़ से बचकर सुकून की तलाश में आए इन मजदूरों के लिए अब दुआओं का दौर जारी है। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सफर के दौरान जल्दबाजी न करें। क्या घायल मजदूर जल्द स्वस्थ होकर अपने घर पहुँच पाएंगे? फिलहाल, कोडरमा सदर अस्पताल में घायलों का इलाज जारी है और पुलिस मामले की तहकीकात कर रही है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।